वस्‍त्र मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

वस्त्र मंत्रालय ने वैश्विक निर्यात चैंपियन तैयार करने के लिए "जिला-आधारित वस्त्र परिवर्तन (डीएलटीटी)" योजना की घोषणा की।

प्रविष्टि तिथि: 08 JAN 2026 9:28PM by PIB Delhi

वस्त्र मंत्रालय ने आज गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में जिला-आधारित वस्त्र परिवर्तन (डीएलटीटी) पहल का अनावरण किया। यह पहल भारत के वस्त्र उद्योग में समावेशी और सतत विकास को गति देने के लिए बनाई गई एक रणनीतिक पहल है। क्षेत्र-विशिष्ट, जिला-स्तरीय दृष्टिकोण अपनाकर, मंत्रालय का लक्ष्य 100 उच्च क्षमता वाले जिलों को वैश्विक निर्यात चैंपियन में बदलना और 100 आकांक्षी जिलों को आत्मनिर्भर केंद्रों के रूप में विकसित करना है।

मंत्रालय ने तीन प्रमुख मापदंडों - निर्यात प्रदर्शन और एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र में कार्यबल की उपस्थिति - पर आधारित डेटा-संचालित स्कोरिंग पद्धति का उपयोग करके सभी जिलों का विश्लेषण किया। इसके बाद इसे दो-स्तरीय रणनीति में ढाला गया, जिसमें जिलों को चैंपियन जिलों और आकांक्षी जिलों में वर्गीकृत किया गया। यह योजना जिले की श्रेणी के आधार पर तैयार किए गए कार्यान्वयन ढांचे का अनुसरण करती है।

  • चैंपियन जिले (पैमाना और परिष्कार): ये जिले उन्नत बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इनमें मेगा कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स (सीएफसी) में उन्नयन, इंडस्ट्री 4.0 का एकीकरण और प्रत्यक्ष निर्यात बाजार संपर्क को सुगम बनाना आदि शामिल हैं।

  • आकांक्षी जिले (बुनियादी ढांचा और औपचारिकीकरण): इन जिलों का उद्देश्य कार्यबल की बुनियादी संरचना और औपचारिकीकरण के लिए जमीनी स्तर से एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना होगा। इसमें बुनियादी कौशल विकास और प्रमाणन, कच्चे माल के बैंक स्थापित करना और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और सहकारी समितियों आदि के माध्यम से सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देना शामिल है।

इस पहल में पूर्वी और उत्तरपूर्वी क्षेत्रों में पूर्वोदय समुदायों के एकीकरण पर भी बल दिया गया है। इन क्षेत्रों को जनजातीय बेल्ट के विकास, बेहतर तरीके से जोड़ने और भौगोलिक संकेत (जीआई) टैगिंग के लिए प्राथमिकता दी गई है ताकि विशिष्ट सांस्कृतिक हस्तशिल्पों को वैश्विक बाजारों में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा सके।

सरकारी संसाधनों के रणनीतिक समन्वय और उद्योग एवं शिक्षा जगत के साथ सहयोगात्मक साझेदारी के माध्यम से, इस कार्यक्रम का उद्देश्य कपड़ा समूहों को मजबूत करना और जिलों में अधिकतम प्रभाव डालने के लिए सफल मॉडलों को व्यवस्थित रूप से विस्तारित करना है।

****

पीके/केसी/एमके/एनके


(रिलीज़ आईडी: 2213187) आगंतुक पटल : 18
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Urdu , Bengali , Assamese