पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
देश में बंदरगाहों का स्वामित्व
प्रविष्टि तिथि:
21 JUL 2026 2:23PM by PIB Delhi
बारह प्रमुख बंदरगाह—चेन्नई बंदरगाह, कोचीन बंदरगाह, दीनदयाल बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, कामराजार बंदरगाह, मोरमुगाव बंदरगाह, मुंबई बंदरगाह, न्यू मंगलूरु बंदरगाह, पारादीप बंदरगाह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह और विशाखापत्तनम बंदरगाह —भारत सरकार के अधीन हैं। कामराजार बंदरगाह को छोड़कर, जो कंपनी कानून के तहत निगमित चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, शेष 11 प्रमुख बंदरगाहों का प्रशासन प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण कानून, 2021 के प्रावधानों के अनुसार किया जाता है। प्रमुख बंदरगाह सामान्य बुनियादी ढांचा और नियामक निगरानी प्रदान करते हैं, जबकि निर्दिष्ट बर्थ और टर्मिनलों का विकास और संचालन या तो बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा किया जाता है अथवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल या कैप्टिव नीति, 2016 के तहत निजी भागीदारी के माध्यम से किया जाता है।
पिछले दस वर्षों के दौरान, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से पीपीपी मॉडल के तहत अनेक टर्मिनल और बंदरगाह परियोजनाएं विकसित की गई हैं। किसी भी प्रमुख बंदरगाह का निजीकरण नहीं किया गया है और भूमि तथा मुख्य बंदरगाह परिसंपत्तियों का स्वामित्व संबंधित प्रमुख बंदरगाह प्राधिकरण/सरकार के पास ही बना हुआ है। पिछले दस वर्षों के दौरान पीपीपी मॉडल के तहत विकसित प्रमुख बंदरगाहों के टर्मिनलों का विवरण अनुलग्नक-क में दिया गया है।
अनुलग्नक-क
पिछले 10 वर्षों के दौरान 12 प्रमुख बंदरगाहों में पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किए गए टर्मिनलों की सूची
|
क्रम संख्या
|
बंदरगाह का नाम
|
पिछले 10 वर्षों के दौरान पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किए गए बर्थ/टर्मिनलों का नाम
|
|
1
|
चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण
|
कोई नहीं
|
|
2
|
कोचीन बंदरगाह प्राधिकरण
|
कोई नहीं
|
|
3
|
दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण
|
Berth No. 13
|
|
4
|
जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण
|
न्हावा शेवा फ्रीपोर्ट टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड
|
|
न्हावा शेवा डिस्ट्रीब्यूशन टर्मिनल प्राइवेट लिमिटेड
|
|
जेएसडब्ल्यू जेएनपीए लिक्विड टर्मिनल
|
|
ट्राइडेंट एग्रो टर्मिनल्स एंड लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड
|
|
5
|
कामराजार बंदरगाह लिमिटेड
|
लौह अयस्क टर्मिनल
|
|
6
|
मोरमुगाव बंदरगाह प्राधिकरण
|
बर्थ संख्या 10 और 11
|
|
7
|
मुम्बई बंदरगाह प्राधिकरण
|
मुम्बई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल बीपीएक्स
|
|
8
|
न्यू मेंगलौर बंदरगाह प्राधिकरण
|
बर्थ संख्या 16
|
|
बर्थ संख्या 14
|
|
9
|
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण
|
कंटेनरों सहित स्वच्छ माल के प्रबंधन के लिए बहुउद्देशीय बर्थ
|
|
नया लौह अयस्क बर्थ
|
|
ईक्यू-1,2,3 कोयले के प्रबंधन के लिए बर्थ
|
|
कोयला आयात के प्रबंधन के लिए नया कोयला बर्थ
|
|
पश्चिमी डॉक
|
|
10
|
श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह प्राधिकरण
|
खिदिरपुर डॉक का पुनरुद्धार
|
|
एचडीसी में बर्थ संख्या 2
|
|
बर्थ संख्या 8 और 7
|
|
बर्थ संख्या 1 एनएसडी, 2 एनएसडी, 3 एनएसडी, 4 एनएसडी, 5 एनएसडी और केडीएस में बाहरी टर्मिनल
|
|
PPP मॉडल के तहत डीबीएफओटी के माध्यम से एचडीसी में बर्थ संख्या 5
|
|
11
|
वी.ओ. चिदम्बरानार बंदरगाह प्राधिकरण
|
8वीं बर्थ
|
|
9वीं बर्थ
|
|
एनसीबी-III
|
|
12
|
विशाखापत्तनम बंदरगाह प्राधिकरण
|
वीसीटीपीएल-II
|
|
बाहरी बंदरगाह सुविधा (चरण-I) और आंतरिक बंदरगाह सुविधा (चरण-II)
|
|
डब्ल्यूक्यू-7 और डब्ल्यूक्यू-8 बर्थ
|
|
पश्चिमी क्वे– 6 (डब्ल्यूक्यू -6) टर्मिनल
|
|
ईक्यू-7 बर्थ
|
|
पूर्वी क्वे– 6 बर्थ
|
पिछले पाँच वर्ष के दौरान अर्जित राजस्व का बंदरगाह-वार विवरण अनुलग्नक-ख में दिया गया है।
अनुलग्नक-ख
|
|
|
|
|
|
|
|
|
प्रमुख बंदरगाहों द्वारा अर्जित राजस्व
|
|
(करोड़ रुपये में)
|
|
क्रम संख्या
|
प्रमुख बंदरगाह
|
वित्त वर्ष 2021-22
|
वित्त वर्ष 2022-23
|
वित्त वर्ष 2023-24
|
वित्त वर्ष 2024-25
|
वित्त वर्ष 2025-26*
|
|
1
|
दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण
|
2,140.59
|
3,142.59
|
3,104.23
|
3,140.51
|
3,437.25
|
|
2
|
मुम्बई बंदरगाह प्राधिकरण
|
1,979.37
|
2,295.00
|
2,557.52
|
2,830.83
|
3,318.74
|
|
3
|
जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण
|
2,681.14
|
2,895.11
|
3,149.18
|
3,918.84
|
4,356.34
|
|
4
|
मोरमुगाव बंदरगाह प्राधिकरण
|
457.66
|
486.00
|
585.87
|
563.16
|
607.95
|
|
5
|
न्यू मेंगलौर बंदरगाह प्राधिकरण
|
743.26
|
882.73
|
1,013.58
|
1,102.98
|
1,121.88
|
|
6
|
कोच्चिं बंदरगाह प्राधिकरण
|
759.12
|
827.24
|
964.43
|
998.73
|
1,091.15
|
|
7
|
वी.ओ. चिदम्बरनार बंदरगाह प्राधिकरण
|
654.53
|
820.49
|
1,121.91
|
1,205.72
|
1,254.96
|
|
8
|
चेन्नई बंदरगाह प्राधिकरण
|
1,164.97
|
1,357.20
|
1,369.08
|
1,552.27
|
1,516.47
|
|
9
|
कामराजार बंदरगाह लिमिटेड
|
850.82
|
1,009.22
|
1,081.44
|
1,160.19
|
1,272.13
|
|
10
|
विशाखापत्तनम बंदरगाह प्राधिकरण
|
1,609.86
|
1,862.10
|
2,334.18
|
2,448.87
|
2,585.85
|
|
11
|
पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण
|
1,895.73
|
2,255.22
|
2,658.18
|
2,756.86
|
2,893.62
|
|
12
|
श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह प्राधिकरण
|
2,734.44
|
2,985.48
|
3,419.46
|
3,169.08
|
3,126.43
|
|
कुल
|
17,671.49
|
20,818.38
|
23,359.06
|
24,848.03
|
26,582.77
|
* अनंतिम आंकड़े – अलेखापरीक्षित
प्रमुख बंदरगाहों के प्रबंधन में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और जनहित की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट (एमसीए) को मानकीकृत किया है और सभी पीपीपी परियोजनाएँ खुली प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के बाद प्रदान की जाती हैं।
सरकार पीपीपी मॉडल के जरिये बंदरगाहों के विकास, संचालन, रखरखाव और आधुनिकीकरण में निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करके लैंडलॉर्ड पोर्ट मॉडल को लगातार बढ़ावा दे रही है। जहाँ भी संभव हो, यह कार्य प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य परिचालन दक्षता बढ़ाना, क्षमता में वृद्धि करना, निजी निवेश आकर्षित करना और सेवा वितरण में सुधार करना है, जबकि प्रमुख बंदरगाहों का स्वामित्व और समग्र प्रशासन संबंधित पोर्ट प्राधिकरणों के पास ही बना रहता है।
यह जानकारी केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
***
पीके/केसी/केपी
(रिलीज़ आईडी: 2287144)
आगंतुक पटल : 88