सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय
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केंद्रीय क्षेत्र की 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की अवसंरचना परियोजनाओं पर फ्लैश रिपोर्ट


पैमाना पोर्टल पर अप्रैल 2026 तक 42.78 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,981 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी


प्रविष्टि तिथि: 25 MAY 2026 4:00PM by PIB Delhi

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के पैमाना (प्रोजेक्ट असेसमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग एंड एनालिटिक्स फॉर नेशन-बिल्डिंग) पोर्टल के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी जारी है। इससे विभिन्न मंत्रालयों में बेहतर ट्रैकिंग, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है। इस पोर्टल पर अप्रैल 2026 तक 42.78 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 1,981 अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी की गई है।

मुख्य विशेषताएं

  • अप्रैल 2026 तक, 17 केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों के अंतर्गत 42.78 लाख करोड़ रुपये की कुल संशोधित लागत वाली 1,981 चालू अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इन परियोजनाओं पर कुल व्यय 20.36 लाख करोड़ रुपये है, जो संशोधित परियोजना लागत का लगभग 47.59 प्रतिशत है। यह परियोजना कार्यान्वयन में स्थिर प्रगति को दर्शाता है।
  • अधिकांश परियोजनाएं उन्नत चरणों में हैं, जिनमें से 801 परियोजनाएं (लगभग 40 प्रतिशत) 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर चुकी हैं, जबकि 277 परियोजनाएं (लगभग 14 प्रतिशत) 80 प्रतिशत वित्तीय पूर्णता पार कर चुकी हैं।  यह आंकडे एक संतुलित परियोजना प्रक्रिया को भी दर्शाते हैं, जिसमें परियोजनाएं कार्यान्वयन के प्रारंभिक और उन्नत चरणों में वितरित हैं।
  • परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र (डीईए की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार) में सबसे अधिक संख्या में 1459 चालू परियोजनाओं का संशोधित अनुमान 23.34 लाख करोड़ रुपये है। यह कनेक्टिविटी-संचालित बुनियादी ढांचे के विकास की  प्राथमिकता पर जोर देता है।

 

  • चालू 1,981 अवसंरचना परियोजनाओं में 814 मेगा परियोजनाएं (परियोजना लागत (1,000 करोड़ रुपये और उससे अधिक) शामिल हैं , जिनकी मूल लागत 31.63 लाख करोड़ रुपये है और 1,167 प्रमुख परियोजनाओं में 1,000 करोड़ रुपये से कम और 150 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं शामिल हैं, जिनकी कुल लागत 5.49 लाख करोड़ रुपये है।
  • परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति बड़ी संख्या में प्रारंभिक (0-20 प्रतिशत) और उन्नत (81-100 प्रतिशत) चरणों में केंद्रित हैं, जो कई पूर्ण होने वाली परियोजनाओं के साथ-साथ नई शुरू हुई परियोजनाओं की एक श्रृंखला को दर्शाती हैं। जबकि 81-100 प्रतिशत के दायरे में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, प्रारंभिक चरणों में वित्तीय प्रगति अपेक्षाकृत अधिक है, जो परियोजना कार्यान्वयन में अग्रिम व्यय को दर्शाती है।

2. मंत्रालय/विभागवार अवसंरचना परियोजनाओं की प्रगति

  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सबसे अधिक परियोजनाएं चला रहा हैं। परियोजनाओं की संख्या 1137 (57 प्रतिशत) हैं और साथ ही कुल संशोधित परियोजना लागत 10.81 लाख करोड़ रुपये (25 प्रतिशत) में सबसे बड़ा हिस्सा भी इसी मंत्रालय का है, जो राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में इसकी केंद्रीय भूमिका को उजागर करता है।
  • रेल मंत्रालय 260 परियोजनाओं (13 प्रतिशत) को कार्यान्वित कर रहा है और कुल संशोधित परियोजना लागत में इसका दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा 8.69 लाख करोड़ रुपये (20 प्रतिशत) है।
  • कोयला मंत्रालय 128 परियोजनाओं (7 प्रतिशत) चला रहा है, जिनकी कुल संशोधित परियोजना लागत 2.49 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) है।
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य का मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग क्रमशः 112, 102, 51 और 48 परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहे हैं, जिनकी संशोधित लागत क्रमशः 5.19 लाख करोड़ रुपये, 5.53 लाख करोड़ रुपये, 3.75 लाख करोड़ रुपये और 2.25 लाख करोड़ रुपये है।
  • शेष 143 परियोजनाएँ (7 प्रतिशत), जिनकी कुल संशोधित लागत 4.08 लाख करोड़ रुपये (10 प्रतिशत) है, उच्च शिक्षा, नागर विमानन, इस्पात, दूरसंचार, श्रम एवं रोजगार, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, खान, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और खेल सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में वितरित हैं। ( परिशिष्ट देखें)

3. आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं की क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की आधारभूत संरचनाओं की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार)

  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्रमुख क्षेत्र बना हुआ है, जो 1,459 परियोजनाओं (कुल परियोजनाओं का 74 प्रतिशत) में कुल संशोधित लागत (23.34 लाख करोड़ रुपये) का 55 प्रतिशत हिस्सा है। यह आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सड़कों और राजमार्गों, रेलवे, विमानन, शहरी सार्वजनिक परिवहन, शिपिंग और अंतर्देशीय जलमार्गों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
  • ऊर्जा क्षेत्र दूसरे स्थान पर है। इसमें कुल संशोधित लागत 11.30 लाख करोड़ रुपये का 27 प्रतिशत हिस्सा है। इस क्षेत्र में 221 परियोजनाएं चलाई जा रही है। इससे तेल और गैस अवसंरचना, बिजली उत्पादन, पारेषण और वितरण नेटवर्क और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों को निरंतर बल मिल रहा है।
  • 12 परियोजनाएं 2.73 लाख करोड़ रुपये (6 प्रतिशत) की संशोधित लागत के साथ संचार अवसंरचना, डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से लक्षित हस्तक्षेपों का प्रतिनिधित्व करती है।
  • जल एवं स्वच्छता परियोजनाओं में 67 परियोजनाओं में कुल 2.30 लाख करोड़ रुपये (5 प्रतिशत) का निवेश किया गया है। इससे आवश्यक शहरी सेवाओं पर निरंतर ध्यान दिए जाने की बात स्पष्ट होती है।
  • सामाजिक और वाणिज्यिक अवसंरचना में शामिल 0.91 लाख करोड़ रुपये (2 प्रतिशत) की संशोधित लागत वाली 77 परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रियल एस्टेट और पर्यटन, आतिथ्य तथा कल्याण के क्षेत्र में चुनिंदा निवेश से संबंधित है।
  • 'अन्य' श्रेणी के अंतर्गत वर्गीकृत 2.21 लाख करोड़ रुपये लागत (5 प्रतिशत) की 145 परियोजनाएं कोयला, इस्पात, धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में विविधीकरण को दर्शाती हैं।

(परिशिष्ट II देखें)

 

4. पूर्ण परियोजनाएं और नए परिवर्धन

  • अप्रैल 2026 के दौरान, आवासन एवं शहरी कार्य, रेलवे, विद्युत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में प्रमुख परिसंपत्तियों सहित 9 परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया। इनमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा" नागपुर-रायपुर सड़क परदी ऑक्ट्रॉय नाका से इटवारी तक शहरी संपर्क के लिए 544.650 किलोमीटर पर फ्लाईओवर, आरओबी, सर्विस रोड और आरसीसी नालियों के लिए 758.4 करोड़ रुपये की फुटपाथ परियोजनाएं शामिल हैं। विद्युत मंत्रालय द्वारा "राजस्थान में चरण-III भाग ई-1 के तहत 20 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा भंडार से बिजली निकासी के लिए पारेषण प्रणाली (688.74 करोड़ रुपये) और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा 362.31 करोड़ रुपये की जबलपुर सीवरेज प्रबंधन एवं उपचार अवसंरचना परियोजना चलाई जा रही है।
  • अप्रैल 2026 के दौरान 55 अतिरिक्त परियोजनाओं की निगरानी पैमाना पोर्टल से की गई। ये परियोजनाएं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, रेल मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग की हैं। इनमें शामिल हैं:
    • आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 15,611 करोड़ रुपये लागत की बैंगलोर मेट्रो रेल के तीसरे चरण की परियोजना।
    • विद्युत मंत्रालय की 14,105.83 करोड़ रुपये लागत वाली कलाई-II जलविद्युत परियोजना [1200 मेगावाट]
    • उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की 2,360 करोड़ रुपये की "हैदराबाद नागपुर औद्योगिक गलियारे के अंतर्गत जहीराबाद नोड का विकास" परियोजना।

5. प्रेस विज्ञप्ति की अगली तिथि: मई 2026 माह की फ्लैश रिपोर्ट 25 जून 2026 को जारी की जाएगी।

टिप्पणी

  1. इस प्रेस विज्ञप्ति में केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक) पर सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की फ्लैश रिपोर्ट (अप्रैल 2026) के मुख्य बिंदुओं का सारांश दिया गया है। रिपोर्ट https://paimana-proj.mospi.gov.in/ लिंक या क्यूआर कोड के माध्यम से उपलब्ध है।

  1. पैमाना 150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की केंद्रीय क्षेत्र अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत वेब-आधारित पोर्टल है । "एक डेटा, एक प्रविष्टि" सिद्धांत के तहत, यह एपीआई के माध्यम से डीपीआईआईटी के आईपीएमपी पोर्टल के साथ एकीकृत है ताकि विभिन्न मंत्रालयों/विभागों से 70 प्रतिशत से अधिक परियोजनाओं से जुड़े आंकड़ों को स्वचालित रूप से अपडेट किया जा सके। पैमाना पोर्टल एक राष्ट्रीय भंडार के रूप में भी कार्य करता है जिसे अवसंरचना निगरानी को मानकीकृत करने और राष्ट्र निर्माण के लिए सूचित निर्णय लेने में सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

अनुलग्नक 1

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की मंत्रालय/विभागवार प्रगति

 

क्रमांक

मंत्रालय/विभाग

परियोजनाओं की संख्या

संशोधित लागत

(लाख करोड़ रुपये)

संचयी व्यय (लाख करोड़ रुपये)

1

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

1137

10.81

3.70

2

रेल मंत्रालय

260

8.69

5.79

3

कोयला मंत्रालय

128

2.49

0.80

4

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

112

5.19

3.03

5

विद्युत मंत्रालय

102

5.53

2.01

6

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय

51

3.75

2.00

7

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग

48

2.25

1.62

8

उच्च शिक्षा विभाग

30

0.15

0.08

9

नागर विमानन मंत्रालय

26

0.23

0.11

10

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय

23

0.21

0.08

11

इस्पात मंत्रालय

19

0.23

0.10

12

दूरसंचार विभाग

12

2.73

0.77

13

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

11

0.03

0.02

14

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग

8

0.16

0.02

15

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय

7

0.20

0.15

16

खान मंत्रालय

6

0.12

0.07

17

खेल विभाग

1

0.01

0.01

 

कुल योग

1981

42.78

20.36

अनुलग्नक II

केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की क्षेत्रवार प्रगति (डीईए की अवसंरचना की सामंजस्यपूर्ण मास्टर सूची के अनुसार)

क्रमांक

एचएमएल श्रेणी

परियोजनाओं की संख्‍या

संशोधित लागत (लाख करोड़ रुपये)

संचयी व्यय (लाख करोड़ रुपये)

1

परिवहन और लॉजिस्टिक्स

1459

23.34

11.59

2

ऊर्जा

221

11.30

5.33

3

जल एवं स्वच्छता

67

2.30

1.65

4

संचार

12

0.91

0.77

5

सामाजिक और वाणिज्यिक

77

2.73

0.35

6

अन्य

145

2.21

0.67

 

कुल

1981

42.78

20.36

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