पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम परियोजना का दो नए चूजों के साथ चौथे वर्ष में प्रवेश


जीआईबी संरक्षण प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि; कुल संख्या 70 तक पहुंची: श्री भूपेंद्र यादव

प्रविष्टि तिथि: 13 MAR 2026 1:21PM by PIB Delhi

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) ने अपने कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम के चौथे वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस सप्ताह राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ, कैप्टिव अवस्था में पक्षियों की संख्या 70 हो गई है।

श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नेतृत्व में देश इस परियोजना को बड़ी सफलता दिलाने की दिशा में सही राह पर है।

श्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे प्रोजेक्ट जीआईबी के तहत हासिल की गई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। श्री यादव ने कहा कि राजस्थान के कैप्टिव ब्रीडिंग केंद्र में इस सप्ताह दो चूजों का जन्म हुआ, जिनमें से एक प्राकृतिक प्रजनन से और दूसरा कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुआ है।

श्री यादव ने इसे प्रजाति के संरक्षण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस वर्ष पाले गए कुछ चूजों को जंगल में धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा, जो इस परियोजना के लिए एक नई चुनौतीपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए राजस्थान वन विभाग के वन अधिकारियों को भी बधाई दी।

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पीके/केसी/एसकेजे/एनजे


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