भारी उद्योग मंत्रालय
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भारी उद्योग मंत्रालय ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना के तहत वैश्विक निविदा के लिए बोली जमा करने की समय-सीमा बढ़ाई

प्रविष्टि तिथि: 29 JUL 2026 5:16PM by PIB Delhi

भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) योजना के तहत वैश्विक निविदाओं की समय-सीमा बढ़ा दी है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 29.07.2026 से बढ़ाकर 12.08.2026 कर दी गई है, जबकि तकनीकी निविदाओं को खोलने की तिथि 30.07.2026 से पुनर्निर्धारित करके 13.08.2026 कर दी गई है। इससे निविदा प्रक्रिया में हितधारकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित होगी और उन्हें अतिरिक्त समय मिल सकेगा। सभी हितधारकों की जानकारी के लिए परिशिष्ट केंद्रीय सार्वजनिक खरीद (सीपीपी) पोर्टल पर प्रकाशित कर दिया गया है ( https://eprocure.gov.in/eprocure/app )

भारत में सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए आरईपीएम योजना के तहत लाभार्थियों के रूप में निर्माताओं के चयन हेतु मंत्रालय द्वारा 20 मार्च, 2026 को वैश्विक निविदा आमंत्रित की गई थी।

26 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना को मंजूरी दी। अपनी तरह की यह पहली पहल है, जिसका उद्देश्य भारत में प्रति वर्ष 6,000 मीट्रिक टन (एमटीपीए) की एकीकृत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विनिर्माण संयंत्रों की स्थापना करना है, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत वैश्विक आरईपीएम बाजार में एक प्रमुख दिग्गज के रूप में स्थापित होगा।

सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट विश्व के सबसे शक्तिशाली चुंबकों में से हैं और इनका व्यापक रूप से विद्युत वाहनों, पवन टर्बाइनों, उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों, एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में उपयोग किया जाता है। भारत में एनडीपीआर ऑक्साइड से लेकर तैयार चुंबकों तक की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला का निर्माण करके, इस योजना से इस क्षेत्र में आयात पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


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