संघ लोक सेवा आयोग
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संघ लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में पारदर्शिता

प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 3:15PM by PIB Delhi

डब्लूपीडी (सी) संख्या 118/2024 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने प्रारंभिक परीक्षा के बाद अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अनंतिम उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं। यह नियम सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 से यूपीएससी द्वारा आयोजित सभी संरचित परीक्षाओं पर लागू होगा। प्रारंभिक परीक्षा के अंक परीक्षा के अंतिम परिणाम की घोषणा के बाद ही जारी किए जाएंगे।

वैकल्पिक विषयों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए, यूपीएससी अंतर-विषय मॉडरेशन लागू करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी उम्मीदवार को, चाहे उसने कोई भी वैकल्पिक विषय चुना हो, किसी भी प्रकार का नुकसान न हो। पारंपरिक/वर्णनात्मक प्रकार की उत्तर पुस्तिकाओं के मॉडरेशन/मूल्यांकन में शामिल प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी यूपीएससी की वेबसाइट https://upsc.gov.in/content/method-moderation-adopted-commission-cannot-be-faulted-subjective-or-un-scientific पर देखी जा सकती है।

सीएसएटी एक योग्यता परीक्षा है और इसका उद्देश्य गुणवत्ता तथा विश्लेषणात्मक क्षमता के न्यूनतम मानक को सुनिश्चित करना है। प्रश्नों का स्तर मैट्रिकुलेशन स्तर के अनुरूप है।

तथ्यात्मक त्रुटियों को चुनौती देने के लिए, यूपीएससी के पास प्रश्न पत्र निवारण पोर्टल (क्‍यूपीआरईपी) नामक एक समर्पित पोर्टल है, जो इसकी वेबसाइट https://upsconline.nic.in पर उपलब्ध है । उम्मीदवार इस पोर्टल के माध्यम से प्रश्न पत्र और अनंतिम उत्तर कुंजी (सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2026 से आगे के लिए) में विसंगतियों के संबंध में अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यूपीएससी केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) और ईमेल के माध्यम से उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों का भी निपटारा करता है।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एसकेजे/जीआरएस


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