प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम् जिले के भोगापुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं का तथा उद्घाटन कर इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया
आज की विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और संपर्क अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाएं राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी : प्रधानमंत्री
जिस भूमि पर अल्लूरी सीताराम राजू जी ने जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया था, उसी भूमि पर आज आंध्र प्रदेश के लिए एक नए हवाई अड्डे का उद्घाटन किया जा रहा है : प्रधानमंत्री
यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश और उत्तर आंध्र के विकास का रनवे है, यह आंध्र प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक लॉन्चपैड है : प्रधानमंत्री
यह बेहद ज़रूरी है कि आंध्र प्रदेश और राष्ट्र हमारी प्रतिभाशाली युवा शक्ति की क्षमता से अधिकतम लाभ प्राप्त करें; यह सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान में हमारा ध्यान सेमीकंडक्टर जैसी भविष्य उन्मुख प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर केंद्रित है, विशाखापत्तनम में नए सेमीकंडक्टर संयंत्र के शिलान्यास का समारोह इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है : प्रधानमंत्री
आज देश अपनी ब्लू इकोनॉमी को निरंतर सुदृढ़ बना रहा है; हमारा विज़न इस पूरे क्षेत्र को एक तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित करने का है। इसी उद्देश्य से विशाखापत्तनम से लेकर कृष्णपट्टनम तक हमारे पुराने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। साथ ही, मुलापेटा और रामायपट्टनम में नए बंदरगाहों का भी निर्माण किया जा रहा है : प्रधानमंत्री
प्रविष्टि तिथि:
01 AUG 2026 3:05PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज आंध्र प्रदेश के विजयनगरम् जिले के भोगापुरम में 17,900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास तथा उद्घाटन किया और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। स्वर्ण आंध्र के विज़न के लिए इस दिन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने इस शुभ माह में उत्तर आंध्र की पावन धरती पर आने का अवसर मिलने के लिए गहन आभार व्यक्त किया तथा भगवान श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी, श्री कूर्मनाथ स्वामी और मां पैडितल्ली अम्मावारु को अपनी श्रद्धापूर्ण वंदना अर्पित की। श्री मोदी ने कहा, “आज उत्तर आंध्र की पवित्र भूमि पर उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है।”
लगभग अठारह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डा अवसंरचना, सड़क संपर्क और ऊर्जा सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी ये बहुआयामी पहलें राज्य की तीव्र प्रगति का सशक्त प्रतीक हैं। श्री मोदी ने कहा, “ये विकास कार्य उस अद्भुत गति के सच्चे प्रतीक हैं, जिसके साथ आंध्र प्रदेश आगे बढ़ रहा है।”
इस अवसर को अभूतपूर्व ऐतिहासिक महत्व का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विशाल अवसंरचनात्मक उपलब्धियों के साथ-साथ आज का दिन पारंपरिक धीमसा नृत्य के माध्यम से स्थापित एक शानदार विश्व रिकॉर्ड का भी साक्षी बना है। श्री मोदी ने कहा, “आज का यह कार्यक्रम अनेक मोर्चों पर नया इतिहास रचने और नए कीर्तिमान स्थापित करने का अवसर है।”
तेरह हजार से अधिक जनजातीय बहनों और बेटियों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके अद्भुत उत्साह और अनुशासन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह जीवंत प्रस्तुति देश की समृद्ध विविधता और गहराई से संरक्षित जनजातीय विरासत का सुंदर प्रतिबिंब है। श्री मोदी ने कहा, “यहां प्रदर्शित हमारी जनजातीय संस्कृति का गौरव वास्तव में अत्यंत भव्य और अविस्मरणीय दृश्य था।”
जनजातीय समुदायों के महानायक अल्लूरी सीताराम राजू के वीरतापूर्ण योगदान और जनजातीय कल्याण के प्रति उनके आजीवन समर्पण को नमन् करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी पावन भूमि पर आरंभ किया गया यह नया हवाई अड्डा क्षेत्रीय विकास के लिए एक महत्वपूर्ण रनवे तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सशक्त लॉन्चपैड है। श्री मोदी ने कहा, “यह हवाई अड्डा आंध्र प्रदेश और उत्तर आंध्र के विकास का रनवे है। यह आंध्र प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए एक लॉन्चपैड है।”
नए हवाई अड्डे का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखने के सरकार के औपचारिक निर्णय की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह स्मरणीय श्रद्धांजलि इस हवाई अड्डे से होकर गुजरने वाले प्रत्येक यात्री में राष्ट्रसेवा की गहरी भावना का संचार करेगा। श्री मोदी ने कहा, “इस हवाई अड्डे से यात्रा करने वाला प्रत्येक नागरिक श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम से जनसेवा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा प्राप्त करेगा।”
पिछले बारह वर्षों में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुए असाधारण परिवर्तन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में केवल 74 परिचालित हवाई अड्डे थे, जबकि आज उनकी संख्या बढ़कर 166 हो गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से छोटे शहरों के सामान्य नागरिकों के लिए भी हवाई यात्रा सुलभ हुई है। श्री मोदी ने कहा, “आज छोटे शहरों के सामान्य लोग भी सुविधापूर्वक हवाई यात्रा कर रहे हैं। अब वह समय नहीं रहा जब हवाई यात्रा केवल बड़े महानगरों तक सीमित थी।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि उड़ान योजना ने देश के नागरिक उड्डयन परिदृश्य में बुनियादी बदलाव लाने का कार्य किया है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने गरीब से गरीब परिवारों को भी हवाई यात्रा का सपना साकार करने का अवसर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में 29,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश के साथ उड़ान योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया है। श्री मोदी ने कहा, “इस योजना ने गरीब से गरीब लोगों को भी अपने जीवन भर के सपनों को पूरा करने में सक्रिय रूप से सहायता की है।”
नागरिक उड्डयन क्षेत्र की एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में काशी में प्रारंभ किए गए ‘स्पोक एयरपोर्ट’ मॉडल का उल्लेख किया, जिसे अब सफलतापूर्वक अमृतसर तक विस्तृत कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप पंजाब का यह शहर अब 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जुड़ गया है। श्री मोदी ने कहा, “आंध्र प्रदेश की इसी पावन भूमि से मैं इस उपलब्धि के लिए पंजाब के लोगों को भी हार्दिक बधाई देता हूं।”
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास के एजेंडा को अब दोगुनी गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हमारे आंध्र प्रदेश में विकसित भारत के लिए सर्वोच्च विकास इंजन बनने की अपार क्षमता हमेशा से रही है।”
देश की ब्लू इकोनॉमी को सशक्त बनाने की राष्ट्रीय रणनीति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम से कृष्णपट्टनम तक स्थित मौजूदा बंदरगाहों के आधुनिकीकरण तथा मुलापेटा और रामायपट्टनम में नए बंदरगाहों के निर्माण के माध्यम से पूरे तटीय क्षेत्र को एक एकीकृत तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परिकल्पना प्रस्तुत की। श्री मोदी ने कहा, “हमारा रणनीतिक विज़न इस पूरे क्षेत्र को एक समृद्ध तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में व्यापक रूप से विकसित करने का है।”
बंदरगाहों के व्यापक विकास के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने राज्यभर में राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के सघन नेटवर्क के तीव्र निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने विशाखापत्तनम–रायपुर एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख मार्गों को क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण प्रेरक बताया। श्री मोदी ने कहा, “ये एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पूरे इस क्षेत्र को अभूतपूर्व गति प्रदान कर रही हैं।”
इस क्षेत्र को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से निर्बाध रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि पूरे रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया जा चुका है तथा 70 से अधिक रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं कि यह पूरा क्षेत्र देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से सहज रूप से जुड़ सके।”
इन बहुआयामी परिवहन उन्नयनों को एकीकृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान रेल, बंदरगाह और हवाई अवसंरचना को एक सूत्र में पिरोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अधिक दक्ष बनेगी, स्थानीय किसानों का सशक्तीकरण होगा और कारोबार सुगमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। श्री मोदी ने कहा, “जब यह आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पूरी तरह तैयार हो जाएगा, तब इससे उद्योगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी, हमारे किसानों को भी बड़ा लाभ होगा और ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।”
राज्य की दूरदर्शी नवाचार परंपरा की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने सॉफ्टवेयर और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में यहां के युवाओं की वैश्विक पहचान की प्रशंसा की। उन्होंने दोहराया कि सरकार इस असाधारण प्रतिभा-संपन्न युवा शक्ति का उपयोग सीधे क्षेत्रीय विकास के लिए करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है।
युवा प्रतिभा को देश में ही अवसर उपलब्ध कराकर उसकी क्षमता का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने भविष्योन्मुख प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि विशाखापत्तनम में नए सेमीकंडक्टर संयंत्र का शिलान्यास इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी प्रतिभाशाली युवा शक्ति की क्षमता का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए हमारा ध्यान अब मुख्यत: सेमीकंडक्टर जैसे भविष्योन्मुख प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों पर केंद्रित है।”
राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सॉफ्टवेयर क्षेत्र में अपनी पहचान के साथ-साथ आंध्र प्रदेश एक सशक्त विनिर्माण केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। इससे भविष्योन्मुख रोजगार के अवसरों का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र तैयार होगा। श्री मोदी ने कहा, “यह रणनीतिक परिवर्तन राज्यभर में भविष्योन्मुख रोजगार के अवसरों और प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों के लिए एक नया वातावरण तैयार करेगा।”
वैश्विक आर्थिक विकास केंद्रों की कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केवल कारखाने स्थापित कर देने से विकास संभव नहीं होता, बल्कि उसके लिए एक व्यापक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र और अनुकूल वातावरण भी आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निरंतर व्यक्तिगत प्रयासों से आंध्र प्रदेश में ऐसा वातावरण सावधानीपूर्वक विकसित किया जा रहा है। श्री मोदी ने कहा, “इसी दिन-रात की मेहनत का परिणाम है कि आज दुनिया की अनेक बड़ी कंपनियां यहां निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।”
उन्नत प्रौद्योगिकी अवसंरचना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने एआई और डेटा सेंटर से जुड़े समानांतर विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से गूगल द्वारा 15 अरब अमेरिकी डॉलर के विशाल परिसर की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य में वैश्विक निवेशकों की बढ़ती रुचि का स्पष्ट संकेत है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा। श्री मोदी ने कहा, “दुनिया की अनेक और वैश्विक कंपनियां भी यहां नई संभावनाएं देख रही हैं, जिसका बड़ा लाभ राज्य और देश के युवाओं को मिलेगा।”
डिजिटल प्रौद्योगिकी से आगे बढ़ते हुए राज्य के औद्योगिक विकास की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार नक्कापल्ली में एक विशाल फार्मा पार्क की स्थापना के लिए व्यापक सहयोग प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे आंध्र प्रदेश देश के अग्रणी औषधि निर्माण केंद्रों में से एक के रूप में विकसित होगा। श्री मोदी ने कहा, “इस सहयोग के साथ आंध्र प्रदेश तेजी से देश के सबसे बड़े फार्मा हबों में से एक के रूप में विकसित होगा।”
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि अकेले रायलसीमा क्षेत्र ने ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित किए हैं। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। श्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार ऐसी प्रत्येक बड़ी संभावना को वास्तविकता में बदलने के लिए दिन-रात कार्य करती रहेगी।”
प्रधानमंत्री ने सभी क्षेत्रों में सरकार के विकास एजेंडा की तीव्र गति का उल्लेख करते हुए कहा कि अकेले उनकी पिछली तीन यात्राओं के दौरान ही दो लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है। श्री मोदी ने कहा, “हाल में लॉन्च की गई इन विशाल परियोजनाओं से आप सहज ही अनुमान लगा सकते हैं कि प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कितनी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।”
इस व्यापक विकास यात्रा के अंतर्गत उत्तर आंध्र के जिलों के सुनियोजित सशक्तीकरण पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र (वीईआर) को एशिया के अग्रणी आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में रणनीतिक रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थापित की जा रही प्रत्येक नई सुविधा इसी साझा लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है। श्री मोदी ने कहा, “हमारा अंतिम लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र एशिया का सबसे प्रमुख आर्थिक केंद्र बने।”
निवेश को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार में बदलने की सरकार की मूल आर्थिक सोच का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक और निजी निवेश में वृद्धि से विनिर्माण को गति मिलती है, निर्यात बढ़ता है और अंततः लोगों की आय तथा जीवन स्तर में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि आज आंध्र प्रदेश में भी यही परिवर्तन देखने को मिल रहा है। श्री मोदी ने कहा, “जब रोजगार बढ़ता है, तो लोगों की आय स्वाभाविक रूप से बढ़ती है और परिवारों के दैनिक जीवन में भी उल्लेखनीय सुधार आता है।”
अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूर्ण विश्वास व्यक्त किया और कहा कि आज आरंभ की गई ये अनेक परियोजनाएं स्वर्ण आंध्र और विकसित भारत—दोनों के संकल्पों को साकार करने की दिशा में बुनियादी स्तंभ सिद्ध होंगी।
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पीके/केसी/पीके
(रिलीज़ आईडी: 2293009)
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