सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से पिछले पांच वर्षों में 10 लाख रुपये तक की परियोजना लागत वाली विनिर्माण क्षेत्र की 63 प्रतिशत इकाईयों और सेवा क्षेत्र की 93 प्रतिशत इकाईयों को सहायता मिली
सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने उत्पादन और राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के उद्देश्य से क्रिएशन एंड हार्मोनियस एप्लीकेशन ऑफ मॉडर्न प्रोसेसेज फॉर इंक्रीजिंग द आउटपुट एंड नेशनल स्ट्रेंथ - चैंपियंस नामक एकीकृत पोर्टल स्थापित किया है, जिसका लक्ष्य शिकायतों का प्रभावी निवारण है
प्रविष्टि तिथि:
02 FEB 2026 3:34PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम – पीएमईजीपी, केंद्रीय योजना है जो संभावित लाभार्थियों को मुख्य रूप से कम परियोजना लागत वाली नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में छोटे ऋण उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान करती है। वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2024-25 तक की पिछली पांच वर्ष की अवधि में 10 लाख रुपये तक परियोजना लागत वाली विनिर्माण क्षेत्र की लगभग 63 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र की 93 प्रतिशत इकाईयों को सहायता प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, पीएमईजीपी के अंतर्गत लघु परियोजनाओं के लिए ऋण और सब्सिडी सुगम बनाने के निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
- जिन लाभार्थियों की परियोजना लागत 10 लाख रुपये से कम है, उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार, 10 लाख रुपये तक के ऋण वाली परियोजनाओं के लिए बैंकों द्वारा किसी भी प्रकार की जमानत राशि की मांग नहीं की जाती। मंत्रालय ने सभी प्रमुख बैंकों को इस प्रावधान का कड़ाई से अनुपालन करने को कहा है।
- विनिर्माण क्षेत्र में 10 लाख रुपये तक और सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक की लागत वाली परियोजनाएं स्थापित करने के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, उत्पादन और राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रक्रियाओं के निर्माण और सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग – चैंपियंस नाम का एकीकृत पोर्टल संचालित कर रहा है, जिसका उद्देश्य पीएमईजीपी सहित मंत्रालय की योजनाओं से संबंधित शिकायतों का त्वरित, सुगम और प्रभावी निवारण करना, एमएसएमई को विभिन्न सरकारी योजनाओं/नीतियों को समझने में सहायता प्रदान करना, मार्गदर्शन और परामर्श सेवाएं प्रदान करना और एमएसएमई को मंत्रालय, राज्य सरकारों, ऋण संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के प्रमुख अधिकारियों से जोड़ना है।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंक द्वारा दी जाने वाली अग्रिम राशि को ब्याज दर नियंत्रण मुक्त कर दिया है। अतः पीएमईजीपी ऋणों पर ब्याज दरें रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित नियामक ढांचे के अंतर्गत बैंकों की व्यक्तिगत ऋण और ऋण नीति के आधार पर तय की जाती हैं। हालांकि शीर्ष बैंक ने सभी विनियमित संस्थाओं को पारदर्शिता, निष्पक्षता और ऋण शर्तों का पर्याप्त खुलासा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं, जिससे पीएमईजीपी लाभार्थियों को सूचित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी और अधिक ब्याज वसूली रोकी जा सकेगी। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को पीएमईजीपी परियोजनाओं को मंजूरी देने में प्राथमिकता देने के दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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पीके/केसी/एकेवी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2222210)
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