पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय
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उत्तर पूर्वी क्षेत्र में कनेक्टिविटी परियोजनाएं

प्रविष्टि तिथि: 30 JAN 2026 2:55PM by PIB Delhi

उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) में प्रमुख सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति विवरण इस प्रकार है:

(i)  सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सूचित किया है कि उत्तर पूर्वी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2014 में 10,905 किमी से बढ़कर 01.04.2025 को 16,207 किमी हो गई है। इसके अलावा, उत्तर पूर्वी क्षेत्र में 3,635 किमी लंबाई की कुल 177 परियोजनाएं, जिनकी लागत 87,119 करोड़ रुपये है, कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं।

(ii)  ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सूचित किया है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) की शुरुआत से लेकर अब तक उत्तर पूर्वी राज्यों में 89,503 किलोमीटर की 17,666 सड़क परियोजनाओं और 2,396 पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 81,448 किलोमीटर की 16,547 सड़क परियोजनाओं और 2,126 पुलों का निर्माण 53,353.49 करोड़ रुपये के व्यय के साथ पूरा हो चुका है, जिसमें राज्य का हिस्सा भी शामिल है।

(iii) उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने अपने मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के तहत 8260.88 करोड़ रुपये की लागत से 647 सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें से 4915 करोड़ रुपये की लागत वाली 500 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

(iv) रेल मंत्रालय ने सूचित किया है कि रेल परियोजनाओं का सर्वेक्षण/स्वीकृत/निष्पादित क्षेत्रवार रेलवे के आधार पर किया जाता है, न कि राज्यवार/केंद्र शासित प्रदेशवार/जिलावार, क्योंकि ये परियोजनाएं राज्य/केंद्र शासित प्रदेश/जिला सीमाओं के पार फैली हुई हैं और इस संबंध में आंकड़े वित्तीय वर्षवार रखे जाते हैं। 01.04.2025 तक उत्तर पूर्वी क्षेत्र (एनईआर) में आंशिक/पूर्ण रूप से पड़ने वाली 777 किमी की कुल लंबाई वाली 12 रेल परियोजनाओं (8 नई लाइनें और 4 दोहरीकरण) को 69,342 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है, जिनमें से 278 किमी चालू हो चुकी है।

(v)  दूरसंचार विभाग ने सूचित किया है कि दिसंबर 2025 तक उत्तर पूर्वी क्षेत्र में भारतनेट परियोजना के तहत उच्च बैंडविड्थ क्षमता वाली इंटरनेट/ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए 6,355 ग्राम पंचायतों (जीपी) को तैयार कर दिया गया है। सरकार द्वारा वित्त पोषित 4जी सैचुरेशन परियोजना और अन्य मोबाइल परियोजनाओं के तहत दिसंबर 2025 तक  उत्तर पूर्वी क्षेत्र के 5366 गांवों/स्थानों को कवर करते हुए 3718 मोबाइल टावर लगाए गए हैं।

सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की अवधि भौगोलिक स्थिति, कठिन भू-भाग, भूमि की उपलब्धता, अनिवार्य वैधानिक मंजूरी और बाधाओं को दूर करने, वित्तीय समाधान आदि जैसे विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है।

उत्तर पूर्वी क्षेत्र में इन परियोजनाओं के लाभों में, अन्य बातों के अलावा, उत्तर-पूर्व के लोगों का देश की मुख्यधारा के साथ एकीकरण, आवश्यक वस्तुओं और कृषि उत्पादों की तेज आवाजाही, इस क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि, क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास, पर्यटन उद्योग का विकास और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि शामिल है, जिससे उत्तर-पूर्वी राज्यों की समग्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

केन्‍द्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने यह जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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पीके/केसी/आईएम/एमबी


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