रेल मंत्रालय
ऑनलाइन टिकट बुकिंग की लोकप्रियता में भारी उछाल; यात्रियों की सुविधा और समय की बचत हुई , वित्त वर्ष 2025-26 में फरवरी तक ऑनलाइन टिकट बुकिंग का आंकड़ा 48.25 करोड़ (88%) से अधिक हो गया है
आईआरसीटीसी की एंटी-बॉट तकनीक ने 64% दुर्भावनापूर्ण ट्रैफिक को रोका, ताकि वास्तविक उपयोगकर्ता आसानी से टिकट बुक कर सकें
2025 में फर्जी या संदिग्ध आईडी के कारण 2025 में 3.04 करोड़ यूजर अकाउंट बंद किए गए; इनमें अवास्तविक मोबाइल नंबर, डिस्पोजेबल ईमेल डोमेन और अस्पष्ट यूजरनेम वाले खाते शामिल हैं
पुनः सत्यापन के बाद 2025 से अब तक 1,80,474 यूजर अकाउंट फिर से सक्रिय किए गए: श्री अश्विनी वैष्णव
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 5:33PM by PIB Delhi
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) ने आरक्षित टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्रदान की है, जिससे यात्रियों को टिकट बुक करने के लिए रिजर्वेशन काउंटरों पर जाने की परेशानी से मुक्ति मिली है। इससे यात्रियों के यात्रा समय और परिवहन लागत दोनों की बचत हुई है।
ऑनलाइन टिकटिंग सुविधा प्रदान करने पर आईआरसीटीसी को काफी व्यय करना पड़ता है। टिकटिंग बुनियादी ढांचे के रखरखाव, अपग्रेडेशन और विस्तार पर होने वाली लागत की भरपाई के लिए, आईआरसीटीसी द्वारा बहुत ही मामूली 'सुविधा शुल्क' लिया जाता है।
आईआरसीटीसी द्वारा प्रदान की गई ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा भारतीय रेलवे की सबसे यात्री-अनुकूल पहलों में से एक है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्तमान में लगभग 88% आरक्षित टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं।
राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित और समय-समय पर संशोधित 'रेलवे यात्री (टिकट रद्दीकरण और किराया वापसी) नियम, 2015' के अनुसार, आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से रद्द किए गए प्रतीक्षा सूची वाले टिकटों सहित सभी टिकटों के रद्दीकरण पर 'क्लर्केज शुल्क' लिया जाता है। नीति की समीक्षा और युक्तिकरण एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
आरक्षण सुविधा का दुरुपयोग रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रेल ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
i. 01-07-2025 से, तत्काल योजना के तहत टिकट सिर्फ़ आधार प्रमाणित उपयोगकर्ता ही इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट/इसके ऐप से बुक कर सकते हैं।
ii. अग्रिम आरक्षण अवधि के सामान्य आरक्षण के पहले दिन, आरक्षित सामान्य टिकट केवल आधार प्रमाणित उपयोगकर्ता ही आईआरसीटीसी की वेबसाइट या इसके ऐप से बुक कर सकते हैं।
इस संबंध में किए गए उपायों से टिकटों की तात्कालिक बुकिंग कम होने से बुकिंग में आसानी हुई है। नकली अकाउंट का उपयोग करके कई बुकिंग पर रोक लगाकर इस प्रणाली को और न्यायसंगत बनाया गया है। आधार लिंक न होने की वजह से कोई भी उपयोगकर्ता अकाउंट निष्क्रिय नहीं हुआ है।
वित्त वर्ष 2025-26 (फरवरी, 26 तक) के दौरान ऑनलाइन और काउंटर से बुक किए गए टिकटों का तुलनात्मक ब्यौरा निम्नानुसार हैः
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वित्तीय वर्ष
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ऑनलाइन बुक किए गए टिकटों की संख्या
(करोड़ में)
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काउंटर के माध्यम से बुक किए गए टिकटों की संख्या (करोड़ में)
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2025-26
(26 फरवरी तक)
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48.25
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6.15
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आईआरसीटीसी ने नकली / गलत इरादे वाले उपयोगकर्ता आईडी/उपयोगकर्ता अकाउंट की पहचान करने के लिए, जैसे नकली मोबाइल नंबर, डिस्पोजेबल ईमेल डोमेन, आईपी एड्रेस, सीक्वेंशियल और अस्पष्ट उपयोगकर्ता आईडी आदि जैसे कई बड़े मानदंड अपनाए हैं। कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान, 3.04 करोड़ उपयोगकर्ता अकाउंट निष्क्रिय कर दिए गए और 2.94 करोड़ उपयोगकर्ता अकाउंट को पुनर्वेधीकरण के विकल्प के साथ अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया। बहरहाल, 01.01.2025 से 28.02.2026 की अवधि के दौरान, 1,80,474 उपयोगकर्ता अकाउंट पुनः सक्रिय कर दिए गए हैं।
आधार प्रमाणन उपयोगकर्ता की विशिष्टता का तात्कालिक सत्यापन करता है, जो तत्काल टिकट बुकिंग के समय-संवेदनशील स्वरूप को देखते हुए अति आवश्यक है। आधार प्रमाणन की शुरुआत से विशिष्टता संबंधी कमी होने से नकली या अनधिकृत एजेंट-नियंत्रित बहु उपयोगकर्ता अकाउंट बनाने और चलाने को रोकने में मदद मिली है।
यह उपाय कई अकाउंट खोलने और उनके स्वचालित दुरुपयोग के खिलाफ एक प्रभावी सुरक्षा के रूप में कार्य करता है, जिससे तत्काल टिकटों का उचित आवंटन सुनिश्चित होता है। परिणामस्वरुप, आधार प्रमाणन ने अनुचित बुकिंग पद्धतियों को कम करके और ऑनलाइन तत्काल बुकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाकर वास्तविक यात्रियों के लिए टिकट की उपलब्धता को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।
इसके अलावा, आईआरसीटीसी ने टिकट कालाबाजारी के नेटवर्क को समाप्त करके यह सुनिश्चित करने के लिए कि वास्तविक उपयोगकर्ताओं को टिकट उपलब्ध हो, इसके लिए निम्नलिखित कदम भी उठाए हैं:
प्रणाली कार्य-निष्पादन को बेहतर बनाने के लिए, आईआरसीटीसी ने पहले ही एक कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (सीडीएन) लागू किया है ताकि स्टैटिक कंटेंट को हटाया जा सके और एनजीईटी वेबसाइट सर्वरों पर डायरेक्ट ट्रैफिक को कम किया जा सके।
इसके अलावा, एंटी बॉट प्रौद्योगिकी भी है जो गलत इरादे / संदिग्ध प्रयासों को कम करने में सहायता करती है, जो औसतन 64% तक कम हो जाती है।
यह गलत इरादे वाले ट्रैफिक को कम करने और स्टैटिक कंटेंट प्रदान करने में सहायता करती है, जिससे सिस्टम पर लोड कम होता है और इस तरह वास्तविक और सत्यापित उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बढ़ाता है।
प्रायः गलत इरादे वाले ट्रैफिक की पर्याप्त मात्रा इंटरसेप्ट की जाती है।
28 फरवरी, 2026 तक नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर 4.07 लाख संदिग्ध पीएनआर से संबंधित 408 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
वर्ष 2025-26 में 28 फरवरी, 2026 तक 13,023 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए हैं।
इसके अलावा, आईआरसीटीसी बुकिंग पैटर्न और उपयोगकर्ता पंजीकरण का पूरा डेटा विश्लेषण करके धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को रोकने के लिए निरंतर निगरानी करती है। ऐसे विश्लेषण के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले उपयोगकर्ता आईडी को निवारक उपाय के तौर पर निष्क्रिय कर दिया जाता है। आईआरसीटीसी वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन पर शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध है। उपयोगकर्ताओं से उनके पंजीकृत ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से प्राप्त हुए अनुरोधों के ब्यौरों की जांच की जाती है, और ऐसे विश्लेषण के परिणाम के आधार पर वास्तविक उपयोगकर्ता आईडी को पुनः सक्रिय किया जाता है। विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर मिले फीडबैक के आधार पर सामान्य और तत्काल टिकटों की बुकिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाना एक निरंतर और सतत् प्रक्रिया है।
यह जानकारी रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।
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पीके/ केसी/ केजे
(रिलीज़ आईडी: 2245342)
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