पर्यटन मंत्रालय
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ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 30 MAR 2026 2:00PM by PIB Delhi

पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों का विकास एवं प्रचार मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों द्वारा किया जाता है। हालांकि, पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं जैसे 'स्वदेश दर्शन (एसडी)', स्वदेश दर्शन 2.0 (एसडी2.0), 'चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (सीबीडीडी)' (स्वदेश दर्शन की एक उप-योजना) और 'तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (पीआरएएसएचएडी)' के माध्यम से राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों द्वारा देश भर के पर्यटन स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना और सुविधाओं के विकास में किए जा रहे प्रयासों में सहयोग प्रदान करता है, जिसमें राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों को वित्तीय सहायता प्रदान करना भी शामिल है। यह वित्तीय सहायता निधि की उपलब्धता, योजना दिशा-निर्देशों और समय-समय पर जारी अन्य निर्देशों के अनुपालन, संबंधित राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने आदि के अधीन प्रदान की जाती है।

इन सबके अतिरिक्त, निम्नलिखित प्रयास भी किए गए हैं:

(i) पर्यटन मंत्रालय भारत को पर्यटन उत्पादक बाजारों में एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने और वैश्विक पर्यटन बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्पादों को समग्र रूप से बढ़ावा देता है। इन उद्देश्यों को ट्रैवल ट्रेड, राज्य सरकारों और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से एक एकीकृत विपणन और प्रचार रणनीति और समन्वित अभियान के माध्यम से पूरा किया जाता है। प्रचार गतिविधियों में ट्रैवल फेयर और प्रदर्शनियों में भागीदारी; रोड शो, इंडिया इवनिंग, सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन; भारतीय खाद्य और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन और समर्थन; टूर ऑपरेटरों को ब्रोशर सहायता प्रदान करना, वैश्विक मीडिया अभियान और एयरलाइंस, टूर ऑपरेटरों और अन्य संगठनों के साथ संयुक्त विज्ञापन/संयुक्त प्रचार आदि शामिल हैं।

(ii) पर्यटन मंत्रालय ने भारत में ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए ‘आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक पहल’ नामक एक राष्ट्रीय रणनीति और प्रारूप तैयार किया है। रणनीति दस्तावेज निम्नलिखित प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है:

(ए)   ग्रामीण पर्यटन के लिए आदर्श नीतियां और सर्वोत्तम प्रथाएं

(बी)   ग्रामीण पर्यटन के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियां और प्लेटफार्म

(सी) ग्रामीण पर्यटन के लिए क्लस्टर विकसित करना

(डी)   ग्रामीण पर्यटन के लिए विपणन सहायता

(ई)   हितधारकों की क्षमता निर्माण

(एफ) शासन और संस्थागत ढांचा

राष्ट्रीय रणनीति और प्रारूप को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के साथ साझा किया गया है।

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी आज लोकसभा में लिखित उत्‍तर में दी।

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पीके/केसी/एसएस/एसएस


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