गृह मंत्रालय
भूस्खलन जोखिम शमन योजना
प्रविष्टि तिथि:
04 FEB 2026 3:59PM by PIB Delhi
सरकार ने वर्ष 2019 में चार (04) राज्यों यानी सिक्किम, मिजोरम, नागालैंड और उत्तराखंड के लिए भूस्खलन जोखिम शमन योजना (एलआरएमएस) को मंजूरी दी थी, ताकि इन संवेदनशील राज्यों को आपदा की तैयारी के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जा सके और भविष्य में अन्य भूस्खलन शमन परियोजनाओं को शुरू करने की उनकी क्षमता का निर्माण किया जा सके।
एलआरएमएस की अवधारणा जुलाई 2019 में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (एसडीएमए) / जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (डीडीएमए) के आपदा जोखिम शासन में सुधार के तहत 43.91 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ तैयार की गई और इसे शुरू किया गया था।
इस योजना के प्रमुख परिणामों में भूस्खलन रोकथाम, वास्तविक समय की निगरानी, जागरूकता कार्यक्रम और क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण शामिल थे। एलआरएमएस के कार्यान्वयन के लिए राज्यों को प्रदान की गई वित्तीय सहायता का राज्यवार विवरण इस प्रकार है:
(करोड़ रुपये में)
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क्र. सं.
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राज्य
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कार्यान्वयन के लिए वित्तीय सहायता
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1.
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सिक्किम
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11.08
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2.
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नगालैंड
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10.92
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3.
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उत्तराखंड
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10.92
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4.
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मिजोरम
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10.99
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कुल
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43.91
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इसके अतिरिक्त, सरकार ने भूस्खलन संभावित 15 राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल) के लिए 1000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम शमन परियोजना को भी राष्ट्रीय आपदा शमन कोष (एनडीएमएफ) से वित्त पोषण के लिए मंजूरी दे दी है।
गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही।
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पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2223656)
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