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सीएक्यूएम ने मध्य दिल्ली में शाम को निरीक्षण अभियान चलाया


एमएसडब्ल्यू फेंकने और बायोमास/एमएसडब्ल्यू जलाने के मामले सामने आए

प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 6:25PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने मध्य दिल्ली में खुले में नगर निगम के ठोस अपशिष्ट [म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट (एमएसडब्ल्यू)]/बायोमास फेंकने व जलाने की रोकथाम से जुड़े नियमों के पालन का जायजा लेने और वायु प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों का पता लगाने हेतु शाम को एक निरीक्षण अभियान चलाया।

सीएक्यूएम के उड़न दस्ते द्वारा चलाए गए निरीक्षण अभियान में करोल बाग और राजेंद्र नगर के इलाके शामिल थे।

समेकित निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 20 मामले दर्ज किए गए, जिनमें बायोमास/एमएसडब्ल्यू जलाने के दो मामले और एमएसडब्ल्यू फेंकने के 18 मामले शामिल हैं। बायोमास/एमएसडब्ल्यू जलाने का काम अधिकतर गर्म करने (हीटिंग) के उद्देश्य से किया जा रहा था। कई स्थानों  पर एमएसडब्ल्यू को निर्माण और विध्वंस (सी एंड डी) के कचरे के साथ मिला हुआ पाया गया, जिससे आग लग सकती है और वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।

करोल बाग में जिन खास जगहों पर उल्लंघन देखे गए, उनमें गुरु रविदास मार्ग (अहोबिला श्री लक्ष्मी मंदिर और पूर्वी पटेल नगर डाकघर के निकट), विष्णु मंदिर मार्ग (द सनकोर्ट होटल यात्री के बाहर), कृष्णा नगर (गंगा मंदिर मार्ग और हरध्यान सिंह रोड के चौराहे के निकट), गंगा मंदिर मार्ग (श्री गोमा राम सबलानिया चौक के निकट), गुरुद्वारा रोड (ऑब्सेशन कारपेट स्टोर और एसबीआई कैश डिपॉजिट मशीन के निकट) और गली नंबर 6 के चौराहे पर गंगा मंदिर मार्ग शामिल हैं। इन जगहों पर नगर निगम के ठोस अपशिष्ट को फेंकने और जलाने, दोनों तरह के मामले देखे गए। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) इस मामले की जिम्मेदार एजेंसी है।

आयोग ने संबंधित एजेंसियों, खासकर एमसीडी को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि नगर निगम के ठोस अपशिष्ट और बागवानी के कचरे को सड़कों या गाड़ियों की आवाजाही वाले स्थानों पर जमा या फेंका न जाए, और कचरे को तुरंत उठाया जाए और सिर्फ तय अधिकृत स्थानों पर ही निपटान किया जाए। एमसीडी को यह भी सलाह दी गई है कि वह अनाधिकृत रूप से फेंकने के खिलाफ रोक लगाने वाले निर्देशों को सख्ती से लागू करे, ऐसी हरकतों को दोबारा होने से रोके, उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाए और जमा हुए कचरे को तुरंत हटवाना सुनिश्चित करे।

इसके अलावा, आयोग ने एमसीडी को उसके अधिकार क्षेत्र में एमएसडब्ल्यू/बायोमास की खुली डंपिंग और खुले में जलाने के बार-बार होने वाले उल्लंघनों के बारे में बताया है। आयोग ने लगातार मिल रही शिकायतों पर ध्यान दिया है, जो लागू करने में प्रणालीगत कमियों और एमएसडब्ल्यू/बायोमास जलाने के प्रति जीरो टॉलरेंस के वैधानिक निर्देशों का पालन न करने की ओर इशारा करती हैं, जो इस क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण है। एमसीडी को ऐसे उल्लंघनों को रोकने, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और कार्रवाई रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है, जिसका उद्देश्य एमएसडब्ल्यू को जलाने से पूरी तरह से रोकना है।

सीएक्यूएम ने इस बात पर जोर दिया कि खुले में कचरा फेंकना और बायोमास/ एमएसडब्ल्यू जलाना जैसे स्थानीय स्रोत वायु प्रदूषण फैलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, खासकर शाम व रात के समय और इन पर लगातार नजर रखने तथा कार्रवाई करने की जरूरत है। आयोग ने दोहराया कि ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत निरीक्षण एवं कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में नियमित रूप से जारी रहेगी और इसमें प्रदूषण के ऐसे स्थानीय स्रोतों की पहचान करने और उन्हें खत्म करने पर खास ध्यान दिया जाएगा।

आयोग सभी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि वैधानिक निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके, ग्रेप उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके और क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।

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पीके/केसी/आर


(रिलीज़ आईडी: 2222417) आगंतुक पटल : 16
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