सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय


सरकार ने तमिलनाडु में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग लोगों के लिए कल्याण और सश्कितकरण पहल को बढ़ाया

वर्ष 2025-26 में लगभग 9.67 लाख अनुसूचित जाति (SC) के विद्यार्थियों को पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति प्राप्त हुई; वर्ष 2024-25 में 8.75 लाख से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभ मिला

प्रविष्टि तिथि: 29 JUL 2026 6:34PM by PIB Delhi

भारत सरकार सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न प्रमुख योजनाओं के माध्यम से तमिलनाडु में अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजन के शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को निरंतर सुदृढ़ कर रही है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।

मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जातियों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या वर्ष 2023-24 में 6,43,761 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 9,34,793 और वर्ष 2025-26 में 9,66,840 हो गई। इसी प्रकार, अनुसूचित जातियों एवं अन्य के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 3,35,642 विद्यार्थियों, वर्ष 2024-25 में 5,21,124 विद्यार्थियों तथा वर्ष 2025-26 में 5,82,684 विद्यार्थियों को लाभ मिला।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या वर्ष 2023-24 में 507 से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 894 हो गई, जबकि वर्ष 2025-26 के दौरान 666 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिला।

आवासीय शिक्षा के लिए श्रेष्ठ (SRESHTA) योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 238 विद्यार्थियों, वर्ष 2024-25 में 312 विद्यार्थियों तथा वर्ष 2025-26 में 267 विद्यार्थियों को लाभ मिला।

उत्तर में आगे कहा गया कि मंत्रालय ने अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों तथा विमुक्त, घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू जनजातियों से संबंधित विद्यार्थियों को भी निरंतर सहायता प्रदान की। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 2.94 लाख विद्यार्थियों, वर्ष 2024-25 में 8.75 लाख विद्यार्थियों तथा वर्ष 2025-26 में 2.76 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिला। वहीं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत क्रमशः 4.76 लाख, 4.59 लाख और 3.67 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिला।

उत्तर में यह भी कहा गया कि विद्यालयों में टॉप क्लास एजुकेशन योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या वर्ष 2023-24 में 725 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 10,735 हो गई, जबकि ओबीसी विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप के तहत वर्ष 2023-24 में 78, वर्ष 2024-25 में 92 तथा वर्ष 2025-26 में 116 शोधार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

मंत्री ने आगे बताया कि राज्य में वरिष्ठ नागरिकों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी पहलें हजारों लोगों को निरंतर लाभान्वित कर रही हैं। अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम  के तहत वर्ष 2023-24 में 32,940 वरिष्ठ नागरिकों, वर्ष 2024-25 में 33,715 वरिष्ठ नागरिकों तथा वर्ष 2025-26 में 24,390 वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिला। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम की ऋण योजनाओं से वर्ष 2023-24 में 20,618 व्यक्तियों, वर्ष 2024-25 में 18,377 व्यक्तियों तथा वर्ष 2025-26 में 21,437 व्यक्तियों को लाभ मिला। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अंतर्गत आय सृजन योजनाओं  से वर्ष 2023-24 में 14,548 लाभार्थियों, वर्ष 2024-25 में 5,314 लाभार्थियों तथा वर्ष 2025-26 में 8,085 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप के तहत क्रमशः 107, 102 तथा 112 शोधार्थियों को लाभ मिला, जबकि विश्वास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 5,092 तथा वर्ष 2025-26 में 7,475 लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

उत्तर में यह भी बताया गया कि नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1955 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के कार्यान्वयन हेतु केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 तथा 2024-25, दोनों में 5,586 अत्याचार पीड़ितों को राहत प्रदान की गई, जबकि वर्ष 2025-26 के दौरान 6,042 पीड़ितों को राहत मिली। इसी प्रकार, अंतरजातीय विवाह करने वाले 2,392 दंपतियों को वर्ष 2023-24 में, 2,476 दंपतियों को वर्ष 2024-25 में तथा 2,202 दंपतियों को वर्ष 2025-26 में वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किया गया।

दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना के अंतर्गत वर्ष 2023-24 में 1,052 व्यक्तियों, वर्ष 2024-25 में 1,036 व्यक्तियों तथा वर्ष 2025-26 में 878 व्यक्तियों को लाभ मिला। वहीं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2023-24 में 4,046 विद्यार्थियों, वर्ष 2024-25 में 3,851 विद्यार्थियों तथा वर्ष 2025-26 में 4,043 विद्यार्थियों को सहायता प्रदान की गई।

मंत्री ने आगे कहा कि अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए अनुसूचित जातियों हेतु विकास कार्य योजना के अंतर्गत 38 मंत्रालयों के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं।

नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय द्वारा किए गए एक आकलन में यह पाया गया है कि मंत्रालय द्वारा लक्षित हस्तक्षेपों ने वंचित समुदायों के लिए शिक्षा तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। सरकार समाज के सभी कमजोर वर्गों के लिए शैक्षिक अवसरों, आजीविका सहायता, वित्तीय समावेशन तथा सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए समावेशी एवं समान विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पीके/केसी /वीएस/एसएस


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