अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित केंद्रीय क्षेत्र योजना, प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) को लागू कर रहा है
प्रविष्टि तिथि:
03 FEB 2026 7:56PM by PIB Delhi
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय प्रधानमंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) नामक केंद्रीय क्षेत्र योजना को लागू कर रहा है, जिसका उद्देश्य निम्नलिखित के माध्यम से छह अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करना है:
- कौशल विकास और प्रशिक्षण (गैर-पारंपरिक और पारंपरिक)
- महिला नेतृत्व और उद्यमिता
- शिक्षा (राष्ट्रीय मुक्त शिक्षा संस्थान के माध्यम से)
- बुनियादी ढाँचा विकास (प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के माध्यम से)
इस योजना के दिशा-निर्देश जनवरी 2025 में अनुमोदित किए गए थे, और उसके बाद से योजना का कार्यान्वयन शुरू हो गया है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट आवंटन और व्यय (वर्तमान तिथि के अनुसार) का विवरण नीचे दिया गया है:
(करोड़ रुपये में)
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वर्ष
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बीई
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आरई
|
एई
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2024-25
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255.43
|
30.00
|
0.00
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2025-26
|
267.29
|
200.00
|
92.28
|
पीएम विकास एक केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में कार्यान्वित की जा रही है, इसलिए योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्यों को धनराशि आवंटित नहीं की जाती है। हालांकि, मंत्रालय वर्तमान में केंद्रीय सरकार के मंत्रालयों/विभागों और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों के माध्यम से इस योजना के तहत पात्र एजेंसियों से पूरे भारत के लिए प्रस्ताव आमंत्रित कर रहा है।
अब तक, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों (पीआईए) को लगभग 1.51 लाख लाभार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य आवंटित किया गया है। योजना के लाभार्थियों की राज्यवार संख्या का विस्तृत विवरण, प्रारंभ से लेकर अब तक, अनुलग्नक I में दिया गया है।
पीएम विकास योजना का कार्यान्वयन जनवरी 2025 में शुरू किया गया था और लाभार्थियों के प्रशिक्षण सहित परियोजना का क्रियान्वयन चालू वित्तीय वर्ष में ही शुरू हुआ है। इसलिए, योजना के क्रियान्वयन में आगे बढ़ने के साथ ही यदि कोई चुनौतियां आती हैं तो उनकी पहचान की जाएगी।
पीएम विकास योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण
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क्र. सं.
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राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
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आवंटन
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|
1
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आंध्र प्रदेश
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3150
|
|
2
|
अरुणाचल प्रदेश
|
1860
|
|
3
|
असम
|
12020
|
|
4
|
बिहार
|
4725
|
|
5
|
छत्तीसगढ
|
260
|
|
6
|
दिल्ली
|
9140
|
|
7
|
गोवा
|
270
|
|
8
|
हरियाणा
|
3250
|
|
9
|
जम्मू और कश्मीर
|
14960
|
|
10
|
झारखंड
|
8120
|
|
11
|
कर्नाटक
|
4885
|
|
12
|
केरल
|
1840
|
|
13
|
मध्य प्रदेश
|
10245
|
|
14
|
महाराष्ट्र
|
8995
|
|
15
|
मेघालय
|
7045
|
|
16
|
मिजोरम
|
210
|
|
17
|
नगालैंड
|
1550
|
|
18
|
ओडिशा
|
1400
|
|
19
|
पंजाब
|
16800
|
|
20
|
राजस्थान
|
3330
|
|
21
|
सिक्किम
|
210
|
|
22
|
तमिलनाडु
|
2000
|
|
23
|
तेलंगाना
|
3300
|
|
24
|
त्रिपुरा
|
1350
|
|
25
|
उत्तर प्रदेश
|
18080
|
|
26
|
उत्तराखंड
|
5780
|
|
27
|
पश्चिम बंगाल
|
6610
|
|
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कुल योग
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151385
|
यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
पीके/केसी/जीके
(रिलीज़ आईडी: 2222915)
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