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पीएफआरडीए ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन 2026 में एमएसएमई के लिए एनपीएस आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया


राजकोट में आयोजित क्षेत्रीय एमएसएमई सम्मेलन का उद्देश्य उनके कर्मचारियों के लिए पेंशन जागरूकता, सेवानिवृत्ति सुरक्षा और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है

प्रविष्टि तिथि: 13 JAN 2026 1:44PM by PIB Delhi

पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने कार्यान्वयन साझेदार 'पीडब्ल्यूसी' के सहयोग से राजकोट में आयोजित द्वितीय वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के बीच राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के बारे में जागरूकता सत्र आयोजित किए। यह सम्मेलन 11 और 12 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। वीजीआरसी कार्यक्रम लोकप्रिय वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट (वीजीजीएस) श्रृंखला का हिस्सा है जिसकी शुरूआत 2003 में हुई थी। यह व्यापार सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाले विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त मंच के रूप में विकसित हुआ है। विकसित भारत @2047 और विकसित गुजरात @2047 के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप इस तरह के क्षेत्रीय सम्मेलन राज्य की क्षेत्रीय क्षमता को प्रदर्शित करेंगे और जमीनी स्तर के विकास को बढ़ावा देंगे।

वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (वीजीआरसी) कार्यक्रम के दूसरे दिन (12 जनवरी 2026) क्षेत्रीय एमएसएमई सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस सम्मेलन में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल, गुजरात के कृषि और किसान कल्याण, सहकारिता, पशुपालन, गौपालन, मत्स्य पालन और प्रोटोकॉल मंत्री श्री जीतूभाई सावजीभाई वाघानी और मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार श्री डॉ. हसमुख अधिया ने भाग लिया और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

एमएसएमई के हितधारकों को संबोधित करते हुए पीएफआरडीए की कार्यकारी निदेशक सुश्री ममता रोहित ने इस क्षेत्र में सेवानिवृत्ति योजना की आवश्यकता पर बल दिया जिसमें देश भर में लगभग 29 करोड़ लोग कार्यरत हैं। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • भारत में वृद्धजनों की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है: अभी केवल 29 प्रतिशत बुजुर्ग आबादी को ही पेंशन मिल रही है। समय रहते कार्रवाई न करने पर सम्मानजनक वृद्धावस्था और आर्थिक असुरक्षा के बीच का अंतर काफी बढ़ जाएगा।
  • देशभर में एमएसएमई क्षेत्र में 32 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं और यह कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है। अकेले गुजरात में ही 230 से अधिक जीआईडीसी औद्योगिक संपदाओं और लगभग 186 एमएसएमई समूहों में 42 लाख पंजीकृत एमएसएमई हैं।
  • एनपीएस लघु एवं मध्यम उद्यमों को सस्ता, लचीला, कर-कुशल और भविष्य के लिए तैयार सेवानिवृत्ति बचत विकल्प प्रदान करता है जिसके लिए कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या की कोई आवश्यकता नहीं होती है। यह सभी प्रकार की नौकरियों और भौगोलिक क्षेत्रों में पूरी तरह से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने योग्य है।
  • जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर 9.28 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ 16.53 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं।
  • हाल में किए गए सुधारों में इक्विटी निवेश सीमा में वृद्धि, निकासी में अधिक लचीलापन (लॉक-इन अवधि को हटाना सहित), खाता रखने की अधिकतम आयु को बढ़ाकर 85 वर्ष करना और शीघ्र पेंशन योजना के लिए एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरूआत शामिल है। एनपीएस केवल एक पेंशन उत्पाद नहीं है, यह भारत के कार्यबल के लिए गरिमा, स्थिरता और सुरक्षा का वादा है।

इस कार्यक्रम में टीसीएस कोरिया के सीईओ और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स कोरिया के अध्यक्ष श्री रमेश अय्यर, ​​बालाजी वेफर्स ग्रुप के अध्यक्ष श्री चंदूभाई विरानी, भारत में रूसी संघ के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय में वित्त क्षेत्र की सरकारी संबंध प्रमुख सुश्री ज़्लाता अंतुशेवा,  गियान, सृष्टि और हनीबी नेटवर्क के मानद सचिव श्री अनिल गुप्ता, पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित मिट्टीकूल के श्री मनसुखभाई राघवजीभाई प्रजापति और राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट सुश्री पार्वती मूर्ति जैसे प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

एग्जिबिशन डोम में पहुंच

पीएफआरडीए का एक स्टॉल उद्यमी मेले के हॉल नंबर 1 में प्रदर्शनी स्थल के हिस्से के रूप में भी था। इस मंच का उपयोग एनपीएस, नामांकन प्रक्रियाओं और एमएसएमई कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में योजना के लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए किया गया था। पीएफआरडीए के अधिकारियों, पीडब्ल्यूसी की टीम और पीओपी प्रतिनिधियों ने एनपीएस कॉर्पोरेट सेक्टर मॉडल के बारे में बताया जो नियोक्ताओं को वृद्धावस्था में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मजबूत मंच प्रदान करता है जिसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों की ओर से लचीले रूप से योगदान की सुविधा होती है।

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पीके/केसी/केके/एम


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