औषधि विभाग
बल्क ड्रग पार्क
प्रविष्टि तिथि:
31 JUL 2026 2:30PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हारोली स्थित बल्क ड्रग पार्क में साझा अवसंरचना सुविधाओं (सीआईएफ) के विकास के लिए "बल्क ड्रग पार्कों को प्रोत्साहन" योजना के अंतर्गत 1000 करोड़ रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्रतिदिन 50 लाख लीटर (एमएलडी) की क्षमता वाले शून्य तरल निर्वहन (जेडएलडी) वाले कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) को 244.43 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शून्य तरल निर्वहन सुविधा वाले कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। हालांकि, योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत स्वीकृत अनुदान तक ही सीमित है।
हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क के पास राष्ट्रीय औषध शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) विस्तार केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। इसके अलावा, हिमाचल प्रदेश सरकार ने सूचित किया है कि बल्क ड्रग पार्क तक गैस पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, आसपास के क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के विकास, एनएच-44 से बल्क ड्रग पार्क तक मुख्य सड़क संपर्क के विकास और जैजों (पंजाब) से परियोजना स्थल तक रेलवे लाइन के विस्तार के संबंध में हिमाचल प्रदेश सरकार ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर चर्चा की है।
हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क के लिए पर्यावरण मंजूरी 25 सितम्बर, 2025 को दी गई। पहले चरण के सीआईएफ सिविल कार्यों - आंतरिक सड़कों, जल निकासी और पुलों के विकास के लिए 178.72 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई है और कार्य प्रगति पर है। शून्य तरल निर्वहन के साथ सीईटीपी (273.6 करोड़ रुपये) और स्टीम जेनरेशन एवं वितरण (300 करोड़ रुपये) के विकास के लिए 573.6 करोड़ रुपये की निविदा जारी की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थल सीमांकन, ग्रेडिंग और भूमि समतलीकरण से संबंधित 100 करोड़ रुपये की निविदा भी जारी की गई है और पहले चरण (800 एकड़) में काम प्रगति पर है।
परियोजना की कुल लागत 1,923 करोड़ रुपये है और सीआईएफ की लागत 1118.46 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1,000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का अनुदान है। केंद्रीय अनुदान सहायता की पहली किस्त, 225 करोड़ रुपये, 20 फरवरी, 2023 को हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग पार्क इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचपीबीडीपीआईएल), जो राज्य कार्यान्वयन एजेंसी है, को जारी की गई है। राज्य सरकार ने भी 35.53 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। 30 जून, 2026 तक, राज्य ने सीआईएफ के विकास के लिए केंद्रीय अनुदान से 116.00 करोड़ रुपये और राज्य अनुदान से 0.24 करोड़ रुपये का उपयोग किया है।
हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क के लिए स्वीकृत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, प्रत्यक्ष रोजगार के रूप में 15,000 से 20,000 व्यक्तियों के सृजन की उम्मीद है और अनुमानित निवेश 8,000-10,000 करोड़ रुपये के आसपास है।
बल्क ड्रग पार्क को साझा अवसंरचना और पर्यावरण प्रबंधन प्रणालियों के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें शून्य तरल निर्वहन (जैडएलडी) वाला सीईटीपी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाएं, स्टीम जेनरेशन प्रणाली, विलायक पुनर्प्राप्ति प्रणाली, सुनिश्चित जल आपूर्ति, विश्वसनीय विद्युत अवसंरचना और केंद्रीकृत उपयोगिताएं शामिल हैं। इससे निर्माताओं की पूंजी और परिचालन लागत कम होगी। इन साझा सुविधाओं से प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार, एपीआई और प्रमुख प्रारंभिक सामग्रियों (केएसएम) के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन, फार्मास्युटिकल विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूती और आयात पर निर्भरता कम करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एचएन/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2292530)
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