विद्युत मंत्रालय
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विद्युत सुरक्षा दिवस पर देश में विद्युत सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए
प्रविष्टि तिथि:
30 JUN 2026 4:19PM by PIB Delhi
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण-सीईए ने बीएसईएस के साथ मिल कर 29 जून, 2026 को नई दिल्ली में विद्युत सुरक्षा दिवस 2026 मनाया। इस वर्ष विद्युत सुरक्षा दिवस का विषय रहा, "आज की जागरूकता, कल की रोकथाम: आइए हम सब मिलकर विद्युत शॉर्ट सर्किट से होने वाले आग के खतरों को रोकें"। यह विषय सरल लेकिन कठोर सत्य को समाहित करता है कि रोकथाम जागरूकता से शुरू होती है। अधिकांश विद्युत से लगने वाली आग को रोका जा सकता है - बाधा तकनीक या संसाधन नहीं बल्कि ज्ञान है। जब नागरिक, समुदाय और संस्थान दोषपूर्ण वायरिंग, ओवरलोडेड सॉकेट और खराब गुणवत्ता के विद्युत उपकरणों के जोखिमों को समझ लेते हैं, तो वे किसी खतरे की त्रासदी बनने से पहले ही सुरक्षा कार्रवाई करने में सक्षम होते हैं। विद्युत सुरक्षा दिवस 2026 इसी जागरूकता को आज फैलाने का माध्यम है, ताकि कल हर घर, हर परिवार और हर समुदाय अधिक सुरक्षित रहें।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद की उपस्थिति में विद्युत सुरक्षा दिवस 2026 आयोजित किया गया। इसमें गृह मंत्रालय के अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड महानिदेशालय के श्री सुनील कुमार झा भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के सदस्य (योजना) श्री ए. बालन, सदस्य (तापीय और आर्थिक एवं वाणिज्यिक)) श्री प्रवीण गुप्ता, सदस्य (ग्रिड प्रचालन एवं वितरण) श्री हेमंत जैन और सदस्य (विद्युत प्रणाली) श्री वी.के. सिंह भी उपस्थित रहे। बीएसईएस के निदेशक और समूह प्रमुख श्री अमल सिन्हा ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इस कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र के सभी क्षेत्रों से 1300 से अधिक प्रतिनिधियों ने व्यक्तिगत रूप से भाग लिया, जिनमें उपयोगिताएं और नियामक निकाय, राज्य मुख्य विद्युत निरीक्षणालय के अधिकारी, निवासी कल्याण संघ (आरडब्ल्यूए), ओईएम, निर्माता, फील्ड तकनीशियन, अस्पतालों, स्कूलों, होटलों के प्रतिनिधि और सक्रिय ऊर्जा उपयोगकर्ता (प्रोसुमर्स) शामिल रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने लाइव यूट्यूब वेबकास्ट (Observing Electrical Safety Day | 29th June 2026 | CEA | BSES - YouTube), के माध्यम से इसे आभासी माध्यम से देखा, जिससे आयोजन की कार्यवाही की पहुंच और प्रभाव विस्तारित हुआ।
केंद्रीय विद्युत और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने वीडियो संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विद्युत सुरक्षा भारत के 2047 के विकसित लक्ष्य की दिशा में भारत की यात्रा का मूलभूत हिस्सा है और सुरक्षा को रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। "आज की जागरूकता, कल की रोकथाम - आइए हम सब विद्युत लघु परिपथ से होने वाली आग के खतरों को रोकने के लिए एकजुट हों" विषय का जिक्र करते हुए मंत्री ने बताया कि लघु परिपथ से लगने वाली अधिकांश विद्युत आग को नियमित सुरक्षा जांच, निवारक रखरखाव, उचित अर्थिंग और सुरक्षा मानकों के पालन से रोका जा सकता है। उन्होंने आवासीय कल्याण संघों, उद्योगों, अस्पतालों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और अवसंरचना एजेंसियों से विद्युत सुरक्षा प्रथाओं को मजबूत करने और रोकथाम की संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। माननीय मंत्री ने बच्चों के लिए विद्युत सुरक्षा पुस्तिका 'विद्युत सुरक्षा बोध' और विद्युत अग्नि सुरक्षा पुस्तक के विमोचन का भी स्वागत किया और इन्हें जन जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति जागरूक भावी पीढ़ी के पोषण के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।

केन्द्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने अपने वीडियो संदेश में सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे घरों, कार्यस्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित विद्युत प्रणाली अपनाकर विद्युत सुरक्षा को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। "आज की जागरूकता, कल की रोकथाम - आइए हम सब विद्युत लघु परिपथ से होने वाली आग के खतरों को रोकने के लिए एकजुट हों" विषय पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विद्युत उपकरणों की समय पर सुरक्षा जांच, परिपथों को ओवरलोड होने से बचाना, गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपकरणों का ही उपयोग और उचित अर्थिंग से अधिकांश विद्युत से लगने वाली आग और दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। 'विद्युत सुरक्षा बोध' और विद्युत अग्नि सुरक्षा पुस्तक के विमोचन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन बच्चों में सुरक्षित विद्युत प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने और जन जागरूकता मजबूत करने में सहायक होंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे विद्युत सुरक्षा को केवल इस सप्ताह ही नहीं बल्कि वर्ष के प्रत्येक दिन अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री घनश्याम प्रसाद ने जोर दिया कि विद्युत सुरक्षा की शुरुआत छोटे-छोटे, रोजमर्रा कार्यों से होती है। उन्होंने ऐसी संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया जहां रोकथाम एक बार का प्रयास न होकर निरंतर अभ्यास बन जाए। "आज की जागरूकता, कल की रोकथाम - आइए हम सब विद्युत शॉर्ट सर्किट से होने वाले अग्नि खतरों को रोकने के लिए एकजुट हों" विषय पर अपने संबोधन में, उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों से सुरक्षित विद्युत प्रथाओं को अपनाने और संभावित विद्युत खतरों के प्रति सतर्क रहने को कहा। जन जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा के माध्यम से सुरक्षित विद्युत प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने 'विद्युत सुरक्षा बोध' और विद्युत अग्नि सुरक्षा पुस्तक के शुभारंभ को महत्वपूर्ण पहल बताया।

अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड महानिदेशालय के प्रमुख श्री सुनील कुमार झा ने कहा कि भारत में शहरीकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत चालित वाहनों, डेटा केंद्रों और औद्योगिक स्वचालन में हो रही तेज बढ़ोत्तरी से विद्युत प्रणालियों पर निर्भरता काफी बढ़ गई है, जिससे आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और संस्थागत भवनों में बिजली से लगने वाली आग के प्रमुख कारणों में शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग, ढीले कनेक्शन, खराब रखरखाव, घटिया उपकरण, पुरानी वायरिंग और अनधिकृत बदलाव है। श्री झा ने विद्युत सुरक्षा के तीन स्तंभों, सुरक्षित डिजाइन और स्थापना, नियमित निरीक्षण और रखरखाव, और जन जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन को रेखांकित किया। उन्होंने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों द्वारा उत्पन्न विशिष्ट और गंभीर चुनौतियों का भी उल्लेख किया और अपने निदेशालय तथा केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के बीच अग्निशमन लेखा परीक्षकों और अग्निशमन कर्मियों के लिए विकसित संयुक्त प्रशिक्षण दिशानिर्देशों की घोषणा की। अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने पूरे देश में विद्युत सुरक्षा को जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता का आग्रह किया।
इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे:
- 'विद्युत सुरक्षा बोध' - यह मानते हुए कि बचपन में विकसित सुरक्षित आदतें जीवन भर काम आती हैं, यह पुस्तक बचपन से ही विद्युत सुरक्षा का परिचय कराती है। आयु अनुसार उपयुक्त पाठों, कहानियों, चित्रों और गतिविधियों द्वारा यह बच्चों को आवश्यक सुरक्षा अभ्यास सिखाती है, जैसे तारों और सॉकेटों के संपर्क से बचना, विद्युत उपकरणों से दूर रहना, बिजली का सुरक्षित उपयोग, बिजली दुर्घटनाओं से बचाव और आपात स्थिति या बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान सही कदम उठाना। सुरक्षा शिक्षा को सरल और रुचिकर बनाकर, यह पुस्तक सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिकों की एक पीढ़ी तैयार करने और सुरक्षित भारत में योगदान देने का लक्ष्य रखती है।

- विद्युत अग्नि सुरक्षा पुस्तिका - यह पुस्तिका विद्युत अग्नि के खतरों की रोकथाम को बढ़ावा देने और बिजली के सुरक्षित उपयोग के लिए एक व्यावहारिक जागरूकता मार्गदर्शिका के रूप में प्रस्तुत की गई है। विद्युत अग्नि के कारणों, निवारक उपायों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और उभरते ऊर्जा प्रतिष्ठानों के लिए सुरक्षा प्रथाओं जैसे प्रमुख पहलुओं के साथ, इस पुस्तिका का उद्देश्य जन जागरूकता बढ़ाना, रोकथाम की संस्कृति को बढ़ावा देना और देश भर में विद्युत सुरक्षा बढ़ाने में सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का समर्थन करना है।
- विद्युत अग्नि सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षा संबंधी सर्वोत्तम प्रथाओं पर एक नुक्कड़ नाटक "आग बोलती है - आग का सफर" शीर्षक से एक विषयगत प्रस्तुति दी गई। रोचक कहानियों और संवादात्मक प्रस्तुतियों द्वारा कार्यक्रमों में विद्युत अग्नि के सामान्य कारणों, सुरक्षित विद्युत प्रक्रिया अपनाने के महत्व और जीवन एवं संपत्ति की रक्षा में समय पर निवारक उपायों की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस तरह की पहल ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि विद्युत सुरक्षा जागरूकता और दायित्वपूर्ण व्यवहार से शुरू होती है। इससे आम लोग सुगमता से यह तकनीकी विषय समझ सके।

उद्घाटन उपरांत सत्र में बीएसईएस की अग्नि सुरक्षा और अग्नि निवारक प्रौद्योगिकियों पर कई तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं जिसकी प्रतिभागियों ने सराहना की।
विद्युत सुरक्षा दिवस 2026 को आगे बढ़ाते हुए, राष्ट्रीय विद्युत सुरक्षा सप्ताह के दौरान जागरूकता अभियान जारी रहेंगे। इन अभियानों में सुरक्षा शपथ समारोह, सामुदायिक कार्यक्रम, सर्वोत्तम प्रथाओं का प्रसार और विद्यालयों, आवासीय कल्याण संघों, उद्योगों और संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाकर व्यापक जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह की पहल का उद्देश्य सुरक्षित विद्युत प्रथाओं को बढ़ावा देकर तथा देश भर में रोकथाम की संस्कृति सुदृढ़ बनाकर जागरूकता को सतत कार्रवाई में बदलना है।
भारत आधुनिक, सुदृढ़ और संवहनीय विद्युत क्षेत्र की ओर अग्रसर है, ऐसे में विद्युत सुरक्षा एक साझा राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए। इस वर्ष के विषय, "आज की जागरूकता, कल की रोकथाम - आइए हम सब मिलकर विद्युत शॉर्ट सर्किट से होने वाली आग के खतरों को रोकें," के प्रेरक वाक्य, सरकारों, बिजली कंपनियों, उद्योगों और नागरिकों के सामूहिक प्रयास विद्युत अग्नि खतरों को रोकने, जीवन और संपत्ति की रक्षा करने और एक सुरक्षित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि विद्युत सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है और इसमें सामूहिक जागरूकता, सतर्कता और सुरक्षित विद्युत प्रथाओं के पालन की आवश्यकता है।
कृपया निम्नलिखित लिंक देखें: -
- इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया था और इसे YouTube पर देखा जा सकता है: Observing Electrical Safety Day | 29th June 2026 | CEA | BSES - YouTube
- विद्युत सुरक्षा दिवस-2026 के अवसर पर केन्द्रीय विद्युत एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री का संदेश – https://youtu.be/E5XP3-40zUg
- विद्युत सुरक्षा दिवस 2026 के अवसर पर केन्द्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री का संदेश – विद्युत सुरक्षा दिवस के अवसर पर माननीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री का संदेश
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(रिलीज़ आईडी: 2279476)
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