सहकारिता मंत्रालय
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विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना

प्रविष्टि तिथि: 11 MAR 2026 5:24PM by PIB Delhi

सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना के अधीन प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्‍स) के चयन के प्रमुख मानदंडों में जिला सहकारी विकास समितियों (डीसीडीसी) के माध्यम से पैक्स की आवश्यक रूप से पहचान और अनुमोदन किया जाना शामिल है । पैक्स की पहचान ऐसे स्थानों पर की जानी चाहिए जिन्हें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नेफेड), भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ मर्यादित (एनसीसीएफ) आदि एजेंसियों द्वारा चिन्हित किया गया हो, जहाँ भंडारण की मांग/भंडारण की कमी विद्यमान हो तथा जहाँ इन एजेंसियों द्वारा हायरिंग एश्योरेंस प्रदान किया जाना संभव हो।

इसके अतिरिक्‍त, अधिमानतः विगत दो वित्तीय वर्षों के दौरान पैक्स का नेटवर्थ सकारात्मक होना चाहिए, पैक्स बैंक चूककर्ता नहीं होना चाहिए, पैक्स पिछले लगातार तीन वित्तीय वर्षों के दौरान लाभदायक होना चाहिए, विगत तीन वर्षों के दौरान संचयी लाभ ₹5 लाख से अधिक होना चाहिए, और प्रस्तावित गोदाम की न्यूनतम भंडारण क्षमता अधिमानतः 500 मीट्रिक टन या उससे अधिक होना चाहिए ।

इस योजना को कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ), कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई), कृषि यांत्रिकीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई), आदि जैसी भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से पैक्‍स /अन्य सहकारी समितियों के स्तर पर कार्यान्वित किया जा रहा है । एआईएफ योजना के अधीन गोदामों के निर्माण हेतु लिए गए ऋण पर पैक्स को ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाता है और एएमआई योजना के अधीन खाद्यान्‍न भंडारण के निर्माण के लिए 33% सब्सिडी दी जाती है । 

विश्‍व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना की परियोजनाओं के लिए एएमआई के अधीन नाबार्ड सब्सिडी चैनलाइजिंग एजेंसी है और इस योजना के अधीन वह सब्सिडी मंजूर और जारी करता है । इस पहल के अधीन राज्य सहकारी बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक पैक्‍स को प्राथमिक ऋण देने वाले संस्थानों के रूप में कार्य करते हैं । वे कार्यान्वयन संरचना में निर्दिष्ट समयबद्ध तरीके से पैक्स को ऋण स्वीकृत और संवितरित करने के लिए उत्तरदायी हैं ।

इस योजना में सहभागी सहकारी समितियों पर वित्तीय बोझ को उल्‍लेखनीय रूप से कम करने के लिए नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त योजना का उपयोग किया गया है । जब इसे एआईएफ के अधीन उपलब्ध 3% ब्याज अनुदान के साथ जोड़ा जाता है तो विश्‍व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना के अधीन पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर 1% रह जाती है ।

इसके अलावा, राजस्थान और गुजरात जैसे कुछ राज्य अपनी राज्य स्तरीय योजनाओं के माध्यम से परियोजना के अधीन गोदाम निर्माण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर रहे हैं ।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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