मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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मत्स्य पालन में महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियां

प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 1:32PM by PIB Delhi

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का मत्स्य पालन विभाग प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के अंतर्गत  आंध्र प्रदेश राज्य सहित देश भर में मत्स्य सहकारी समितियों के गठन का समर्थन करता है। आंध्र प्रदेश सरकार ने सूचित किया है कि मत्स्य पालन, समुद्री शैवाल की खेती और समुद्री प्रसंस्करण के क्षेत्रों में कुल 213 महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इससे एक अप्रैल 2021 से 15वें जून 2026 तक काकीनाडा सहित 12 जिलों में 27,447 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय सहकारी समितियों का जिलेवार विवरण और उनसे जुड़े लाभार्थियों की संख्या अनुलग्नक-I में दी गई है।

(ग) देश भर में महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय मात्स्यिकी सहकारी समितियों के संवर्धन और सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के साथ लगातार संपर्क में है। इन प्रयासों के अंतर्गत मत्स्य सहकारी समितियों को राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीकरण करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और वे प्रधान मंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएमएमकेएसएसवाई) के अंतर्गत ₹2 करोड़ तक के प्रदर्शन अनुदान सहित उच्च प्रोत्साहन के लिए पात्र हैं। महिलाओं के नेतृत्व वाली मात्स्यिकी सहकारी समितियों को विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में मछली पकड़ने के लिए एक्सेस पास जारी करने और उच्च समुद्र में मछली पकड़ने के लिए प्राधिकरण पत्र (एलओए) जारी करने में भी प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा हाई सीज फिशिंग में मत्स्य पालन सहकारी समितियों की अधिक भागीदारी के लिए, प्राधिकरण पत्र के लिए आवेदन और नवीनीकरण शुल्क को 25 हज़ार रुपये से घटाकर 5 हज़ार रुपये कर दिया गया है।

घ) नीली अर्थव्यवस्था के एक भाग के रूप में, मात्स्यिकी विभाग ने राष्ट्रीयमात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी) के माध्यम से देश भर में 12,000 मात्स्यिकी सहकारी समितियों के गठन को सहायता प्रदान करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। इसमें कवर न की गई पंचायतों और गांवों में महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय सहकारी समितियां शामिल हैं। इसके अलावा पीएमएमएसवाई की एक उप-योजना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) में परामर्श, क्षमता निर्माण और आवश्यकता आधारित वित्तीय सहायता के साथ महिलाओं के नेतृत्व वाली मत्स्य सहकारी समितियों सहित देश भर में 5500 प्राथमिक मात्स्यिकी सहकारी समितियों को मजबूत करने की परिकल्पना की गई है।

 

अनुलग्नक-I

मत्स्य पालन में महिलाओं के नेतृत्व वाली सहकारी समितियों के संबंध में वक्तव्य

क्रम संख्या

जिले का नाम

1 अप्रैल 2021 से 15 जून 2026 तक महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय सहकारी समितियों की संख्या

1 अप्रैल 2021 से 15 जून 2026 तक महिलाओं के नेतृत्व वाली तटीय सहकारी समितियों से जुड़ी महिला लाभार्थियों की संख्या

1.

अनकापल्ली

07

1334

2.

बापटला

34

4332

3.

काकीनाडा

32

2409

4.

कोनासीमा

06

432

5.

कृष्ण

42

6197

6.

प्रकाशम

17

1516

7.

एसपीएसआर नेल्लोर

9

4428

8.

श्रीकाकुलम

14

824

9.

तिरुपति

16

1547

10.

विशाखापत्तनम

10

1208

11.

विजयनगरम

17

567

12.

पश्चिम गोदावरी

9

2653

 

कुल

213

27447

यह जानकारी मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके

 


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