अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की संस्थागत पहुंच बढ़ाने की पहल
प्रविष्टि तिथि:
27 JUL 2026 2:59PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 2026 के दौरान "शिक्षा के क्षेत्र में जैन समुदाय का योगदान" विषय पर एक अध्ययन किया है। यह अध्ययन भारत में जैन समुदाय के ऐतिहासिक विकास, संस्थागत योगदान और शैक्षिक दर्शन का प्रलेखन करता है। इसमें शिक्षा, शोध, छात्रवृत्ति, मूल्य-आधारित शिक्षा और शिक्षा तक सबकी समान पहुंच को बढ़ावा देने में जैन ट्रस्टों, दानदाताओं, शिक्षण संस्थानों और सामुदायिक संगठनों की भूमिका को रेखांकित किया गया है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने अपनी परामर्शी और सुविधा प्रदान करने वाली सहायक भूमिका के तहत, 19 मई 2026 को नई दिल्ली में राज्य अल्पसंख्यक आयोगों का एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। यह सम्मेलन संस्थागत सुदृढ़ता, प्रशासनिक समन्वय, शिकायत निवारण तंत्र और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच और उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए सर्वोत्तम तौर-तरीकों के आदान-प्रदान पर चर्चा करने का एक मंच बना।
अनुलग्नक
"राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा संस्थागत पहुंच" विषय पर 27.07.2026 को उत्तर दिए जाने के लिए राज्य सभा के अतारांकित प्रश्न संख्या 912 के भाग (ए) का अनुलग्नक
वर्ष 2026 के दौरान राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा आयोजित संगोष्ठी, सम्मेलन और लोकसंपर्क कार्यक्रमों का विवरण
- "आधुनिक भारत में बौद्ध धर्म: सांस्कृतिक और सामाजिक रास्तों का मार्गनिर्देशन" पर राष्ट्रीय संगोष्ठी (27.02.2026, नई दिल्ली)
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 27.02.2026 को नई दिल्ली में "आधुनिक भारत में बौद्ध धर्म: सांस्कृतिक और सामाजिक रास्तों का मार्गनिर्देशन" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री शामिल हुए। संगोष्ठी का मुख्य फोकस विरासत संरक्षण, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और शांति व सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में बौद्ध दर्शन की भूमिका पर था। इस संगोष्ठी में नीति-निर्माताओं, विद्वानों, आध्यात्मिक नेताओं और समुदाय के प्रतिनिधि एकत्रित हुए ताकि भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में बौद्ध धर्म की बदलती भूमिका पर विचार-विमर्श किया जा सके।
- "भारतीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा और परोपकार में जैन समुदाय का योगदान" पर राष्ट्रीय संगोष्ठी (23.04.2026, इंदौर)
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के सहयोग से 23.04.2026 को इंदौर में "भारतीय अर्थव्यवस्था, शिक्षा और परोपकार में जैन समुदाय का योगदान" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री शामिल हुए। संगोष्ठी में विद्वानों, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, परोपकारियों, छात्रों और जैन समुदाय के सदस्य एकत्रित हुए ताकि राष्ट्र-निर्माण में समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की जा सके।
- "आधुनिक भारत में पारसी: सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक रास्तों का मार्गनिर्देशन" पर राष्ट्रीय संगोष्ठी (09.05.2026, मुंबई)
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 09.05.2026 को मुंबई में "आधुनिक भारत में पारसी: सांस्कृतिक और सामाजिक-आर्थिक रास्तों का मार्गनिर्देशन" विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री शामिल हुए। संगोष्ठी का मुख्य फोकस पारसी विरासत का संरक्षण, सामाजिक-आर्थिक विकास, आबादी से जुड़ी चुनौतियों और देश के निर्माण में समुदाय के बहुमूल्य योगदान पर था। इस संगोष्ठी में मंत्रियों, नीति-निर्माताओं, विद्वानों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और पारसी समुदाय के सदस्यों ने सांस्कृतिक संरक्षण, आबादी से जुड़ी चुनौतियों और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
राज्य अल्पसंख्यक आयोगों का सम्मेलन (19.05.2026, नई दिल्ली)
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने 19 मई 2026 को नई दिल्ली में राज्य अल्पसंख्यक आयोगों का सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें अल्पसंख्यकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और समावेशी विकास पर चर्चा की गई। इस संगोष्ठी में अल्पसंख्यक कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री शामिल हुए। सम्मेलन में बेहतरीन तौर-तरीकों, राज्य आयोगों के सामने आने वाली चुनौतियों और देश के निर्माण में अल्पसंख्यक समुदायों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया। इस सम्मेलन में राज्य अल्पसंख्यक आयोगों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए, ताकि पूरे देश में तालमेल और कल्याणकारी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एसकेजे/ओपी
(रिलीज़ आईडी: 2289915)
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