पंचायती राज मंत्रालय
स्वामित्व योजना
प्रविष्टि तिथि:
18 MAR 2026 3:00PM by PIB Delhi
स्वामित्व योजना के तहत, दिनांक 11मार्च, 2026 तक, लक्षित 3.44लाख गांवों में से 3.29लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। 1.87लाख गांवों के लिए 3.10करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं और 2.65करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में, 1.15करोड़ संपत्ति कार्ड तैयार किए गए हैं जिनमें से 1.01करोड़ संपत्ति कार्ड वितरित किए गए हैं। तैयार किए गए और वितरित किए गए संपत्ति कार्ड का राज्य / संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुलग्नक- I में है।
दिनांक 11मार्च 2026 तक, लक्षित 3.44लाख गांवों में से 3.29लाख गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण कार्य पूरा हो चुका है। पंचायती राज मंत्रालय ड्रोन सर्वेक्षण और मानचित्र तैयार करने के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग को धनराशि जारी करता है। जमीनी स्तर पर सच्चाई की जांच, संपत्ति कार्ड तैयार करना और वितरण जैसे बाद के कार्य राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा किए जाते हैं। पंचायती राज मंत्रालय योजना की प्रगति की निगरानी और योजना को समय पर पूरा करने के लिए राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ लगातार संपर्क में है।
स्वामित्व योजना का उद्देश्य ड्रोन सर्वेक्षण तथा सतत संचालित संदर्भ स्टेशन प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का सीमांकन करना तथा गांवों के आबादी क्षेत्रों के उच्च सटीकता वाले मानचित्र तैयार करना है। ये अत्यधिक सटीक मानचित्र संपत्ति सीमाओं का स्पष्टसीमांकन कर तथा अधिकार अभिलेख (Record of Rights) तैयार कर संपत्ति से संबंधित विवादों को कम करने में सहायक होते हैं। इसके अतिरिक्त, जमीनी सत्यापन एवं विवाद निवारण की पारदर्शी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि स्वामित्व अभिलेखों को निष्पक्ष तथा सटीक रूप से अंतिम रूप दिए जाते हैं।
(पंचायती राज मंत्रालय लाभार्थियों की संख्या का लिंग-वार रिकार्ड नहीं रखता है। तथापि, कुछ राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, मिजोरम, छत्तीसगढ़, जम्मू एवं कश्मीर, पुदुच्चेरी, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली में संपत्ति कार्ड में महिलाओं के सह-स्वामित्व का भी प्रावधान किया गया है।
अनुलग्नक -I
|
क्र.सं
|
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र
|
अधिसूचित गांव
|
ड्रोन उड़ान पूर्ण करने वाले गांव
|
तैयार किए गए संपत्ति कार्ड वाले गांवों की संख्या
|
तैयार किए गए संपत्ति कार्डों की संख्या
|
वितरित किए गए संपत्ति कार्डों की संख्या
|
|
1
|
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
|
186
|
186
|
141
|
7409
|
7409
|
|
2
|
आंध्र प्रदेश
|
13321
|
13321
|
1067
|
530351
|
0
|
|
3
|
अरुणाचल प्रदेश
|
3647
|
3647
|
0
|
0
|
0
|
|
4
|
असम
|
946
|
946
|
0
|
0
|
0
|
|
5
|
छत्तीसगढ़
|
15791
|
15791
|
2557
|
196757
|
92545
|
|
6
|
दादरा नगर हवेली और दमन दीव
|
80
|
80
|
75
|
4397
|
4397
|
|
7
|
दिल्ली
|
31
|
31
|
0
|
0
|
0
|
|
8
|
गोवा
|
410
|
410
|
410
|
672646
|
672646
|
|
9
|
गुजरात
|
15025
|
14900
|
10122
|
1658089
|
1232223
|
|
10
|
हरियाणा
|
6260
|
6260
|
6260
|
2515646
|
2515646
|
|
11
|
हिमाचल प्रदेश
|
15196
|
13981
|
364
|
5419
|
5395
|
|
12
|
जम्मू और कश्मीर
|
4429
|
4402
|
1294
|
43910
|
39418
|
|
13
|
झारखंड
|
757
|
240
|
0
|
0
|
0
|
|
14
|
कर्नाटक
|
30715
|
26039
|
5032
|
1054754
|
336779
|
|
15
|
केरल
|
597
|
597
|
0
|
0
|
0
|
|
16
|
लद्दाख
|
232
|
232
|
225
|
18788
|
15623
|
|
17
|
लक्षद्वीप द्वीप समूह
|
10
|
10
|
10
|
13563
|
13563
|
|
18
|
मध्य प्रदेश
|
43014
|
43014
|
39813
|
6576707
|
5418319
|
|
19
|
महाराष्ट्र
|
37819
|
37612
|
22609
|
3785481
|
3785481
|
|
20
|
मणिपुर
|
2555
|
209
|
0
|
0
|
0
|
|
21
|
मिज़ोरम
|
568
|
568
|
30
|
4041
|
1,155
|
|
22
|
ओडिशा
|
2724
|
2724
|
43
|
1716
|
1,716
|
|
23
|
पुदुच्चेरी
|
96
|
96
|
92
|
2801
|
2,801
|
|
24
|
पंजाब
|
12083
|
10458
|
386
|
53591
|
4581
|
|
25
|
राजस्थान
|
36,300
|
35929
|
15163
|
1443423
|
1443423
|
|
26
|
सिक्किम
|
1
|
1
|
0
|
0
|
0
|
|
27
|
तमिलनाडु
|
3
|
3
|
0
|
0
|
0
|
|
28
|
तेलंगाना
|
5
|
5
|
0
|
0
|
0
|
|
29
|
त्रिपुरा
|
898
|
19
|
893
|
571783
|
571783
|
|
30
|
उत्तर प्रदेश
|
90573
|
90573
|
73713
|
11582743
|
10131232
|
|
31
|
उत्तराखंड
|
7441
|
7441
|
7441
|
278229
|
278,229
|
|
|
कुल
|
3,44,001
|
3,29,374
|
1,87,665
|
3,10,10,249
|
2,65,70,115
|
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 18 मार्च 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
***
AA
(रिलीज़ आईडी: 2241694)
आगंतुक पटल : 148