अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
अल्पसंख्यकों पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) का प्रभाव
प्रविष्टि तिथि:
27 JUL 2026 2:57PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य देश के अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य, कौशल विकास, शिक्षा, महिला केंद्रित परियोजनाएं, पेयजल एवं आपूर्ति, स्वच्छता, खेल, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य सामुदायिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में सामुदायिक अवसंरचना का सृजन करना है।
पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बजट अनुमान (बीई), संशोधित अनुमान (आरई) और वास्तविक व्यय का विवरण निम्नलिखित है:
|
(करोड़ रुपये में)
|
|
क्रम संख्या
|
वित्तीय वर्ष
|
बजट अनुमान
|
संशोधित अनुमान
|
व्यय
|
|
1
|
2021-22
|
1390.00
|
1199.55
|
1266.36
|
|
2
|
2022-23
|
1650.00
|
500.00
|
104.58
|
|
3
|
2023-24
|
600.00
|
550.00
|
187.88
|
|
4
|
2024-25
|
910.90
|
908.90
|
955.23
|
|
5
|
2025-26
|
1913.97
|
1565.00
|
1563.87
|
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम एक मांग-आधारित केंद्र प्रायोजित योजना (सीएसएस) है। इसलिए, इस योजना के अंतर्गत राज्यवार या केंद्र शासित प्रदेश-वार बजटीय आवंटन नहीं किया जाता है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त पात्र परियोजना प्रस्तावों और उनके द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों और शर्तों के अनुपालन के आधार पर ही धनराशि जारी की जाती है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 से जारी की गई धनराशि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण अनुलग्नक-I में दिया गया है।
(सी) प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आरंभ से पूर्ण की गई परियोजनाओं का राज्य-वार विवरण अनुलग्नक-II में है।
(डी) प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के अंतर्गत आयोजित किसी भी तृतीय-पक्ष गुणवत्ता आश्वासन ऑडिट में खराब गुणवत्ता वाले कार्य का कोई उदाहरण सामने नहीं आया है।
(ई) जी हां, महोदय। मंत्रालय ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन और प्रभाव का आकलन करने के लिए स्वतंत्र तृतीय-पक्ष अध्ययन शुरू किए हैं।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए), नई दिल्ली द्वारा एक मूल्यांकन अध्ययन किया गया और विकास निगरानी और मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ), नीति आयोग द्वारा एक प्रभाव-सह-मूल्यांकन अध्ययन किया गया। इन अध्ययनों ने अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में योजना के कार्यान्वयन, प्रभाव, दक्षता और स्थिरता का साक्ष्य-आधारित आकलन प्रदान किया। इनमें अवसंरचना सृजन, सेवा वितरण और परिणामों की जांच की गई, साथ ही जागरूकता सृजन, निधि प्रवाह, परिसंपत्तियों की निगरानी और रखरखाव सहित सुधार के क्षेत्रों की पहचान की गई।
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान मूल्यांकन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम परियोजनाओं की भौतिक प्रगति और प्रभाव का आकलन करना था। इसके अलावा, स्वतंत्र तकनीकी निगरानी को संस्थागत रूप देने के लिए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम परियोजनाओं के लिए तृतीय-पक्ष गुणवत्ता आश्वासन (टीपीक्यूए) को अनिवार्य कर दिया गया है।
अनुबंध- I
श्रीमती राजथी द्वारा पूछे गए “अल्पसंख्यकों पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) का प्रभाव” विषय पर राज्यसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 913 के उत्तर में बिंदु (बी) का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत जारी की गई धनराशि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण
(करोड़ रुपये में)
|
वित्तीय वर्ष
|
|
क्रम संख्या
|
राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के नाम
|
2021-22
|
2022-23
|
2023-24
|
2024-25
|
2025-26
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार
|
0.49
|
-
|
8.75
|
-
|
-
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
6.90
|
-
|
-
|
-
|
1.86
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
21.38
|
-
|
-
|
73.00
|
103.23
|
|
4
|
असम
|
159.99
|
-
|
-
|
129.00
|
197.56
|
|
5
|
बिहार
|
6.22
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
6
|
छत्तीसगढ
|
1.01
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
7
|
दिल्ली
|
0.00
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
8
|
गुजरात
|
0.00
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
9
|
हरियाणा
|
13.79
|
-
|
-
|
-
|
0.33
|
|
10
|
हिमाचल प्रदेश
|
0.00
|
-
|
-
|
5.00
|
9.13
|
|
11
|
जम्मू और कश्मीर
|
0.00
|
-
|
-
|
-
|
-
|
|
12
|
झारखंड
|
26.14
|
-
|
-
|
-
|
0.18
|
|
13
|
कर्नाटक
|
35.14
|
-
|
23.34
|
102.00
|
38.08
|
|
14
|
केरल
|
42.69
|
-
|
-
|
-
|
1.82
|
|
15
|
लद्दाख
|
-
|
-
|
3.06
|
12.92
|
-
|
|
16
|
मध्य प्रदेश
|
1.55
|
-
|
-
|
-
|
9.42
|
|
17
|
महाराष्ट्र
|
39.55
|
-
|
-
|
20.00
|
64.33
|
|
18
|
मणिपुर
|
186.06
|
-
|
18.75
|
50.00
|
61.83
|
|
19
|
मेघालय
|
77.25
|
-
|
-
|
-
|
34.80
|
|
20
|
मिजोरम
|
58.41
|
-
|
10.00
|
63.19
|
125.00
|
|
21
|
नगालैंड
|
14.42
|
-
|
-
|
56.00
|
145.00
|
|
22
|
ओडिशा
|
21.65
|
-
|
-
|
-
|
0.26
|
|
23
|
पंजाब
|
0.00
|
104.58
|
-
|
-
|
0.13
|
|
24
|
राजस्थान
|
24.61
|
-
|
-
|
23.50
|
6.38
|
|
25
|
सिक्किम
|
195.42
|
-
|
26.25
|
123.73
|
197.75
|
|
26
|
तमिलनाडु
|
181.19
|
-
|
-
|
70.13
|
137.46
|
|
27
|
तेलंगाना
|
20.79
|
-
|
-
|
-
|
4.33
|
|
28
|
त्रिपुरा
|
6.49
|
-
|
-
|
17.50
|
0.43
|
|
29
|
उत्तर प्रदेश
|
7.38
|
-
|
35.00
|
-
|
250.00
|
|
30
|
उत्तराखंड
|
15.76
|
-
|
18.96
|
99.00
|
10.00
|
|
31
|
पश्चिम बंगाल
|
38.53
|
-
|
-
|
-
|
40.31
|
केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने यह जानकारी आज राज्यसभा में लिखित जवाब में दी।
*****
अनुबंध- II
श्रीमती राजथी द्वारा पूछे गए “अल्पसंख्यकों पर प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) का प्रभाव” विषय पर राज्यसभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 913 के उत्तर में बिंदु (सी) का उल्लेख किया गया है।
प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापना से लेकर अब तक पूर्ण की गई परियोजनाओं का राज्य-वार विवरण
|
राज्य का नाम
|
पूर्ण की गई इकाइयों की संख्या
|
|
आंध्र प्रदेश
|
8271
|
|
अरुणाचल प्रदेश
|
11048
|
|
असम
|
109798
|
|
बिहार
|
28790
|
|
छत्तीसगढ
|
744
|
|
गुजरात
|
82
|
|
हरियाणा
|
2893
|
|
झारखंड
|
12969
|
|
कर्नाटक
|
16654
|
|
केरल
|
654
|
|
मध्य प्रदेश
|
1121
|
|
महाराष्ट्र
|
28903
|
|
मणिपुर
|
17758
|
|
मेघालय
|
8543
|
|
मिजोरम
|
3434
|
|
नगालैंड
|
9
|
|
ओडिशा
|
13544
|
|
पंजाब
|
279
|
|
राजस्थान
|
10879
|
|
सिक्किम
|
1674
|
|
तमिलनाडु
|
111
|
|
तेलंगाना
|
5855
|
|
त्रिपुरा
|
28416
|
|
उत्तर प्रदेश
|
201086
|
|
उत्तराखंड
|
1511
|
|
पश्चिम बंगाल
|
344946
|
|
कुल
|
859972
|
****
पीके/केसी/एचएन/एनजे
(रिलीज़ आईडी: 2289922)
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