सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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150 करोड़ और उससे ज़्यादा लागत वाली केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं पर त्वरित रिपोर्ट


'पैमाना' पोर्टल मई 2026 तक 42.50 लाख करोड़ रुपये की 1,987 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है

प्रविष्टि तिथि: 25 JUN 2026 4:00PM by PIB Delhi

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय अपने 'पैमाना' प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी को लगातार बेहतर बना रहा है। यह प्लेटफॉर्म सभी मंत्रालयों में परियोजनाओं का बेहतर ढंग से ट्रैक रखने, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सक्षम बना रहा है। यह पोर्टल मई 2026 तक 42.50 लाख करोड़ रुपये की 1,987 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है।

मुख्य विशेषताएं

मई 2026 तक, 42.50 लाख करोड़ रुपये की कुल संशोधित लागत वाली 1,987 चालू अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों में की जा रही है। इन परियोजनाओं पर अब तक 21.82 लाख करोड़ रुपये का संचयी व्यय हो चुका है, जो संशोधित परियोजना लागत का लगभग 51.34 प्रतिशत है। यह परियोजना के कार्यान्वयन  में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

परियोजनाओं का एक बड़ा हिस्सा अपने अग्रिम चरणों में है, जिसमें 817 परियोजनाओं (~41%) ने 80% से अधिक का काम पूरा हो चूका है, जबकि 280 परियोजनाओं (~14%) ने 80% से अधिक वित्तीय पूर्णता हासिल कर ली है। यह आंकड़े एक संतुलित प्रगति को भी दर्शाते हैं, जिसमें परियोजनाएं कार्यान्वयन के शुरुआती और अग्रिम दोनों चरणों में समान रूप से वितरित हैं।

परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र (आर्थिक कार्य विभाग  की समरूप मास्टर सूची के अनुसार) में चल रही परियोजनाओं की सबसे अधिक संख्या (1476 परियोजनाएं) है। इन परियोजनाओं की संशोधित अनुमानित लागत 23.50 लाख करोड़ रुपये है, जो कनेक्टिविटी आधारित बुनियादी ढांचे के विकास को दी जा रही प्राथमिकता को रेखांकित करती है।

  • चालू 1,987 अवसंरचना परियोजनाओं में 813 बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं (1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक की लागत वाली परियोजनाएं) जिनकी मूल लागत 31.58 लाख करोड़ रुपये है। इसके साथ ही, इसमें 1,174 प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं (150 करोड़ रुपये से अधिक और 1,000 करोड़ रुपये से कम की लागत वाली परियोजनाएं) जिनकी कुल राशि 5.52 लाख करोड़ रुपये है।
  • भौतिक और वित्तीय प्रगति मोटे तौर पर एक साथ (एक ही गति से) आगे बढ़ती है। इसमें बड़ी संख्या में परियोजनाएं शुरुआती (0-20%) और अग्रिम (81-100%) चरणों में केंद्रित हैं, जो यह दर्शाती हैं कि जहां कई नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, वहीं कई अन्य पूर्ण होने के करीब हैं। हालांकि 81-100% के दायरे में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, लेकिन शुरुआती चरणों में वित्तीय प्रगति तुलनात्मक रूप से अधिक है, जो परियोजना कार्यान्वयन में शुरुआत में होने वाले अग्रिम व्यय के पैटर्न को दर्शाती है।

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अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभाग-वार प्रगति

 

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के पास (1,149 परियोजनाएं या 58%) सबसे अधिक परियोजनाएं हैं। कुल संशोधित परियोजना लागत में इसकी हिस्सेदारी 10.95 लाख करोड़ रुपये (26%) है, जो राष्ट्रीय अवसंरचना के विकास में इसकी अहम भूमिका को उजागर करती है।
  • रेल मंत्रालय 261 परियोजनाओं (13%) का कार्यान्वयन कर रहा है, जिसकी कुल संशोधित परियोजना लागत 8.79 लाख करोड़ रुपये (21%) है।
  • कोयला मंत्रालय 121 परियोजनाओं (6%) के कार्यान्वयन का जिम्मा संभाले हुए है, जिसकी कुल संशोधित परियोजना लागत 2.23 लाख करोड़ रुपये (5%) है।
  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 109, 101, 50 और 40 परियोजनाओं का कार्यान्वयन कर रहे हैं, जिनकी संबंधित संशोधित लागत क्रमशः 5.14 लाख करोड़ रुपये, 5.77 लाख करोड़ रुपये, 3.65 लाख करोड़ रुपये और 2.04 लाख करोड़ रुपये है।
  • शेष 156 परियोजनाएं (8%), जिनकी कुल संशोधित लागत 3.93 लाख करोड़ रुपये (9%) है, विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में बंटी हुई हैं। इनमें उच्च शिक्षा, नागरिक उड्डयन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम और रोजगार, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, खान, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग तथा खेल मंत्रालय शामिल हैं। (अनुलग्नक 1 देखें)

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क्षेत्र-वार (डीईए की बुनियादी ढांचे की समरूप मास्टर सूची के अनुसार) अवसंरचना  परियोजनाओं की क्षेत्र-वार प्रगति

  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है, जो 1,476 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 74%) के साथ कुल संशोधित लागत का 55% (23.50 लाख करोड़ रुपये) हिस्सा रखता है। यह आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स की क्षमता बढ़ाने में सड़कों और राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
  • ऊर्जा क्षेत्र 214 परियोजनाओं के साथ कुल संशोधित लागत के 27% (11.25 लाख करोड़ रुपये) हिस्से के साथ दूसरे स्थान पर है, जो तेल और गैस अवसंरचना, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क, तथा ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर निरंतर दिए जा रहे जोर को दर्शाता है।
  • संचार अवसंरचना, 12 परियोजनाओं के तहत 2.53 लाख करोड़ रुपये (5%) की संशोधित लागत के साथ, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से किए जा रहे लक्षित प्रयासों को प्रदर्शित करती है।
  • जल और स्वच्छता परियोजनाएं 56 परियोजनाओं के तहत 2.08 लाख करोड़ रुपये (5%) की हिस्सेदारी रखती हैं, जो आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर दिए जा रहे ध्यान को उजागर करती हैं।
  • सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना, जिसमें 88 परियोजनाएं शामिल हैं और जिनकी संशोधित लागत 0.94 लाख करोड़ रुपये (2%) है, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट, तथा पर्यटन, आतिथ्य  और आरोग्य के क्षेत्रों में किए जा रहे चुनिंदा निवेश को दर्शाता है।
  • 'अन्य' श्रेणी के तहत वर्गीकृत परियोजनाएं, जो 141 परियोजनाओं के माध्यम से 2.19 लाख करोड़ रुपये (5%) की राशि की हैं, कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विविधीकरण को दर्शाती हैं।

(अनुलग्नक II देखें)

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पूरी हो चुकी परियोजनाएं और नई परियोजनाएं

  • मई 2026 के दौरान, 16 परियोजनाएं चालू की गईं, जिनमें कोयला, आवास और शहरी मामले, विद्युत, सड़क परिवहन और राजमार्ग, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा श्रम और रोजगार मंत्रालयों की प्रमुख संपत्तियां शामिल हैं। चालू की गई प्रमुख परियोजनाओं में कोयला मंत्रालय की "घाटमपुर ताप विद्युत संयंत्र (थर्मल पावर प्लांट) 3 X 660 मेगावाट ( 21,780.94 करोड़ रुपये)", आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की "अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना [चरण-I] ( 12,924.55 करोड़ रुपये)" तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की "मुंबई नागपुर झारसुगुड़ा पाइपलाइन परियोजना ( 8,255 करोड़ रुपये)" शामिल हैं।
  • मई 2026 के दौरान, 35 अतिरिक्त परियोजनाओं को 'पैमाना' की निगरानी के दायरे में लाया गया। ये परियोजनाएं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग तथा आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की हैं। इनमें शामिल हैं:
  1. विद्युत मंत्रालय की "तेलंगाना सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, चरण-II [3 x 800 मेगावाट]" ( 29,344.85 करोड़ रुपये)।
  2. रेल मंत्रालय की "निदादावोलु-दुव्वाड़ा तीसरी और चौथी लाइन" (9,889.24 करोड़ रुपये)।
  3. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की "राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के पत्थलगांव-कुनकुरी-छत्तीसगढ़/झारखंड सीजी/जेएच सीमा खंड का किमी 00.000 से किमी 104.250 तक 4-लेनिंग" ( 3,147 करोड़ रुपये)।

प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: जून 2026 महीने की त्वरित रिपोर्ट 27 जुलाई 2026 को जारी की जाएगी।

नोट:

  1. यह प्रेस विज्ञप्ति सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर जारी त्वरित रिपोर्ट (मई 2026) के मुख्य अंशों का सारांश है, जो https://paimana-proj.mospi.gov.in/ पर या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।

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  1. 'पैमाना' 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक की केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत वेब-आधारित पोर्टल है। "एक डेटा, एक प्रविष्टि" के सिद्धांत पर काम करते हुए, यह एपीआई के माध्यम से उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के आईपीएमपी पोर्टल के साथ एकीकृत है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से मिलने वाले परियोजना डेटा का 70% से अधिक हिस्सा स्वचालित रूप से अपडेट हो जाता है। 'पैमाना' एक राष्ट्रीय डेटा-भंडार के रूप में भी कार्य करता है, जिसे अवसंरचना की निगरानी को मानकीकृत करने और देश के निर्माण के लिए सही जानकारी के आधार पर फ़ैसले लेने में मदद करने के लिए बनाया गया है।

अनुलग्नक 1

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभाग-वार प्रगति

क्रम संख्या

मंत्रालय/विभाग

परियोजनाओं की संख्या)

संशोधित लागत (₹ लाख करोड़)

संचयी व्यय (लाख करोड़)

1

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय

1149

10.95

3.78

2

रेल मंत्रालय

261

8.79

5.84

3

कोयला मंत्रालय

121

2.23

0.57

4

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय

109

5.14

4.86

5

विद्युत मंत्रालय

101

5.77

2.02

6

आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय

50

3.65

1.90

7

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग

40

2.04

1.43

8

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय

35

0.25

0.10

9

उच्च शिक्षा विभाग

30

0.15

0.08

10

नागरिक उड्डयन मंत्रालय

26

0.23

0.11

11

इस्पात मंत्रालय

19

0.23

0.11

12

दूरसंचार विभाग

12

2.53

0.76

13

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

10

0.19

0.02

14

श्रम और रोजगार मंत्रालय

9

0.02

0.01

15

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय

8

0.21

0.15

16

खान मंत्रालय

6

0.12

0.07

17

खेल विभाग

1

0.01

0.01

 

कुल

1987

42.50

21.82

 

अनुलग्नक II

Sector-wise (as per DEA’s Harmonized Master List of Infrastructure) progress of Central Sector Infrastructure Projects

 

क्रम संख्या

चएमएल श्रेणी

परियोजना गणना

(संख्या)

संशोधित लागत (लाख करोड़)

संचयी व्यय

(₹ लाख करोड़)

1

परिवहन और लॉजिस्टिक्स

1476

23.50

11.62

2

ऊर्जा

214

11.25

6.93

3

सामाजिक और व्यावसायिक

88

0.94

0.38

4

जल और स्वच्छता

56

2.08

1.46

5

संचार

12

2.53

0.76

6

अन्य

141

2.19

0.67

 

कुल

1987

42.50

21.82

 

***

पीके/केसी/एसके/डीए


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