अणु ऊर्जा विभाग
azadi ka amrit mahotsav

संसद का प्रश्न: परमाणु ऊर्जा

प्रविष्टि तिथि: 05 FEB 2026 3:48PM by PIB Delhi

सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन की घोषणा की है। सरकार ने परमाणु ऊर्जा मिशन की पूर्ति की दिशा में परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र की व्यापक भागीदारी को सक्षम बनाने के लिए शांति अधिनियम भी लागू किया है।

सरकार ने वर्ष 2033 तक स्थापित किए जाने वाले पांच स्वदेशी लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (एसएमआर) के डिजाइन विकसित करने की घोषणा की है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने एसएमआर (220 मेगावाट भारत लघु मॉड्यूलर रिएक्टर, 55 मेगावाट लघु मॉड्यूलर रिएक्टर, 5 मेगावाट तक उच्च तापमान गैस-कूल्ड रिएक्टर) के डिजाइन, विकास और स्थापना का कार्य शुरू कर दिया है। ये एसएमआर ऊर्जा-गहन क्षेत्रों के लिए कैप्टिव विद्युत संयंत्रों के रूप में, पुराने जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत संयंत्रों के पुन: उपयोग के लिए और ग्रिड कनेक्टिविटी से वंचित दूरस्थ स्थानों के लिए उपयुक्त हैं। परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत वर्ष 2033 तक स्वदेशी एसएमआर के अनुसंधान एवं विकास के लिए धनराशि भी आवंटित की गई है।

वर्तमान में, कुल 13600 मेगावाट क्षमता (पीएफबीआर सहित) वाले सत्रह परमाणु रिएक्टर विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं, जिनके वर्ष 2031-32 तक क्रमिक रूप से पूर्ण होने की उम्मीद है। सरकार ने वर्ष 2047 तक लगभग 100 गीगावाट की क्षमता प्राप्त करने के लिए एक व्यापक रुपरेखा तैयार की है। निर्माणाधीन परियोजनाओं के क्रमिक रूप से पूर्ण होने पर वर्तमान परमाणु ऊर्जा क्षमता को वर्ष 2031-32 तक लगभग 22 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी ।

*****

पीके/केसी/जेके/एनजे    


(रिलीज़ आईडी: 2223884) आगंतुक पटल : 136
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Tamil