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रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ ने आज नई दिल्ली में अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान समिति - सशस्त्र बल नेत्र विज्ञान अपडेट 2026 का उद्घाटन किया

प्रविष्टि तिथि: 09 MAY 2026 5:59PM by PIB Delhi

रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय ने 9 मई, 2026 को नई दिल्ली में एआईओएस-सशस्त्र बल नेत्र विज्ञान अपडेट 2026 का उद्घाटन किया। दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान समिति (एआईओएस) के सहयोग से सेना अस्पताल (अनुसंधान एवं रेफरल), नई दिल्ली के नेत्र विज्ञान विभाग ने संयुक्त रूप से किया है। यह आयोजन सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसमें भारत और विदेश के सैन्य नेत्र रोग विशेषज्ञों और प्रख्यात नागरिक विशेषज्ञों को अत्याधुनिक नेत्र विज्ञान अनुसंधान, नवाचार और नैदानिक ​​उत्कृष्टता के लिए समर्पित एक साझा शैक्षणिक मंच पर एक साथ लाया गया है।

रक्षा राज्य मंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और निस्वार्थ सेवा के लिए सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, सेना चिकित्सा कोर और अखिल भारतीय नेत्र विज्ञान समिति के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने 'नर सेवा नारायण सेवा' की भावना पर बल देते हुए राष्ट्र निर्माण और मानवीय सेवा में चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया।

श्री संजय सेठ ने कहा, भारतीय नेत्र रोग विशेषज्ञ विश्व के सर्वश्रेष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों में शुमार हैं। उनकी कुशलता, समर्पण और करुणा ने लाखों लोगों को  - हमारे शहरों, हमारे गांवों और सबसे चुनौतीपूर्ण मोर्चों पर दृष्टि का वरदान प्रदान किया है। हमारे सशस्त्र बलों की चिकित्सा सेवाओं के पुरुष और महिलाएं असाधारण प्रतिबद्धता के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह सम्मेलन हमारे वर्दीधारी चिकिसकों की क्षमताओं का गौरवपूर्ण प्रमाण है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय नेत्र विज्ञान विश्व में अग्रणी बना रहेगा। उन्होंने सशस्त्र बलों के अस्पतालों में स्थापित विश्व स्तरीय नेत्र उपकरणों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि भारतीय सैन्य चिकित्सा प्रतिष्ठान विश्व में उपलब्ध कुछ सबसे उन्नत निदान और शल्य चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। उन्होंने सैन्य चिकित्सा के दूरदर्शी, अनुकूलन और स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक नेतृत्व करने की राष्ट्र की महत्वाकांक्षा के अनुरूप दूरदर्शी दृष्टिकोण की सराहना की।

रक्षा राज्य मंत्री महोदय ने पिछले सोलह महीनों में भारत के दूर-दराज़ और सीमावर्ती क्षेत्रों में आठ अलग-अलग उन्नत शल्य चिकित्सा शिविरों को सशस्त्र बलों की राष्ट्र के सबसे वंचित समुदायों की सेवा करने की प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इन शिविरों ने भारत के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को दृष्टि की रोशनी प्रदान की है, और ऐसी सेवा भारतीय सैनिक की सच्ची भावना का प्रतीक है। रक्षा राज्य मंत्री ने सेना अस्पताल (रिसर्च एंड रेफरल) में हाल ही में उद्घाटन किए गए नेत्र विज्ञान और दृश्य विज्ञान का उन्नत केंद्र की भी प्रशंसा की। श्री सेठ ने इसे विश्व स्तरीय चिकित्सा केंद्र बताया जो सैन्य नेत्र देखभाल में उत्कृष्टता का प्रतीक और आने वाले वर्षों में अत्याधुनिक अनुसंधान के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।

 

रक्षा राज्य मंत्री महोदय इस कार्यक्रम के दौरान, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त नेत्र रोग विशेषज्ञों, ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय में नेत्र विज्ञान के प्रोफेसर हरमिंदर सिंह दुआ, जो कॉर्नियल विज्ञान में अपने अग्रणी कार्य और दुआ परत की खोज के लिए प्रसिद्ध हैं, और सिंगापुर के रेटिनल इमेजिंग और एआई-आधारित नेत्र निदान विशेषज्ञ डॉ. कॉलिन सियांग हुई टैन को भी सम्मानित किया।

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक, वाइस एडमिरल आरती सरीन ने अपने संबोधन में सैन्य चिकित्सा के मानकों को ऊंचा उठाने में अनुसंधान और अकादमिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और विश्वास व्यक्त किया कि एआईओएस-एएफओयू 2026 देश में नेत्र विज्ञान सम्मेलनों के लिए एक नया मानदंड स्थापित करेगा।

उद्घाटन समारोह में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुक एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह और रक्षा मंत्रालय के सचिव श्री राजेश सिंह उपस्थित थे।

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पीके/केसी/एमकेएस/एसएस


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