गृह मंत्रालय
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के लिए निधियाँ
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2026 2:35PM by PIB Delhi
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) उन गाँवों/कस्बों में लागू किया जाता है जो अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पहली बस्ती से 0–10 किमी (सीधी हवाई दूरी के सबसे छोटे रास्ते) के भीतर स्थित हैं। यह 16 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों में लागू है। बीएडीपी का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की विशेष विकास आवश्यकताओं और कल्याण को पूरा करना तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, कृषि, खेल, पेयजल एवं स्वच्छता, सामाजिक क्षेत्र, लघु उद्योग आदि से संबंधित बुनियादी ढाँचे का विकास करना है। यह कार्य बीएडीपी तथा अन्य केन्द्रीय/राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश/स्थानीय योजनाओं के समन्वय के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान में बीएडीपी अपने समापन चरण में है और निधियाँ प्रतिबद्ध देनदारियों के लिए आवंटित की जा रही हैं।
भारत सरकार ने 15 फरवरी 2023 को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-I (वीवीपी-I) को मंजूरी दी है, जिसके तहत 4 राज्यों और 1 केन्द्र शासित प्रदेश में उत्तरी सीमा से सटे ब्लॉकों के 662 चयनित गाँवों का समग्र विकास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, 2 अप्रैल 2025 को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II (वीवीपी-II) को भी मंजूरी दी गई है, जिसके अंतर्गत उत्तरी सीमा के अलावा अन्य अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं (आईएलबी) से सटे ब्लॉकों में स्थित 15 राज्यों और 2 केन्द्र शासित प्रदेशों के 1954 चयनित गाँवों का वित्तीय वर्ष 2028-29 तक समग्र विकास किया जाएगा।
यह जानकारी गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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पीके/जेके/केपी
(रिलीज़ आईडी: 2247810)
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