सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने एमएसएमई क्षेत्र को ऋण वितरण में महत्वपूर्ण वृद्धि की
देश भर के एमएसएमई के वित्तीय तनाव को कम करने के लिए सरकार ने विभिन्न उपाय किए
प्रविष्टि तिथि:
16 MAR 2026 2:24PM by PIB Delhi
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण वितरण में पिछले तीन वर्षों में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जैसा कि नीचे दिया गया है:
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क्रम संख्या
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वित्तीय वर्ष
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वितरित राशि (करोड़ रुपये में)
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1.
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2022-23
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16,96,738.26
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2.
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2023-24
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22,04,454.98
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3.
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2024-25
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26,43,448.95
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सरकार ने देश भर के एमएसएमई को ऋण वितरण में सुधार और उनके वित्तीय तनाव को कम करने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं, जिनमें अन्य उपायों के साथ-साथ निम्न उपाय भी शामिल हैं:
- एमएसएमई मंत्रालय सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से एमएसई के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीजीएस) लागू करता है ताकि संपार्श्विक सुरक्षा और तीसरे पक्ष की गारंटी के बिना सदस्य ऋण संस्थानों द्वारा नए और मौजूदा एमएसई को दिए गए ऋण के लिए ऋण की गारंटी प्रदान की जा सके। इस योजना के तहत गारंटी कवरेज की सीमा 10 करोड़ रुपये है।
- स्व-निर्भर भारत (एसआरआई) निधि की स्थापना एमएसएमई में इक्विटी फंडिंग के रूप में 50,000 करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ की गई है। इसमें सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये और निजी इक्विटी/उद्यम पूंजी कोष के माध्यम से 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
- प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम विनिर्माण के लिए 50 लाख रुपये और सेवा उद्यमों के लिए 20 लाख रुपये की परियोजना लागत के साथ गैर-कृषि क्षेत्र में नए सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 35 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान करता है।
- पीएम विश्वकर्मा योजना 17.09.2023 को 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों को प्रारम्भ से अंत तक समग्र सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी, जो अपने हाथों और उपकरणों की मदद से काम करते हैं। इस योजना में अधिकतम 8 प्रतिशत तक के ब्याज अनुदान के साथ 3 लाख रुपये तक का ऋण बिना कुछ गिरवी रखे देने का प्रावधान शामिल है।
- डीएफएस के अनुसार, सदस्य ऋण प्रदायी संस्थानों द्वारा 20 लाख रुपये तक का ऋण बिना कुछ गिरवी रखे प्रदान करने के लिए 08.04.2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) शुरू की गई थी। कोई भी व्यक्ति, जो ऋण लेने के लिए पात्र है और जिसके पास लघु व्यवसाय उद्यम के लिए एक व्यवसाय योजना है वो विनिर्माण, व्यापार, कृषि से संबद्ध गतिविधियों सहित सेवा क्षेत्रों में आय सृजन गतिविधियों के लिए इस योजना के तहत ऋण प्राप्त कर सकता है।
- आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) को मई, 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण व्यवधान के कारण अपनी परिचालन देनदारियों को पूरा करने में योग्य एमएसएमई और व्यावसायिक उद्यमों का समर्थन करने के लिए आत्मनिर्भर भारत पैकेज के हिस्से के रूप में शुरू किया गया था। यह योजना 31.03.2023 तक संचालित थी।
- जैसा कि आरबीआई द्वारा सूचित किया गया है, आरबीआई मास्टर डायरेक्शन के पैरा 4.1 (ए) के संदर्भ में - 24 जुलाई, 2017 को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण देना, सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को एमएसई क्षेत्र में इकाइयों को 10 लाख रुपये तक के ऋण मामले में कुछ भी गिरवी स्वीकार नहीं करना अनिवार्य है। 9 फरवरी 2026 के आरबीआई परिपत्र के अनुसार, यह सीमा पहली अप्रैल, 2026 से बढ़कर 20 लाख रुपये हो गई है।
- इसके अलावा, एमएसएमई मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से, उत्तर प्रदेश सहित देश में एमएसएमई के बीच ऋण उपलब्धता बढ़ाने के लिए संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के एमएसएमई/उद्योग विभागों और सीजीटीएमएसई, सिडबी, बैंक, एमएसएमई संघों आदि जैसे अन्य हितधारकों के समन्वय में नियमित रूप से पहुंच कार्यक्रम आयोजित किए।
यह जानकारी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलजे ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एके/केके
(रिलीज़ आईडी: 2240683)
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