रेल मंत्रालय
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ओडिशा में नए रेलवे ट्रैक की कमीशनिंग में 3.5 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई; 2009–14 के 267 किमी की तुलना में 2014–25 के दौरान 2,150 की कमीशनिंग हुई


खुर्दा रोड-बोलंगीर की 226 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन को शुरू कर दिया गया है; अंतिम 75 किलोमीटर लंबे दसपल्ला-पुरुनाकटक खंड पर सभी सात सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है


सालेगांव-बुधापंक की 57 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी लाइन शुरू की गई; शेष 28 किलोमीटर पर 6 बड़े पुल और 2 स्टेशनों का निर्माण कार्य पूरा हुआ

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 5:43PM by PIB Delhi

रेलवे ने ओडिशा में अवसंरचना के उन्नयन का काम बड़े पैमाने पर शुरू किया है।

रेल बजट:

हाल के वर्षों में बजट आवंटन में काफी वृद्धि हुई है। ओडिशा राज्य में पूर्णतः या अंशतः आने वाली अवसंरचना परियोजनाओं और सुरक्षा कार्यों के लिए बजट आवंटन निम्नानुसार है:

अवधि

परिव्यय

2009-14

₹ 838 करोड़/वर्ष

2025-26

₹ 10,599 करोड़ (लगभग 13 गुना)

 

ट्रैक निर्माण:

वर्ष 2009-14 और 2014-25 के दौरान ओडिशा राज्य में पूर्णतः/आंशिक रूप से पड़ने वाले नए ट्रैकों की कमीशनिंग/बिछाए जाने के कार्य का विवरण निम्नानुसार है:

अवधि

कमीशन किए गए नए ट्रैक

प्रति वर्ष नए ट्रैक की औसत कमीशनिंग

2009-14

267 किमी

53 किमी

2014-25

2,150 किमी

195 किमी

(3.5 गुना से अधिक)

परियोजना स्वीकृत:

01 अप्रैल 2025 तक, कुल 4,010 किलोमीटर लंबाई वाली 49 परियोजनाएं (19 नई लाइनें और 30 दोहरीकरण), जिनकी लागत 67,496 करोड़ है और जो पूर्णतः या आंशिक रूप से ओडिशा में आती हैं, स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 1,429 किलोमीटर लंबाई का कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2025 तक 28,043 करोड़ का व्यय किया जा चुका है। इसका संक्षिप्त-विवरण इस प्रकार है:

श्रेणी

स्वीकृत परियोजनाओं की संख्या

कुल लंबाई एनएल/जीसी/डीएल

(किमी में)

मार्च 2025 तक कमीशन की  गई लंबाई
(
किमी में)

मार्च 2025 तक कुल व्यय (करोड़ रुपये में)

नई लाइन

19

1,544

256

6,270

दोहरीकरण/मल्टी-ट्रैकिंग

30

2,466

1,173

21,773

कुल

49

4,010

1,429

28,043

हाल ही में पूरी की गई परियोजनाएं:

ओडिशा में पूर्णत/आंशिक रूप से पड़ने वाली हाल ही में पूरी की गई कुछ परियोजनाओं का विवरण इस प्रकार है:

क्र.सं.

परियोजना

लागत

(करोड़ रुपये में)

1

दैतारी-बांसपानी नई लाइन और जखापुरा-हरिदासपुर तीसरी लाइन (179 किमी)

1,317

2

झारसुगुड़ा- सरडेगा नई लाइन (50 किमी)

1,598

3

हरिदासपुर-पारादीप नई लाइन (82 किमी)

2,397

4

अंगुल-सुकिंदा नई लाइन (104 किमी)

2,834

5

चंपा-झारसुगुड़ा तीसरी लाइन (152 किमी)

1,227

6

संबलपुर-टिटलागढ़ दोहरीकरण (182 किमी)

2,262

7

राउरकेला-झारसुगुडा तीसरी लाइन (101 किमी)

1,313

8

बांसपानी-दैतारी-तोमका-जखापुरा दोहरीकरण (164 किमी)

1,827

9

संबलपुर-तालचेर दोहरीकरण (174 किमी)

1,539

10

रायपुर-टिटलागढ़ दोहरीकरण (203 किमी)

1,171

11

झारसुगुडा-सरडेगा दोहरीकरण (50 किमी)

3,200

वर्तमान में चल रही परियोजनाएं:

इसके अलावा, ओडिशा में पूर्णतः या आंशिक रूप से आने वाली कुछ मुख्य परियोजनाएं, जिन्हें शुरू किया है, वे इस प्रकार हैं:

क्र.सं.

परियोजना

कुल लागत

(करोड़ रुपये में)

1

जूनागढ़-नबरंगपुर नई लाइन (116 किमी)

2,865

2

नबरंगपुर-जेपोर नई लाइन (41 किमी)

748

3

जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन (130 किमी)

2,344

4

मलकानगिरी - पांडुरंगपुरम नई लाइन (174 किमी)

3,592

5

बुरामारा-चाकुलिया नई लाइन (60 किमी)

1,459

6

गुनुपुर-थेरुबली नई लाइन (74 किमी)

1,166

7

पुरी-कोणार्क नई लाइन (32 किमी)

492

8

बादामपहाड़-केंदुझारगढ़ नई लाइन (82 किमी)

1,876

9

बांगरीपोसी-गोरुमहिसानी नई लाइन (86 किमी)

2,269

10

बरगढ़ रोड-नवापारा रोड नई लाइन (138 किमी)

2,622

11

विजयनगर-टिटलागढ़ तीसरी लाइन (265 किमी)

6,996

12

तालचेर में फ्लाईओवर के साथ जरापाड़ा-बुधपंक तीसरी और चौथी लाइन (101 किमी)

810

13

बुधपंक-सालेगांव वाया रजथगढ़ तीसरी और चौथी लाइन (170 किमी)

2,023

14

निर्गुंडी-विजयनगरम तीसरी लाइन (385 किमी)

4,963

15

कोट्टावलसा-कोरापुट दोहरीकरण (189 किमी)

2,500

16

कोरापुट-सिंगापुर रोड दोहरीकरण (165 किमी)

2,362

17

जगदलपुर-कोरापुट दोहरीकरण (107 किमी)

1,547

18

झारसुगुड़ा-बिलासपुर चौथी लाइन (206 किमी)

2,596

19

बोंडामुंडा-रांची दोहरीकरण (159 किमी)

3,029

20

नारायणगढ़-भद्रक तीसरी लाइन (153 किमी)

2,136

21

भद्रक- निर्गुंडी तीसरी लाइन (92 किमी)

1,284

कुछ प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति इस प्रकार है:

  1. खुर्दा रोड-बोलंगीर (301 किमी) नई लाइन: इस परियोजना की नवीनतम लागत ₹5,089 करोड़ है। मार्च, 2025 तक इस परियोजना पर ₹4,311 करोड़ का व्यय किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹1,938 करोड़ का परिव्यय भी प्रदान किया गया है। परियोजना की स्थिति निम्नानुसार है:-
  • खुर्दा रोड- दसपल्ला (106 किमी): शुरू किया गया।
  • दसपल्ला– पुरुनाकटक (75 किमी): कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
  • पुरुनाकटक- बोलंगीर (120 किमी): शुरू किया गया।

दसपल्ला-पुरुनाकटक (75 किमी) की स्थिति इस प्रकार है: -:-

क्र.सं.

कार्यकलाप

कार्यक्षेत्र

स्थिति

1

सुरंग

7 (11.96 किमी)

6 सुरंग के कार्य पूरे हो चुके हैं (7.7 किमी)। शेष 1 सुरंग में कार्य शुरू कर दिया गया है।

2

महत्वपूर्ण पुल

5

सभी का कार्य पूरा हो चुका है।

3

स्टेशन भवन

5

कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

  1. सालेगांव-बुधपंक (85 आरकेएम) के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थिति इस प्रकार है:-
  • सालेगांव- रजथगढ़ (23 किमी): शुरू किया गया
  • रजथगढ़– ढेंकनाल (20 किमी): भूमि अधिग्रहण और वन भूमि का डायवर्जन पूरा हो गया है। 4 बड़े पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष कार्य शुरू कर दिया गया है।
  •  ढेंकनाल- मेरामुंडली (34 किमी): शुरू किया गया
  • मेरामुंडली – बुधपंक (8 किमी): भूमि अधिग्रहण और वन भूमि का डायवर्जन पूरा हो गया है। 2 बड़े पुल और 2 स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य शुरू कर दिए गए हैं।

किसी भी रेल परियोजना की स्वीकृति कई मापदंडों/कारकों पर निर्भर करती है जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं -

  • प्रत्याशित यातायात पूर्वानुमान और प्रस्तावित मार्ग की लाभप्रदता
  • परियोजना द्वारा उपलब्ध कराया गया प्रथम और अंतिम स्थान रेल-संपर्क
  • अनुपलब्ध कड़ियों को जोड़ना और अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध कराना
  • भीड़भाड़/संतृप्त लाइनों का संवर्धन
  • राज्य सरकारों/केंद्रीय मंत्रालयों/जन प्रतिनिधियों द्वारा की गई मांगें
  • रेलवे की परिचालन संबंधी आवश्यकताएं
  • सामाजिक-आर्थिक महत्व
  • निधियों की समग्र उपलब्धता।

रेलवे परियोजना/परियोजनाओं का पूरा होना विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • भूमि अधिग्रहण
  • वानिकी स्वीकृति
  • अतिलंघनकारी जनोपयोगी सेवाओं का स्थानांतरण
  • विभिन्न प्राधिकरणों से सांविधिक स्वीकृतियां
  • क्षेत्र की भूवैज्ञानिक और स्थलाकृतिक परिस्थितियां
  • परियोजना स्थल के क्षेत्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति
  • परियोजना स्थल विशेष के लिए एक वर्ष में कार्य करने के महीनों की संख्या आदि।

ये सभी कारक परियोजना के पूरा होने के समय और लागत को प्रभावित करते हैं।

वर्तमान में, भुवनेश्वर–रायगढ़–जेपोर–कोरापुट सेक्टर में 18447/18448 भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस की दैनिक सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा, कोरापुट 03 जोड़ी ट्रेन सेवाओं के माध्यम से कोट्टावलसा से जुड़ा हुआ है, जबकि कोट्टावलसा आगे 06 जोड़ी ट्रेन सेवाओं के माध्यम से भुवनेश्वर से जुड़ा है। इन ट्रेन सेवाओं की सूची नीचे दी गई है:

कोरापुट-कोट्टावलसा सेक्टर में चलने वाली ट्रेनेंः

क्र.सं.

ट्रेन संख्या और नाम

1

18515/18516 किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस

2

58501/58502 किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर

3

58537/58538 कोरापुट-विशाखापत्तनम पैसेंजर

कोट्टावलसा-भुवनेश्वर सेक्टर में चलने वाली ट्रेनेंः

क्र.सं.

ट्रेन संख्या और नाम

1

16107/16108 तांबरम-सांतरागाछी की अमृत भारत एक्सप्रेस

2

16597/16598 एसएमवीटी बेंगलुरु-अलीपुरद्वार अमृत भारत एक्सप्रेस

3

16523/16524 एसएमवीटी बेंगलुरु- बालुरघाट एक्सप्रेस

4

16223/16224 एसएमवीटी बेंगलुरु- राधिकापुर एक्सप्रेस

5

17015/17016 सिकंदराबाद- भुवनेश्वर विशाखा एक्सप्रेस

6

18045/18046 चार्लापल्ली- शालीमार ईस्ट कोस्ट एक्सप्रेस

 

यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी।

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पीके/केसी/एसके/डीए


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