नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल का शुभारंभ किया


छह राज्यों ने ग्रीन हाइड्रोजन के लिए विशेष नीतियां अधिसूचित कीं; सात राज्यों ने मौजूदा नीतियों में हाइड्रोजन को शामिल किया, चार अन्य राज्यों की नीतियां अंतिम चरण में: श्री जोशी

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन पर कार्यशाला का आयोजन किया; भारत सरकार की निर्णायक उपलब्धियों के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम

प्रविष्टि तिथि: 17 JUN 2026 7:09PM by PIB Delhi

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने आज नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्य नीतियों, हब और अवसंरचना के माध्यम से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को सुदृढ़ बनाना विषयक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान भारत के ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन पोर्टल (जीएचसीआई) का शुभारंभ किया। मंत्रालय द्वारा विकसित यह पोर्टल भारत की ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना के अंतर्गत पारदर्शी प्रमाणन तथा नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन को सुगम बनाएगा।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री जोशी ने राज्यों से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छह राज्यों ने पहले ही ग्रीन हाइड्रोजन के लिए विशेष नीतियां अधिसूचित कर दी हैं, जबकि सात अन्य राज्यों ने अपनी मौजूदा औद्योगिक और नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों में हाइड्रोजन को शामिल किया है। उन्होंने बताया कि चार अन्य राज्य अपनी नीतियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 15 कंपनियों को प्रतिवर्ष 3,000 मेगावाट स्वदेशी इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण क्षमता स्थापित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। इससे आयातित आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता कम होगी।

रिफाइनरी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए श्री जोशी ने कहा कि आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल और एनआरएल को प्रतिवर्ष 30,000 मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन की आपूर्ति के लिए अनुबंध प्रदान किए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस्पात क्षेत्र में 100 प्रतिशत हाइड्रोजन इंजेक्शन के परीक्षण हेतु पायलट परियोजनाओं के लिए 84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

स्वच्छ परिवहन क्षेत्र में उन्होंने कहा कि 37 हाइड्रोजन ईंधन चालित वाहनों और 9 रणनीतिक रिफ्यूलिंग स्टेशनों के समर्थन के लिए लगभग 208 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सात राष्ट्रीय परीक्षण सुविधाओं के लिए 193.35 करोड़ रुपये का निवेश भी किया गया है।

श्री जोशी ने नवाचार और मानकों के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि 113 करोड़ रुपये की समर्पित अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) रूपरेखा के तहत 21 स्वीकृत परियोजनाओं को समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना के शुभारंभ तथा ग्रीन अमोनिया और ग्रीन मेथनॉल के मानकों को अंतिम रूप दिए जाने के माध्यम से नियामकीय ढांचे को और मजबूत किया गया है।

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ने आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत 11 उर्वरक संयंत्रों को प्रतिवर्ष 6.7 लाख मीट्रिक टन ग्रीन अमोनिया की आपूर्ति के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान भारत ने स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में दुनिया के सबसे तेज और महत्वाकांक्षी प्रयासों में से एक को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ शुरू किया गया राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन इस परिवर्तन को और गति प्रदान कर रहा है।

उन्होंने कहा कि इस मिशन का लक्ष्य 5 मिलियन मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता स्थापित करना है, जिसके लिए 125 गीगावाट समर्पित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। इससे 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा, 6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा प्रतिवर्ष 5 करोड़ टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

श्री जोशी ने बताया कि साइट (SIGHT) कार्यक्रम के अंतर्गत पहले ही प्रतिवर्ष 8.62 लाख मीट्रिक टन हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता के लिए प्रोत्साहन प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करते हुए नवंबर 2025 में जेएसडब्ल्यू द्वारा 3,600 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाले हरित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र के सफल संचालन का उल्लेख किया।

यह कार्यशाला भारत सरकार की निर्णायक उपलब्धियों के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा थी। इसमें स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, हरित हाइड्रोजन तथा औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रयासों के क्षेत्र में देश की प्रगति को रेखांकित किया गया।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकियों से जुड़े स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 9 स्टार्टअप्स को कुल 22 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने की मंजूरी दी जा रही है।

कार्यशाला में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव श्री संतोष कुमार सारंगी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

अधिक जानकारी के लिए:

 

(क) ग्रीन हाइड्रोजन सर्टिफिकेशन पोर्टल के संबंध में यहाँ क्लिक करें:

https://docs.google.com/document/d/1bfDtgiFTjWqCuX949Hrk3RLnrgxOjx9a/edit?usp=sharing&ouid=108802509289457962907&rtpof=true&sd=true

(ख) कार्यशाला के संबंध में यहाँ क्लिक करें:

https://docs.google.com/document/d/1eZz_kqHxpZHjys7JiRZHCWdwx-NK6PVY/edit?usp=sharing&ouid=108802509289457962907&rtpof=true&sd=tru

 

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