रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
सरकार उर्वरक उत्पादन की सुरक्षा और किसानों के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है
उर्वरक क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की कुल आपूर्ति पिछले छह महीनों की औसत खपत की लगभग 80 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है
प्रविष्टि तिथि:
27 MAR 2026 5:32PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति में व्यवधान के बावजूद उर्वरक उत्पादन की सुरक्षा और किसानों के लिए पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सक्रिय कदम उठाए हैं। आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया एस. पटेल ने बताया कि मध्य पूर्व में चल रहे घटनाक्रम उत्पन्न अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 को 9 मार्च, 2026 को अधिसूचित किया गया था। इस आदेश के अंतर्गत, उर्वरक संयंत्रों को प्राथमिकता क्षेत्र II के रूप में नामित किया गया है, और परिचालन उपलब्धता के अधीन, गैस आपूर्ति को पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 65 प्रतिशत पर बनाए रखा गया है।
उर्वरक क्षेत्र को आपूर्ति बढ़ाने के लिए, 18 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 की अवधि के लिए ईपीएमसी (सशक्त पूल प्रबंधन समिति) की बोली प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 7.31 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह प्राकृतिक गैस की अतिरिक्त खरीद की गई है। इसके परिणामस्वरूप उर्वरक क्षेत्र को उपलब्ध कुल गैस की मात्रा पिछले छह महीनों की औसत खपत के लगभग 80 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
1 मार्च, 2026 से 24 मार्च, 2026 की अवधि के दौरान, 13.55 लाख मीट्रिक टन घरेलू यूरिया का उत्पादन हुआ है। इसके अतिरिक्त, इसी अवधि में क्रमशः 7.62 लाख मीट्रिक टन और 3.06 लाख मीट्रिक टन डीएपी/एनपीके और एसएसपी का उत्पादन हुआ है।
प्रत्येक फसली मौसम की शुरुआत से पहले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (डीए एंड एफडब्ल्यू) सभी राज्य सरकारों के परामर्श से राज्यवार और माहवार उर्वरकों की आवश्यकता का आकलन करता है। इसके अलावा डीए एंड एफडब्ल्यू द्वारा अनुमानित आवश्यकता के आधार पर, उर्वरक विभाग मासिक आपूर्ति योजना जारी कर राज्यों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक आवंटित करता है और उपलब्धता की निरंतर निगरानी करता है।
उपरोक्त स्थितियों के मद्देनजर 23.03.2026 तक देश में उर्वरकों के वर्तमान भंडार में 53.08 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 21.80 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 7.98 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 48.38 लाख मीट्रिक टन एनपीके शामिल हैं।
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पीके/केसी/जेके/एम
(रिलीज़ आईडी: 2246230)
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