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दावोस में दूसरे दिन भी भारत की विकास गाथा पर विमर्श जारी


गंभीर संरचनात्मक सुधारों से प्रेरित, भारत की सुधार गति मज़बूती से सही रास्ते पर है: अश्विनी वैष्णव

उच्च विकास दर और आर्थिक लचीलेपन के कारण भारत विश्व स्तर पर भरोसेमंद देश के रूप में स्थापित

प्रविष्टि तिथि: 22 JAN 2026 9:09PM by PIB Delhi

रेलवे, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि भारत की सुधार गति मज़बूती के साथ सही रास्ते पर है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा व्यक्तिगत रूप से निर्देशित गंभीर संरचनात्मक सुधारों से प्रेरित है, जिसने भारतीय अर्थव्यवस्था को उच्च विकास दर वाली, लचीली और विश्व स्तर पर भरोसेमंद गंतव्य में बदल दिया है।

दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के अवसर पर  श्री वैष्णव ने कहा कि हाल के वर्षों में किए गए ऐतिहासिक सुधार सभी क्षेत्रों में निवेशकों का मज़बूत विश्वास पैदा कर रहे हैं। इन सुधारों में श्रम संहिता सुधार, वस्तु एवं सेवा कर का सरलीकरण, ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और परमाणु ऊर्जा को निजी क्षेत्र के लिए खोलना शामिल है।

श्री वैष्णव ने कहा कि सुधार की प्रक्रिया अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में निरंतर चल रही है। उन्होंने कहा कि निवेशक भारत में नीतिगत वातावरण से बहुत उत्साहित हैं और अपने निवेश को लगातार बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कई उदाहरण दिए, जिनमें आईकेईए द्वारा अपने निवेश को दोगुना करने की योजना की घोषणा और क्वालकॉम द्वारा भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या में काफी विस्तार करना शामिल है। उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों की कंपनियाँ मौजूदा समय को भारत में निवेश करने के लिए उपयुक्त समय के रूप में देख रही हैं।

भारत के वृहत आर्थिक बुनियादी कारकों की जानकारी देते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। देश की अर्थव्यवस्था में अगले पाँच वर्षों में 6-8 प्रतिशत की लगातार विकास दर का अनुमान है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मध्यम मुद्रास्फीति और उच्च विकास का संयोजन पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हासिल किए गए आर्थिक परिवर्तन को दर्शाता है, जो दुनिया भर का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं का ज़िक्र करते हुए, मंत्री ने भू-राजनीतिक, भू-आर्थिक और भू-तकनीकी उथल-पुथल के बीच लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आंतरिक क्षमताओं को मज़बूत करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दे रही है कि अर्थव्यवस्था के सभी बुनियादी बिल्डिंग ब्लॉक मज़बूती से अपनी जगह पर हों ताकि भारत वैश्विक बाधाओं का सामना कर सके।

श्री वैष्णव ने यह भी कहा कि भारत व्यवस्थित रूप से अपना सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बना रहा है, एक व्यापक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टैक विकसित कर रहा है, रक्षा उत्पादन को तेज़ी से बढ़ा रहा है, और भारतीय आईटी फर्मों को पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं से एआई-संचालित समाधानों की ओर बढ़ने में सक्षम बना रहा है। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास मिलकर भारत के आर्थिक लचीलेपन को मज़बूत करने में योगदान करते हैं।

मंत्री ने कहा कि दावोस में भारत के बारे में वैश्विक धारणा बहुत सकारात्मक रही है, भारत को व्यापक रूप से लगातार आर्थिक विकास दिखाने वाले भरोसेमंद देश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न  बैठकों में हुई चर्चाओं में यह व्यापक सहमति दिखी कि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में भारत का उभरना अब संभावना नहीं, बल्कि समय की बात है।

भारत के समावेशी विकास मॉडल की  जानकारी हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि 54 करोड़ से ज़्यादा जन धन बैंक खाते खोलने और 80 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को लगातार खाद्य सुरक्षा प्रदान करने जैसी पहलों ने यह सुनिश्चित किया है कि आर्थिक विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि इस समावेशी विकास मॉडल के पैमाने और प्रभाव को विश्व स्तर पर व्यापक रूप से पहचाना और सराहा जा रहा है।

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