रेल मंत्रालय
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च को गुजरात में महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। ये परियोजनाएं राज्य में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देंगी और समग्र प्रगति को प्रोत्साहित करेंगी
कनालस-जामनगर (28 किलोमीटर) लाइन के दोहरीकरण के बाद अब राजकोट और जामनगर के बीच अधिक रेलगाड़ियां चलेंगी
रिफाइनरी शहर जामनगर और मंदिरों के नगर द्वारका के बीच वाणिज्यिक केंद्र राजकोट से बेहतर कनेक्टिविटी बढ़ने से किसानों, व्यापारियों एवं पर्यटकों को लाभ होगा
गांधीधाम–आदिपुर खंड (10.69 किलोमीटर) का चौगुना विस्तार होने से कच्छ क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन आएगा और बढ़ी हुई क्षमता के कारण भारी माल ढुलाई यातायात से उत्पन्न भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी
तेज गति वाली मालगाड़ियों एवं अधिक विश्वसनीय यात्री सेवाओं से गुजरात में बंदरगाह आधारित विकास को बढ़ावा मिलेगा और अंतर्देशीय बाजारों से संपर्क बेहतर होगा
हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण (54.83 किलोमीटर) परियोजना से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा; किसानों एवं छोटे व्यापारियों को बेहतर बाजार संपर्क व उच्च आय क्षमता प्राप्त होगी
प्रधानमंत्री खेदब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे, जिससे क्षेत्रीय संपर्क, अंतिम-मील पहुंच, आजीविका, पर्यटन तथा साबरकांठा में आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा
प्रविष्टि तिथि:
30 MAR 2026 8:04PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च 2026 को गुजरात का दौरा करेंगे, जहां वे कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं के साथ-साथ महत्वपूर्ण रेल अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
रेल क्षेत्र में, प्रधानमंत्री कनालस–जामनगर दोहरीकरण परियोजना (28 किलोमीटर) को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो राजकोट–कनालस दोहरीकरण परियोजना (111.20 किलोमीटर) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके साथ ही, वे गांधीधाम–आदिपुर खंड (10.69 किलोमीटर) के चौगुनीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये क्षमता-वर्धन परियोजनाएं रेल लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगी, व्यस्त मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करेंगी और समग्र परिचालन दक्षता को बेहतर बनाएंगी, जिससे क्षेत्र में रेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

कनलस–जामनगर खंड के दोहरीकरण से जामनगर और राजकोट जैसे प्रमुख शहरी एवं औद्योगिक केंद्रों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे रेल सेवाएं अधिक तेज, विश्वसनीय और बार-बार उपलब्ध होंगी, साथ ही इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी संभव हो सकेगा। पेट्रोलियम शोधन व पीतल उद्योगों के प्रमुख केंद्र जामनगर में माल ढुलाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे रसद संबंधी देरी कम होगी और औद्योगिक उत्पादकता में वृद्धि होगी। यह परियोजना कृषि-आधारित उद्योगों को भी सशक्त बनाएगी, जिससे कृषि उत्पादों का त्वरित परिवहन सुनिश्चित होगा और किसानों की बाजार तक पहुंच बेहतर होगी। महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र राजकोट को उन्नत यात्री कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, जिससे व्यावसायिक यात्रा एवं क्षेत्रीय आवागमन अधिक सुगम और सुविधाजनक बनेगा। इसके अतिरिक्त, बेहतर रेल संपर्क से द्वारका में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि इससे क्षेत्र की समग्र पहुंच और संपर्कता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

इसी प्रकार, गांधीधाम–आदिपुर खंड के चौगुनीकरण से कच्छ क्षेत्र, विशेषकर गांधीधाम और आदिपुर के आसपास के इलाकों पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह कॉरिडोर बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बढ़ी हुई लाइन क्षमता के कारण भारी माल ढुलाई से उत्पन्न भीड़भाड़ में कमी आएगी, जिससे मालगाड़ियों का आवागमन अधिक तेज और सुचारु होगा, वहीं यात्री सेवाएं भी अधिक विश्वसनीय बनेंगी। इससे बंदरगाह-आधारित विकास को बल मिलेगा और अंतर्देशीय बाजारों के साथ संपर्क पहले से भी अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे समग्र क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज रूपांतरण परियोजना (54.83 किलोमीटर) का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे उत्तरी गुजरात के आदिवासी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। हिम्मतनगर और खेड़ब्रह्मा के आसपास के क्षेत्र अब ब्रॉड गेज लाइनों के माध्यम से व्यापक रेल नेटवर्क से निर्बाध रूप से जुड़ जाएंगे, जिससे तेज ट्रेनों तथा बेहतर सेवाओं की शुरुआत संभव हो सकेगी।
इस गेज रूपांतरण से विशेष रूप से स्थानीय आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। इन क्षेत्रों के किसानों एवं छोटे व्यापारियों को बड़े बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे वे कृषि उत्पादों का अधिक कुशलतापूर्वक और कम लागत पर परिवहन कर सकेंगे, इस पहल के बाद उनकी आय क्षमता में वृद्धि होगी।

प्रधानमंत्री क्षेत्रीय संपर्क को और सुदृढ़ करते हुए खेदब्रह्मा–हिम्मतनगर–असरवा रेल सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। यह नई रेल सेवा साबरकांठा के निवासियों को अहमदाबाद से सीधा संपर्क प्रदान करेगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों और शहरी केंद्रों के बीच एक महत्वपूर्ण परिवहन कड़ी स्थापित होगी। इस पहल से आजीविका के अवसरों में वृद्धि होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी। यह रेल सेवा विशेष रूप से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और चिकित्सा उपचार के लिए यात्रा करने वाले मरीजों के लिए सुरक्षित, किफायती तथा समय की बचत करने वाला एक सुविधाजनक यात्रा विकल्प साबित होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।
ये रेल परियोजनाएं और सेवाएं सामूहिक रूप से औद्योगिक केंद्रों, बंदरगाहों, कृषि क्षेत्रों तथा शहरी केंद्रों के बीच संपर्क को सुदृढ़ करते हुए क्षेत्रीय विकास पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगी। इनसे यात्रा समय में कमी आएगी, सेवाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और व्यापार एवं वाणिज्य को नई गति मिलेगी। साथ ही, ये पहल राज्यभर में समावेशी और संतुलित विकास को प्रोत्साहित करेंगी, जो आधुनिक, कुशल व सुदृढ़ रेलवे नेटवर्क के निर्माण के प्रति सरकार की वचनबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।
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पीके/केसी/एनके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2247108)
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