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भारत और स्वीडन ने एसआईटीएसी फ्रेमवर्क के माध्यम से एआई के क्षेत्र में  साझेदारी को और भी अधिक मजबूत किया


इंडियाएआई मिशन और बिजनेस स्वीडन द्वारा स्वीडन-भारत टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर (एसआईटीएसी) की स्थापना

एआई के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना और जिम्मेदार, मापनयोग्य डिजिटल नवाचार को गति देना इस साझेदारी का उद्देश्य

प्रविष्टि तिथि: 25 FEB 2026 7:02PM by PIB Delhi

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान, इंडियाएआई मिशन और बिजनेस स्वीडन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ भारत और स्वीडन के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक आशय पत्र (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए।

आशय पत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े समाधानों के विकास, इस्तेमाल और उन्हें अपनाए जाने को लेकर सहयोग के लिए एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करता है, जिसमें वास्तविक औद्योगिक और सामाजिक परिणामों पर जोर दिया गया है। यह सहयोग भारत और स्वीडन के बीच दीर्घकालिक साझेदारी पर आधारित है और नवाचार, आर्थिक विकास और सतत विकास के लिए एआई का लाभ उठाने के साथ-साथ इससे जुड़े जोखिमों का समाधान करने में दोनों देशों की साझा राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

इस साझेदारी के बारे में बात करते हुए इंडियाएआई मिशन की सीओओ सुश्री कविता भाटिया ने कहा, “भारत और स्वीडन सिर्फ कृत्रिम बुद्धिमत्ता में साझेदार नहीं हैं, बल्कि हम मूल्य-आधारित, टिकाऊ और भरोसेमंद एआई भविष्य के सह-निर्माता हैं। हमारा सहयोग पूरक शक्तियों और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को दर्शाता है, जो दोनों देशों को वैश्विक तकनीकी परिवर्तन के अगले चरण को आकार देने के लिए तैयार करता है।

भारत में स्वीडन की व्यापार और निवेश आयुक्त श्रीमती सोफिया होगमैन ने कहा, "इंडियाएआई के साथ यह आशय पत्र एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है, जो हमारे साझा रणनीतिक दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में बदलता है। एसआईटीसी के माध्यम से, हम अपने इको-सिस्टम को जोड़ने और दोनों देशों के सर्वश्रेष्ठ एआई और डिजिटल तकनीक से जुड़े नवाचारों को एक साथ लाकर नए कारोबारी अवसर पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।"

दोनों देश मिलकर स्वीडन-भारत टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉरिडोर (एसआईटीएसी) नामक एक विशेष कार्यक्रम विकसित करेंगे। एसआईटीएसी दोनों देशों की सरकारी एजेंसियों, उद्योग जगत के हितधारकों, स्टार्टअप उद्यमों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सुनियोजित सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करेगा।

एसआईटीसी के तहत, दोनों विभाग निम्नलिखित पहल करेंगे:

  • सम्मेलनों, सेमिनारों और विषयगत कार्यशालाओं का आयोजन
  • भारतीय और स्वीडिश एआई इको-सिस्टम के बीच आदान-प्रदान को सुगम बनाना
  • नवाचार केंद्रों और उत्कृष्टता केंद्रों के क्षेत्र भ्रमण
  • कंपनियों, निवेशकों, अनुसंधानकर्ताओं और नीति निर्माताओं के बीच संवाद
  • संयुक्त नवाचार मंचों और निवेश गलियारों के अवसरों की पहचान करना
  • प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में एआई समाधानों को दोनों पक्षों द्वारा अपनाए जाने को बढ़ावा देना

यह साझेदारी भारत एआई मिशन के उद्देश्यों को स्वीडन की औद्योगिक नवाचार, उन्नत अनुसंधान एवं विकास तथा जिम्मेदार एआई कार्यान्वयन की क्षमताओं के साथ जोड़ती है, जिसके तहत कंप्यूटिंग, डेटा और प्रतिभा तक पहुंच के माध्यम से एक व्यापक राष्ट्रीय एआई इको-सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। उम्मीद है कि यह सहयोग दोनों देशों के उद्यमों, स्टार्टअप उद्यमों और अनुसंधान संस्थानों को संयुक्त रूप से व्यापक और समावेशी एआई समाधान विकसित करने में सहायता प्रदान करेगा।

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पीके/केसी/एसकेएस/एसवी


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