महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान में नवीनीकृत छात्रावास भवन का उद्घाटन किया
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अभिभावकों और बच्चों से बातचीत की, पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का उद्घाटन किया
प्रविष्टि तिथि:
27 FEB 2026 6:49PM by PIB Delhi
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कल (26 फरवरी 2026) भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था, सावित्रीबाई फुले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान (एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी) में नवीनीकृत छात्रावास भवन का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर और महिला एवं बाल विकास सचिव ने संस्थान के बाल मार्गदर्शन केंद्र और किशोर मार्गदर्शन सेवा केंद्र में आने वाले अभिभावकों से बातचीत की। इस बातचीत का मकसद यहां दी जाने वाली सेवाओं को लेकर उनके अनुभव और सुधार के लिए सुझाव प्राप्त करना था। मंत्री जी ने दिव्यांग बच्चों से भी मुलाकात की, जो बाल मार्गदर्शन केंद्र और किशोर मार्गदर्शन सेवा केंद्र की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

श्री वलेती प्रेमचंद, अतिरिक्त सचिव और निदेशक (एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी), ने कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य लोगों को बताया कि मंत्रालय ने केंद्रों पर करीब छह महीने की लंबी प्रतीक्षा अवधि को काफी कम करने के लिए क्या प्रयास किए हैं, जिसके तहत अब अभिभावकों की सुविधा के अनुसार बच्चों के मूल्यांकन के लिए तत्काल अपॉइंटमेंट मिल जाते हैं। उन्होंने अभिभावकों को बातचीत करने और अपने विचार एवं सुझाव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अतिरिक्त सचिव और निदेशक (एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी) ने बताया कि अभिभावकों के सुझावों पर ध्यान दिया गया है और उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित मामलों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों ने इस संवादात्मक सत्र की सराहना करते हुए बताया कि इससे उन्हें अपनी चिंताओं को साझा करने का अवसर मिला है और उन्होंने सरकारी सहयोग के लिए खुशी भी जताई। अभिभावकों ने इस बात पर भी प्रसन्नता जताई कि केंद्रों पर सत्र नियमित रूप से और समय पर आयोजित किए जा रहे हैं। एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी के पेशेवरों द्वारा दिए गए मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया।

इसके अलावा, अभिभावकों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में मंत्रालय द्वारा केंद्रों के कामकाज में सुधार के लिए की गई पहलों के बारे में जानकारी दी और सेवाओं को मजबूत करने के लिए इन पहलों को जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों को समय देने के लिए भी प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बच्चे अनमोल हैं और भारत के भविष्य की नींव हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्हें समान अधिकार और अवसर मिलें, खासकर शिक्षा प्रणाली के भीतर, यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री ने 26 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक संस्थान द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएससीएसआर) के सहयोग से आयोजित अनुसंधान पद्धति पर पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का भी उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम को संस्थागत अनुसंधान क्षमता को मजबूत करने और महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीतिगत जुड़ाव को बढ़ावा देने के मकसद से एक रणनीतिक शैक्षणिक पहल के रूप में तैयार किया गया था। उन्होंने संस्थान के संकाय सदस्यों से बातचीत की और उन्हें इस तरह की पहलों के ज़रिए नियमित रूप से अपने ज्ञान और कौशल को अपडेट करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह मिले ज्ञान से शैक्षणिक प्रशिक्षण को समकालीन अनुसंधान मानकों और नीतिगत ज़रुरतों के मुताबिक बनाने में मदद मिलेगी, जिससे महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में एक प्रमुख राष्ट्रीय संस्थान के रूप में संस्थान की भूमिका और अहम होगी।
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पीके/केसी/एनएस/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2233673)
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