संचार मंत्रालय
डीओटी की तकनीक शाखा टीईसी ने भारत के दूरसंचार और प्रसारण इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बीईसीआईएल के साथ एमओयू किया
यह साझेदारी कन्वर्जेंस और प्रसारण तकनीक में राष्ट्रीय मानकीकरण और नवाचार को मजबूत करेगी
यह सहयोग उभरती हुई प्रसारण तकनीक में भारत-विशिष्ट मानक, टेस्ट फ्रेमवर्क और तकनीक योगदान को आगे बढ़ाएगा
इस एमओयू का उद्देश्य वैश्विक मानकीकरण गतिविधियों में भारत की भागीदारी बढ़ाना और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना है
प्रविष्टि तिथि:
08 JUL 2026 7:29PM by PIB Delhi
दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय की तकनीकी शाखा टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी) ने ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। बीईसीआईएल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के तहत एक मिनी रत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (सीपीएसई) है। यह समझौता कन्वर्जेंस और प्रसारण तकनीक के क्षेत्रों में संयुक्त अध्ययन, तकनीकी योगदान और मानकीकरण गतिविधियों पर सहयोग करने के लिए किया गया है।
इस सहयोग का उद्देश्य कन्वर्ज्ड और प्रसारण तकनीक में मानकीकरण और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करने के साथ-साथ 'डिजिटल इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी राष्ट्रीय पहलों को भी समर्थन देना है।

यह साझेदारी भारत के हिसाब से मानक और टेस्ट फ्रेमवर्क बनाने, अंतर्राष्ट्रीय मानकों का अध्ययन करने, वैश्विक मानकीकरण संस्थाओं में तकनीकी योगदान देने और कन्वर्जेंस व प्रसारण तकनीक में उभरते ट्रेंड्स का पता लगाने पर केंद्रित होगी।
इस एमओयू पर आज नई दिल्ली में वरिष्ठ डीडीजी और प्रमुख, टीईसी श्री सैयद तौसीफ अब्बास की मौजूदगी में उप महानिदेशक, टीईसी श्री देवेंद्र सिंह और उप महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट्स), बीईसीआईएल श्री रमित लाला ने हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी टीईसी के लिए बीईसीआईएल के साथ मिलकर काम करने का एक औपचारिक ढांचा तैयार करती है, ताकि संयुक्त रूप से आधुनिक प्रसारण और कन्वर्जेंस तकनीक में अध्ययन, तकनीकी योगदान और शोध गतिविधियों को किया जा सके।
सहयोग के मुख्य क्षेत्र:
- डायरेक्ट-टू-मोबाइल (डी2एम) और 5जी ब्रॉडकास्ट: डायरेक्ट-टू-मोबाइल (डी2एम) और 5जी प्रसारण तकनीक में संयुक्त अध्ययन और तकनीकी योगदान।
- डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (डीआरएम): आईपीटीवी और अन्य डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (डीआरएम) सिस्टम में संयुक्त अध्ययन और तकनीकी योगदान।
- डिजिटल साउंड ब्रॉडकास्टिंग (डीएसबी): डिजिटल साउंड ब्रॉडकास्टिंग टेक्नोलॉजी पर मिलकर अध्ययन करना।
- कंडीशनल एक्सेस सिस्टम (सीएएस) और सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस): टेलीविजन चैनल डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए सीएएस और एसएमएस में संयुक्त अध्ययन और तकनीकी योगदान।
- भविष्य की ब्रॉडकास्ट और नेटवर्क टेक्नोलॉजी: भविष्य की प्रसारण और नेटवर्क तकनीक की खोज, जिसमें मल्टीमीडिया सिस्टम और सर्विस शामिल हैं, जैसे कि 'फर्दर इवॉल्व्ड मल्टीमीडिया ब्रॉडकास्ट मल्टीकास्ट सर्विस' (एफईएमबीएमएस), डिजिटल समावेशन के लिए एप्लीकेशन एक्सेसिबिलिटी, प्रसारण सेवा के लिए इंटेलिजेंट यूजर इंटरफेस से जुड़े मानवीय पहलू और एकीकृत ब्रॉडबैंड केबल नेटवर्क पर एआई-सक्षम बेहतर फ़ंक्शन।
- सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी), दूरसंचार विभाग (डीओटी) और ट्राई द्वारा भेजे गए मामलों पर जरूरत के हिसाब से तकनीकी चर्चा, जिसका मकसद विशेषज्ञ इनपुट और सुझाव देना है।
इस सहयोग से आईटीयू-टी, आईटीयू-आर और 3जीपीपी जैसे वैश्विक मानक बनाने वाले संगठनों में योगदान और संयुक्त तकनीक अध्ययनों के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण गतिविधियों में भारत की भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है। यह कन्वर्जेंस और प्रसारण तकनीक में भारत-विशिष्ट मानक और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास में भी मदद करेगा, जिससे 'आत्मनिर्भर भारत' और 'डिजिटल इंडिया' के विजन को बढ़ावा मिलेगा।
टीईसी के बारे में
टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग सेंटर (टीईसी), दूरसंचार विभाग (डीओटी), भारत सरकार की तकनीकी शाखा है। टीईसी दूरसंचार के लिए तकनीकी मानक, स्पेसिफिकेशन और बुनियादी तकनीकी योजनाएं बनाने के लिए जिम्मेदार है। यह दूरसंचार उपकरण और सेवाओं की इंटरऑपरेबिलिटी, गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जेनेरिक रिक्वायरमेंट्स (जीआर), इंटरफेस रिक्वायरमेंट्स (आईआर) और सर्विस रिक्वायरमेंट्स (एसआर) के लिए मानक जारी करता है। यह डीओटी को तकनीकी सहायता और ट्राई को तकनीकी सलाह भी देता है, तकनीकी विकास पर सी-डॉट के साथ तालमेल बिठाता है और आईटीयू, एपीटी और ईटीएसआई जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे वैश्विक दूरसंचार मानकों के विकास में योगदान मिलता है।
बीईसीआईएल के बारे में
ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत एक मिनी रत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) है। 1995 में स्थापित, बीईसीआईएल प्रसारण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, डिजिटल मीडिया, साइबर सुरक्षा, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे में परामर्श सेवाएं और टर्नकी समाधान प्रदान करता है। कंपनी ने परामर्श, इंजीनियरिंग, खरीद, परियोजना प्रबंधन, संचालन और रखरखाव, अनुसंधान और विकास और जनशक्ति सेवाओं को कवर करते हुए एंड-टू-एंड समाधान प्रदान करने के लिए पारंपरिक प्रसारण इंजीनियरिंग से परे विस्तार किया है। अपनी व्यापक तकनीकी विशेषज्ञता और राष्ट्रव्यापी उपस्थिति का लाभ उठाते हुए, बीईसीआईएल प्रसारण और संबद्ध क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी समाधान प्रदान करते हुए डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी और मेक इन इंडिया सहित प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का समर्थन करता है।
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पीके/केसी/एमपी/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2282652)
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