श्रम और रोजगार मंत्रालय
मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन ने जागरूकता, सक्रिय हस्तक्षेपों और शिकायत निवारण पहलों के माध्यम से देश भर में श्रम कल्याण और अनुपालन को मजबूत किया
प्रविष्टि तिथि:
06 JUL 2026 3:50PM by PIB Delhi
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत काम करने वाला मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्रों और समयबद्ध सुलह प्रयासों के माध्यम से देशभर में श्रम कल्याण और औद्योगिक सद्भाव को मजबूत करना जारी रखे हुए है। देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ जबलपुर, भुवनेश्वर, रायपुर और कानपुर में मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) संगठन द्वारा किए गए हालिया हस्तक्षेप श्रम कानूनों के स्वैच्छिक अनुपालन को सुगम बनाने के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने की संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
ये पहलें नियोक्ताओं और अन्य हितधारकों के साथ सहयोगात्मक जुड़ाव के माध्यम से जागरूकता को बढ़ावा देने, वैधानिक अनुपालन सुनिश्चित करने और श्रमिकों को समय पर राहत प्रदान करके श्रम संहिताओं के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने पर मंत्रालय के निरंतर ध्यान को दर्शाती हैं।
जबलपुर: सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 पर जागरूकता
जबलपुर स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें केंद्रीय क्षेत्र के प्रतिष्ठानों के विस्तारित दायरे पर विशेष ध्यान दिया गया। इस कार्यक्रम ने प्रबंधन प्रतिनिधियों, मानव संसाधन पेशेवरों और कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा संहिता के तहत उनके अधिकारों और दायित्वों के बारे में संवेदनशील बनाया, जिसमें बहुराज्यीय प्रतिष्ठानों पर केंद्र सरकार के बढ़े हुए अधिकार क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया। सत्र के दौरान कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों को उजागर करने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों को वैधानिक मातृत्व लाभ, बेहतर कार्यस्थल सुरक्षा और केंद्रीय नियमों के तहत एकीकृत क्रेच सुविधाओं के अनिवार्य प्रावधान या भत्ते के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों के प्रश्नों को संबोधि किया गया और श्रम कानून अनुपालन के प्रति अधिक जागरूकता को बढ़ावा दिया गया।

भुवनेश्वर: समझौते के तहत संविदा श्रमिकों के लिए 51.27 लाख रुपए की राशि सुरक्षित की गई
वैधानिक सुलह की प्रभावशीलता का प्रदर्शन करते हुए भुवनेश्वर स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (जीएआईएल) के संविदा कर्मचारियों से संबंधित एक लंबे समय से लंबित शिकायत का सफलतापूर्वक समाधान किया। निरंतर मध्यस्थता और सुलह की कार्यवाही के बाद 81 श्रमिकों को बकाया वेतन, वेतन सहित अवकाश और बोनस से संबंधित दावों के रूप में 51.27 लाख रुपए की राशि जारी की गई। इस हस्तक्षेप ने प्रबंधन के साथ सौहार्दपूर्ण समाधान की सुविधा प्रदान करते हुए श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

रायपुर: समय पर हस्तक्षेप से ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित हुआ
रायपुर स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने बैकुंठ सीमेंट कारखाने में कार्यरत पूर्व संविदा श्रमिकों को ग्रेच्युटी का भुगतान न होने से संबंधित एक शिकायत का सफलतापूर्वक समाधान किया। समय पर हस्तक्षेप और अनुवर्ती कार्रवाई के माध्यम से ठेकेदारों और मुख्य नियोक्ता के बीच संवाद स्थापित कर सात पात्र श्रमिकों को 3.31 लाख रुपए की ग्रेच्युटी का भुगतान कराया गया। यह मामला दर्शाता है कि संगठन श्रमिकों को कानून के तहत उनके वैधानिक लाभ दिलाने के प्रतिबद्ध है।

कानपुर: सहानुभूतिपूर्ण श्रम प्रशासन ने न्याय दिलाया
कानपुर में क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) कार्यालय ने एक गंभीर रूप से बीमार और शय्याग्रस्त श्रमिक से जुड़े औद्योगिक विवाद के समाधान में सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाया। सुलह की कार्यवाही के बाद श्रमिक को 20.32 लाख रुपए का पूर्ण और अंतिम भुगतान मिला, जिसे उसकी चिकित्सा स्थिति को देखते हुए, संभावित प्रशासनिक देरी को दरकिनार कर व्यक्तिगत रूप से उसके निवास पर पहुंचाया गया। यह हस्तक्षेप असाधारण या संवेदनशील परिस्थितियों का सामना कर रहे श्रमिकों के लिए न्याय सुनिश्चित करने में सीएलसी (सी) द्वारा अपनाए गए मानव-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।

जागरूकता बढ़ाने, वैधानिक सुलह और प्रभावी शिकायत निवारण के माध्यम से मुख्य श्रम आयुक्त (केंद्रीय) देशभर में सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देने और श्रम कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाना जारी रखे हुए है। ये हस्तक्षेप श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने, जिम्मेदार रोजगार प्रथाओं को बढ़ावा देने और श्रमिकों एवं नियोक्ताओं दोनों के लाभ के लिए श्रम संहिताओं के प्रभावी कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दोहराते है।
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पीके/केसी/आईएम/जीआरएस
(रिलीज़ आईडी: 2281713)
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