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रेशम, रेशम उत्पादन, हथकरघा और तकनीकी वस्त्रों में नए अवसर खोलने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वियतनाम का दौरा किया

प्रविष्टि तिथि: 09 FEB 2026 6:18PM by PIB Delhi

वस्त्र मंत्रालय के केंद्रीय रेशम बोर्ड – सीएसबी और प्रमुख भारतीय रेशम उद्यमियों ने हनोई स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से वियतनाम का पांच दिवसीय आधिकारिक दौरा किया। इसका उद्देश्य सरकार के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग विस्तार, मूल्य श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने और वस्त्र क्षेत्र में संवहनीय विकास को बढ़ावा देने के लक्ष्य के अनुरूप रेशम उत्पादन, रेशम, वस्त्र और तकनीकी वस्त्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करना रहा।

यात्रा के दौरान, केंद्रीय रेशम बोर्ड के संयुक्त सचिव (तकनीकी) डॉ. नरेश बाबू एन. ने वियतनाम के अग्रणी वस्त्र निर्माता और निर्यातकों में शामिल बिटेक्सको नाम लॉन्ग जॉइंट स्टॉक कंपनी के अध्यक्ष को फाइव-इन-वन सिल्क स्टोल (छोटे शॉल) भेंट कर सम्मानित किया और कंपनी को भारत टेक्स 2026 में भाग लेने का न्यौता दिया। उन्होंने वियतनाम टेक्सटाइल एंड अपैरल एसोसिएशन (वीआईटीएएस) को भी भारत टेक्स 2026 के लिए आमंत्रित किया और वियतनाम एसोसिएशन ऑफ क्राफ्ट विलेजेज के साथ हथकरघा और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने, उत्पादों के विकास, ग्राम स्तरीय रेशमी वस्त्र उत्पादन, निर्यात और नीतिगत समर्थन पर चर्चा की। वियतनामी एसोसिएशन ने इस पर सहयोग में गहरी रुचि दिखाई।

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प्रतिनिधिमंडल ने यात्रा के दौरान हनोई स्थित भारतीय दूतावास में वियतनाम में भारत के राजदूत श्री शेरिंग वांगचुक शेरपा से मुलाकात की और रेशम और वस्त्र क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल ने हनोई के ऐतिहासिक वान फुक सिल्क क्राफ्ट विलेज का भी दौरा किया और स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के साथ बातचीत की। इसमें उन्हें बुनाई, कढ़ाई, डिजाइन, फैशन और बाजार पहुंच के एकीकृत मॉडल की जानकारी तथा भारत में रेशम उत्पादन-पर्यटन मॉडल विकसित करने की महत्वपूर्ण सीख मिली।

प्रतिनिधिमंडल ने स्वचालित रीलिंग इकाइयों और शहतूत के खेतों सहित आधुनिक सुविधाओं का दौरा किया और वियतनाम प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों - वियतनाम इंटरनेशनल वैल्यू चेन एग्जिबिशन 2026 और वियतनाम ग्लोरियस स्प्रिंग फेयर 2026 में भी भाग लिया। इन प्रदर्शनियों में भारतीय रेशम उत्पाद प्रदर्शित करने वाले केंद्रीय रेशम बोर्ड के स्टॉल के प्रति वहां लोगों ने काफी रुचि दिखाई, जिससे भारतीय रेशम के बढ़ते वैश्विक अवसर परिलक्षित हुए। प्रतिनिधिमंडल ने हो ची मिन्ह सिटी में पारंपरिक रेशम दुकानों का भी दौरा कर रेशमी कपड़ों और पारंपरिक फैशन उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का अवलोकन किया। उन्होंने स्थानीय कारीगरों से बातचीत की और सिलाई तकनीकों और नवीन डिजाइन पद्धतियों की जानकारी ली। इसमें उत्पाद विविधीकरण के अवसर तथा वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र में भारत और वियतनाम के बीच सहयोग की संभावनाएं प्रबल हुईं।

इस यात्रा ने रेशम और वस्त्र क्षेत्रों में भारत और वियतनाम के बीच संयुक्त अनुसंधान और विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, व्यापार-से-व्यापार साझेदारी और वैश्विक बाजार संबंध सुदृढ़ करने के अवसर खोले हैं।

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पीके/केसी/एकेवी/एसके


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