विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित सुधार उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026 का राजस्थान के माउंट आबू में समापन हुआ

प्रविष्टि तिथि: 06 JUL 2026 1:04PM by PIB Delhi

विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग और विधि विभाग ने संयुक्त रूप से 4 और 5 जुलाई, 2026 को राजस्थान के माउंट आबू स्थित शांत ज्ञान सरोवर में दो दिवसीय 'सुधार उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026' का आयोजन किया।

केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने 4 जुलाई, 2026 को सुधार उत्सव एवं चिंतन शिविर का उद्घाटन किया और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को संबोधित किया। उत्सव एवं शिविर में आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित और नागरिक-केंद्रित कानूनी व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से विधि, विधायी एवं संस्थागत सुधारों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय विधि मंत्री ने उत्सव एवं शिविर के आयोजन के लिए विभागों को बधाई दी और सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस अवसर का उपयोग मंत्रालय की हालिया उपलब्धियों की समीक्षा करने, प्रमुख विधि, विधायी एवं संस्थागत सुधारों पर विचार-विमर्श करने और भारत के विधि एवं विधायी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एक दूरदर्शी कार्यसूची तैयार करने के लिए करें। अपने संबोधन में, विधायी विभाग एवं विधि विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने एक कुशल, सुलभ और भविष्य के लिए तैयार कानूनी व्यवस्था के निर्माण के मंत्रालय के दृष्टिकोण को पर जोर दिया, जो सुशासन को सुदृढ़ करे और 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाए।                 

विधायी विभाग के अपर सचिव डॉ. मनोज कुमार ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और विभागों के लिए विषय, लक्ष्य और अपेक्षित परिणामों से परिचित कराया। कार्यक्रम में अलग-अलग सत्रों के माध्यम से विधिक शासन, विधायी सुधार, डिजिटल परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाना, प्रौद्योगिकी-आधारित शासन, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और क्षमता निर्माण पर गहन विचार-विमर्श किया गया। विधायी विभाग और विधि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से भाग लिया और शासन को बेहतर बनाने, विधायी और कानूनी सेवाओं की बेहतरी सुनिश्चित करने और विधिक व्यवस्था में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए व्यावहारिक और कार्रवाई योग्य सुधारों पर अपने विचार साझा किए।

विचार-विमर्श के परिणामस्वरूप एक व्यापक दृष्टिकोण दस्तावेज तैयार किया गया जिसमें ठोस सुधार प्रस्ताव, संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए सिफारिशें और मंत्रालय के लिए कार्रवाई योग्य कार्यान्वयन उपाय शामिल थे।

समापन सत्र में, विधायी विभाग और विधिक विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने उत्सव एवं शिवाय के परिणाम स्वरूप एक 'संकल्प पत्र' जारी किया, जिसमें दो दिवसीय चिंतन शिविर से उभरे सामूहिक संकल्प और सुधार एजेंडा को संक्षेप में प्रस्तुत किया गया है, जो इस प्रकार है:-

संकल्प पत्र

सुधार उत्सव और चिंतन शिविर के समापन के बाद,

हम, विधायी विभाग और विधि कार्य विभाग के अधिकारी, केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल की उपस्थिति में, पूर्णत: यह संकल्प लेते हैं कि-

हम 2047 तक के विकसित भारत के लक्ष्यों में योगदान देने के अपने सभी प्रयासों में संविधान, कानून के शासन और सत्यनिष्ठा और सार्वजनिक सेवा के उच्चतम मानकों को बनाए रखेंगे।

हम व्यावसायिकता, नवाचार और निरंतर सीखने के माध्यम से कानूनी और विधायी शासन में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करेंगे।

हम कानूनों और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल, स्पष्ट, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में काम करेंगे।

हम विधायी मसौदा तैयार करने और कानूनी प्रशासन में काम करने के लिए गुणवत्तापूर्ण, सुसंगत और साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण प्रदान करेंगे।

हम भविष्य के लिए तैयार संस्थानों के निर्माण हेतु प्रौद्योगिकी, डिजिटल उपकरणों और एआई का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करेंगे।

हम सामूहिक उत्कृष्टता की खोज से प्रेरित चिंतन, सुधार और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देंगे।

हम सब मिलकर ईमानदारी, समर्पण और उद्देश्य के साथ राष्ट्र की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

जय हिंद।

केंद्रीय मंत्री ने सुधार उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026 के सफल आयोजन के लिए दोनों विभागों के सभी अधिकारियों को बधाई दी और मंत्रालय के संबंधित विभागों के लिए एक आधुनिक, प्रौद्योगिकी-संचालित और नागरिक-केंद्रित कानूनी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी सुधार एजेंडा को आकार देने में उनकी सक्रिय भागीदारी, विचारोत्तेजक-विमर्श और सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

सुधार उत्सव और चिंतन शिविर 2026, विधि और न्याय मंत्रालय के नवाचार, पारदर्शिता, संस्थागत उत्कृष्टता और सहयोगात्मक नीति निर्माण पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत @2047 की परिकल्पना के अनुरूप भारत के विधायी और विधिक ढांचे को मजबूत करना है।

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पीके/केसी/एवाई/एमपी


(रिलीज़ आईडी: 2281575) आगंतुक पटल : 205
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