कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
आईआईसीए-शिलॉन्ग ने अरुणाचल प्रदेश के युवाओं और उद्यमों के लिए कारपोरेट कार्य मंत्रालय की 'कारपोरेट मित्र योजना' पर जागरूकता वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया
प्रविष्टि तिथि:
26 JUL 2026 10:49PM by PIB Delhi
कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय कारपोरेट कार्य संस्थान(आईआईसीए), शिलॉन्ग ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के युवाओं, छात्रों, एमएसएमई, पेशेवरों और उद्यमों के बीच ‘कारपोरेट मित्र योजना’ के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता बढ़ाने के उद्देश्य से एक वेबिनार का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
यह वेबिनार पूर्वोत्तर क्षेत्र(एनईआर) के लिए ‘कारपोरेट मित्र योजना’ जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका आयोजन अरुणाचल प्रदेश के राजीव गांधी विश्वविद्यालय(आरजीयू) के सहयोग से तथा इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएमएआई) के प्रमुख सह-मेज़बान और द इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया(आईसीएसआई) एवं 'द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएआई) के सहायक सह-मेज़बानी से किया गया।
इस योजना का उद्देश्य मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के एमएसएमई को 'विकसित भारत@2047' के बड़े विजन में अपनी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाना है। यह योजना योग्य, मान्यता प्राप्त और भरोसेमंद पैरा-पेशेवर यानि "कारपोरेट मित्रों" के एक समूह तक पहुंच आसान बनाकर एमएसएमई के लिए एक मजबूत सहायक इकोसिस्टम तैयार करता है। इसका लक्ष्य एक औपचारिक, वित्तीय रूप से सुदृढ़ और समृद्ध एमएसएमई क्षेत्र के विजन को साकार करना है।
‘कारपोरेट मित्रों’ की परिकल्पना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों(एमएसएमई) को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण कम्प्लायंस तथा व्यावसायिक सहायता सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई है। इसके साथ ही, युवा स्नातकों को उद्योग-प्रासंगिक जानकारी और व्यावहारिक कौशल से प्रशिक्षित पैरा-पेशेवरों का एक समूह तैयार करना भी इसका उद्देश्य है। इस पहल से एमएसएमई इकोसिस्टम के मजबूत होने और विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के बढ़ने की उम्मीद है। मान्यता प्राप्त ‘कारपोरेट मित्र’ स्थानीय उद्यमों को उनके व्यवसाय संचालन के गैर-कोर पहलुओं—जैसे कि नियामक, अनुपालन, वित्तीय, कराधान, लेखांकन और शासन से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए सस्ती और सुलभ पेशेवर सहायता प्रदान करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एमएसएमई नियामक आवश्यकताओं को आसानी से पूरा करते हुए अपने नवाचार, विस्तार और विकास पर ध्यान केन्द्रित कर सकें।
इस योजना के कार्यान्वयन के लिए पूरे भारत में शुरुआत में 2000 प्रतिभागियों का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 200 प्रतिभागी विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र(एनईआऱ) के होंगे। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के उम्मीदवारों के लिए शुल्क में 50% की छूट भी उपलब्ध होगी।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में योजना के क्रियान्वयन एवं विस्तार के लिए कारपोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय कारपोरेट कार्य संस्थान(आईआईसीए), शिलांग को राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों, जैसे विश्वविद्यालयों, संघों, उद्योग निकायों एवं संस्थानों आदि के साथ समन्वय एवं संपर्क स्थापित करने हेतु नोडल एजेंसी नामित किया गया है। इसका उद्देश्य योजना का प्रभावी प्रचार-प्रसार तथा जनजागरूकता सुनिश्चित करना है।
'कारपोरेट मित्र' पाठ्यक्रम के लिए योग्य छात्रों द्वारा पंजीकरण 15 जुलाई 2026 से शुरू हो चुका है और यह 31 जुलाई 2026 तक रहेगा।पंजीकरण लिंक: https://swayamplus.education.gov.in/courses/corporate-mitra
वेबिनार की शुरुआत पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 'कारपोरेट मित्र योजना' के नामित नोडल अधिकारी और आईआईसीए शिलॉन्ग के विशेष कार्याधिकारी(ओएसडी) श्री देबरुन कलिता के स्वागत भाषण और संदर्भ-स्थापना के साथ हुई। श्री कलिता ने शुरुआत में ही भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान(आईआईसीए) के महानिदेशक श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया, जिनके नेतृत्व में कारपोरेट मित्र पाठ्यक्रम की मूल अवधारणा विकसित की गई, उसे सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया तथा उसे साकार रूप दिया गया।
उन्होंने आगे ‘कारपोरेट मित्र’ की अवधारणा के विकास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों(एमएसएमई) के समक्ष व्यवसाय की वृद्धि, विस्तार एवं उन्नयन में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इन चुनौतियों में नियामकीय एवं सचिवीय अनुपालन का बढ़ता बोझ, किफायती व्यावसायिक परामर्श एवं सहायता प्रदान करने वाले पेशेवरों की कमी तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ को बढ़ावा देने के लिए परिवर्तनकारी पहलों की आवश्यकता प्रमुख है।
वेबिनार में द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएमएआई) के अध्यक्ष, सीएमए श्री चितरंजन चट्टोपाध्याय ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने एमएसएमई को सहयोग देने और विकसित भारत@2047 के विजन में योगदान देने के लिए कुशल पेशेवर कार्यबल तैयार करने के महत्व पर जोर दिया।
द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएमएआई) के उपाध्यक्ष, सीएमए मनोज कुमार आनंद ने भी विशेष संबोधन दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को युवाओं/छात्रों और एमएसएमई दोनों के लिए एक सुगम और सहायक इकोसिस्टम बनाने की आवश्यकता के बारे में बताया, जिसे 'कारपोरेट मित्र योजना' पूरा करती है।
अरुणाचल प्रदेश के राजीव गांधी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राम चंद्र परिदा ने भी विशेष संबोधन दिया। उन्होंने इस सहयोगात्मक पहल की सराहना करते हुए छात्रों को ‘कारपोरेट मित्र योजना’ के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और उससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
तकनीकी सत्र में द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएमएआई) के प्रमुख सह-मेज़बान तथा आईसीएमएआई रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रबंध निदेशक, सीएमए(डॉ.) एस. के. गुप्ता ने योजना के उद्देश्यों, कार्यान्वयन की रूपरेखा तथा इसकी प्रमुख दक्षताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसके पश्चात एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया गया।
इस वेबिनार में अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न संस्थानों से 150 से अधिक छात्रों, संकाय सदस्यों तथा आकांक्षी पेशेवरों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर कारपोरेट कार्य मंत्रालय के नेतृत्व, आईआईसीए के महानिदेशक के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही, सभी विशिष्ट अतिथियों, सहयोगी संस्थानों, प्रतिभागियों तथा आईआईसीए शिलांग, राजीव गांधी विश्वविद्यालय, द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया(आईसीएमएआई) एवं ‘कारपोरेट मित्र योजना’ की समन्वय समिति की आयोजन टीमों के वेबिनार के सफल आयोजन में दिए गए बहुमूल्य योगदान की सराहना की गई।
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पीके/केसी/पीकेपी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2289758)
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