कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आईआईसीए शिलांग द्वारा आयोजित कॉर्पोरेट मित्र योजना जागरूकता वेबिनार में मिजोरम के युवाओं और उद्यमों की भारी भागीदारी
प्रविष्टि तिथि:
29 JUL 2026 3:49PM by PIB Delhi
कॉर्पोरेट कर्य मंत्रालय के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए), शिलांग ने मिजोरम के युवाओं, छात्रों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, पेशेवरों और उद्यमों के लिए कॉर्पोरेट मित्र योजना के बारे में जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए 27 जुलाई 2026 को एक वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
मिजोरम के लिए वेबिनार का आयोजन पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के लिए योजना के जागरूकता अभियान के हिस्से के रूप में किया गया था। मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल ने राज्य में इस कार्यक्रम के लिए व्यापक पहुंच और प्रतिभागियों को जुटाने के साथ कार्यक्रम का संचालन किया, और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) ने "मुख्य सह-मेजबान" के रूप में सहयोग किया; जबकि इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने "सहायक सह-मेजबान" के रूप में सहयोग किया।
कॉर्पोरेट मित्र योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी, जिसका उद्देश्य मुख्य रूप से तृतीय और द्वितीय श्रेणी के शहरों में स्थित लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सशक्त बनाना है, ताकि वे 2047 तक विकसित भारत की व्यापक परिकल्पना में अपनी भूमिका निभा सकें।
यह पहल एक औपचारिक, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की परिकल्पना को साकार करती है। इसके तहत एमएसएमई के लिए एक मजबूत सहायता प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत योग्य, मान्यता प्राप्त और विश्वसनीय सहायक पेशेवरों का एक समूह उपलब्ध कराया जा रहा है, जिन्हें "कॉर्पोरेट मित्र" कहा जाता है। इस पहल का उद्देश्य युवा स्नातकों को उद्योग से संबंधित ज्ञान और व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित और उद्योग के लिए तैयार करके व्यावसायिक सहायता सहायक पेशेवरों का एक समूह तैयार करना है, ताकि वे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण अनुपालन, सहायता और व्यावसायिक सहायता सेवाएं प्रदान कर सकें।
मान्यता प्राप्त कॉर्पोरेट मित्र स्थानीय उद्यमों को उनके व्यवसाय संचालन के गैर-मूलभूत पहलुओं, जैसे कि विनियामक, अनुपालन, वित्तीय, कराधान, लेखांकन और शासन संबंधी आवश्यकताओं के लिए पेशेवर सहायता प्रदान करेंगे, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लघु एवं मध्यम उद्यम नवाचार, विस्तार और विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकें। साथ ही, विनियामक आवश्यकताओं को सरलता से पूरा कर सकें।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में योजना के शुभारंभ और कार्यान्वयन के लिए, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए)-शिलांग को राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों (विश्वविद्यालयों/संघों/उद्योग निकायों/संस्थानों आदि) के साथ समन्वय और संपर्क के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है, ताकि योजना का प्रचार और जागरूकता फैलाई जा सके।
'कॉर्पोरेट मित्र' पाठ्यक्रम के लिए पंजीकरण 15 जुलाई 2026 को आरंभ हुआ और यह 31 जुलाई 2026 तक चलेगा (पंजीकरण लिंक: https://swayamplus.education.gov.in/courses/corporate-mitra )।
वेबिनार का शुभारंभ श्री देबरुन कलिता, विशेष अधिकारी (ओएसडी) आईआईसीए शिलांग , जो पूर्वोत्तर के लिए कॉर्पोरेट मित्र योजना के नामित नोडल अधिकारी भी हैं, के स्वागत भाषण और संदर्भ-निर्धारण के साथ हुआ। श्री कलिता ने प्रारंभ में कॉर्पोरेट मित्र अवधारणा के विकास में रणनीतिक मार्गदर्शन के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स संस्थान के महानिदेशक श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के प्रति भी हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में कॉर्पोरेट मित्र की परिकल्पना, संरचना और स्वरूप तैयार किया गया।
श्री कलिता ने योजना की कार्यान्वयन रणनीति और रोलआउट योजना को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शन करने के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री राहुल जैन के प्रति आभार व्यक्त किया।
श्री कलिता ने अपने संबोधन में स्थानीय कॉर्पोरेट मित्रों के माध्यम से लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने की योजना के उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र को दी जाने वाली प्राथमिकता और विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए 200 सीटें आरक्षित हैं और शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है, ताकि पूर्वोत्तर क्षेत्र में भागीदारी और योजना को अपनाने को प्रोत्साहित किया जा सके। श्री कलिता ने कहा कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर क्षेत्र को "भारत के विकास का नया इंजन" मानने के विज़न के अनुरूप है और उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों, विशेष रूप से मिजोरम में योजना के सफल कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया।
इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) के उपाध्यक्ष, सीएमए मनोज कुमार आनंद ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर में आर्थिक विकास का नेतृत्व करने की मिजोरम की क्षमता पर प्रकाश डाला।
मिजोरम विश्वविद्यालय, आइजोल में स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन साइंसेज (एसईएमआईएस) के डीन प्रोफेसर वनलालछवना ने अपने विशेषज्ञ संबोधन में इस पहल का हार्दिक स्वागत करते हुए इसे मिजोरम की अर्थव्यवस्था के लिए युगांतरकारी बताया।
वेबिनार में एक तकनीकी सत्र भी शामिल था जिसमें कार्यक्रम के प्रमुख सह-मेजबान - आईसीएमएआई के संसाधन विशेषज्ञ द्वारा योजना के उद्देश्यों, कार्यान्वयन ढांचे और मुख्य दक्षताओं पर एक व्यापक प्रस्तुति दी गई थी।
वेबिनार में मिजोरम के प्रमुख राज्य/केंद्रीय विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कॉलेजों के 650 से अधिक छात्रों, उद्यमियों, भावी पेशेवरों और अन्य हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । संवादमूलक सत्र में कॉर्पोरेट मित्र योजना और उत्तर पूर्वी क्षेत्र में व्यावसायिक क्षमता और कॉर्पोरेट प्रशासन को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका के प्रति उल्लेखनीय रुचि देखी गई।
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पीके/केसी/एसकेजे/वाईबी
(रिलीज़ आईडी: 2291190)
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