विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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सरकार ने नागरिकों को किफायती और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की हैं


सभी नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करना “न्याय तक समग्र पहुंच हेतु अभिनव समाधान (दिशा)” योजना का उद्देश्य  

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करता है

वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) के दौरान, 16,60,249 व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और सलाह प्रदान की गई है

4,91,990 कानूनी जागरूकता कार्यक्रम/शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4,04,59,246 व्यक्तियों ने भाग लिया है

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 1:02PM by PIB Delhi

सरकार नागरिकों को किफायती और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू कर रही है। "न्याय तक समग्र पहुंच हेतु अभिनव समाधान (दिशा)" योजना का उद्देश्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एलएसए) अधिनियम, 1987 के प्रावधानों के अनुरूप सभी नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को मजबूत करना है।

टेली-लॉ कार्यक्रम के तहत, नागरिकों को पैनल वकीलों से वीडियो या टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाता है ताकि वे मुकदमे से पहले कानूनी सलाह प्राप्त कर सकें। इसके लिए 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 777 जिलों (जिनमें 112 आकांक्षी जिले और 500 आकांक्षी ब्लॉक शामिल हैं) में ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित लगभग 25 लाख सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के नेटवर्क का उपयोग किया जाता है इस कार्यक्रम के तहत 28.02.2026 तक 11.2 करोड़ से अधिक मुकदमे से पहले की सलाह प्रदान की जा चुकी है।

न्याय बंधु कार्यक्रम के माध्यम से अधिवक्ताओं और विधि छात्रों के बीच नि:शुल्क कानूनी सहायता की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, नि:शुल्क अधिवक्ता एलएसए अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र लाभार्थियों को न्यायालयों में निःशुल्क कानूनी सहायता और प्रतिनिधित्व प्रदान करते हैं इस कार्यक्रम के अंतर्गत 28.02.2026 तक 10,263 अधिवक्ताओं का पंजीकरण हो चुका है।

कानूनी साक्षरता एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम जमीनी स्तर के कानूनी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण और कानूनी जागरूकता/साक्षरता के प्रसार के लिए मंत्रालयों, विभागों, संस्थानों और विद्यालयों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देता है। इस कार्यक्रम से 28.02.2026 तक 1,21,48,172 लाभार्थियों को लाभ मिल चुका है। इसके अलावा, सरकार वित्तीय वर्ष 2023-24 से एनएएलएसए के माध्यम से एक केंद्रीय क्षेत्र योजना, कानूनी सहायता रक्षा वकील प्रणाली (एलएडीसीएस) भी लागू कर रही है, ताकि 1987 के कानूनी सहायता अधिनियम की धारा 12 के तहत पात्र लाभार्थियों को आपराधिक मामलों में कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान किया जा सके एलएडीसी कार्यालय 31.12.2025 तक देश भर के 680 जिलों में कार्यरत हैं । इस योजना के तहत, 12,62,857 निर्धारित मामलों में से 8,71,581 मामलों का निपटारा किया जा चुका है और 2,76,476 विचाराधीन कैदियों (यूटीपी) को कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) के दौरान 59,630 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है।

इन योजनाओं के अतिरिक्त, विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) समाज के कमजोर वर्गों को निःशुल्क और सक्षम कानूनी सेवाएं प्रदान करता है। तालुक स्तर से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक विधि सेवा संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिनमें सर्वोच्च न्यायालय विधि सेवा समिति (एससीएलएससी), 38 उच्च न्यायालय विधि सेवा समितियां, 37 राज्य विधि सेवा प्राधिकरण, 715 जिला विधि सेवा प्राधिकरण और 2,475 तालुक विधि सेवा समितियां शामिल हैं। इनकी गतिविधियों में कानूनी सहायता और सलाह, कानूनी जागरूकता कार्यक्रम, विधि सेवा क्लीनिक, कानूनी साक्षरता क्लब, लोक अदालतें और पीड़ित मुआवजा योजना का कार्यान्वयन शामिल हैं

वित्तीय वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) के दौरान , 16,60,249 व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता और सलाह प्रदान की गई है, और 4,91,990 कानूनी जागरूकता कार्यक्रम/शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें 4,04,59,246 व्यक्तियों ने भाग लिया है

विधि एवं न्याय मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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