वित्त मंत्रालय
स्वामिह फंड ने घर खरीदारों के हितो का संरक्षण किया है, हाउसिंग क्षेत्र को पुनर्जीवित किया है, रोजगार सृजित किया और समग्र अर्थव्यवस्था को सशक्त किया
प्रविष्टि तिथि:
08 JAN 2026 7:13PM by PIB Delhi
"प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद, नवंबर 2019 में किफायती और मध्यम आय वाले आवास के लिए विशेष विंडो (स्वामिह) निवेश कोष की शुरुआत की गई थी। यह वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) के वित्तीय सहयोग से रुकी हुई आवास परियोजनाओं को लास्ट-माइल फाइनेंसिंग) प्रदान करने की एक सरकार समर्थित पहल है।
मजबूत सौदों के निष्पादन और अनुशासित पूंजी निवेश को दर्शाते हुए, इस फंड ने 5 दिसंबर 2025 को अपनी निवेश अवधि समाप्त होने से पहले ही अपने पूरे निवेश योग्य कॉर्पस को पूरी तरह से कमिट कर दिया है। फंड के पोर्टफोलियो में 30 शहरों की 145 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं, जो स्वामिह को देश में सबसे बड़ा आवासीय-केंद्रित तनाव समाधान मंच बनाता है।
इस फंड से 1 लाख से अधिक घरों की डिलीवरी होने की उम्मीद है, जिससे 4 लाख से अधिक लोगों को राहत मिलेगी।"
प्रगति एवं उपलब्धियां:
· 15 दिसंबर 2025 तक, 110 परियोजनाओं में लगभग 61,000 घर वितरित किए जा चुके हैं। इसमें पुनर्वास/आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) श्रेणी के तहत 7,000 से अधिक इकाइयां शामिल हैं।
· स्वामिह का प्रबंधन मजबूत शासन मानकों, सक्रिय संपत्ति प्रबंधन और कठोर निरीक्षण के साथ किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 55 पूर्ण निकास और 44 आंशिक निकास हुए हैं।
· स्वामिह फंड ने देशभर की 127 परियोजनाओं में ₹37,400 करोड़+ की पूंजी को अनलॉक किया है, जिसके तहत 90 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जिसमें से 44% हिस्सा एलआईजी और एमआईजी आवासों का है।
· इसने 36,000 से अधिक कुशल और अकुशल नौकरियां पैदा की हैं, जिनमें 3,500 स्थायी नौकरियां शामिल हैं।
· इसके अतिरिक्त, फंड ने जीएसटी, सरकारी बकाया और स्टांप शुल्क के माध्यम से केंद्र और राज्यों को राजस्व के रूप में अनुमानित ₹6,900 करोड़+ का योगदान दिया है।
· रुकी हुई परियोजनाओं के पुनरुद्धार से 20 लाख टन से अधिक सीमेंट और 5.5 लाख मीट्रिक टन स्टील की मांग पैदा हुई है।
· इन परियोजनाओं ने ग्रीन कवर के रूप में 1.06 लाख से अधिक पेड़ जोड़े हैं।
· फंड ने निवेशकों को आहरित पूंजी का लगभग 50 प्रतिशत वापस कर दिया है, जो सामाजिक प्रभाव और वित्तीय विवेक के बीच संतुलन बनाने की इसकी क्षमता को रेखांकित करता है।
· फंड ने भारत सरकार से प्राप्त लगभग ₹7,000 करोड़ की आहरित पूंजी में से करीब ₹3,500 करोड़ की राशि वापस कर दी है।
स्वामिह निवेश कोष, घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने, आवास क्षेत्र को पुनर्जीवित करने, रोजगार सृजन और समग्र अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के एक उदाहरण के रूप में खड़ा है।
स्वामिह फंड-2:
1 फरवरी 2025 को, केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट 2025-26 में घोषणा की कि स्वामिह फंड-2 की स्थापना की जाएगी। यह सरकार, बैंकों और निजी निवेशकों के योगदान वाली एक 'ब्लेंडेड फाइनेंस फैसिलिटी' (मिश्रित वित्त सुविधा) होगी। ₹15,000 करोड़ के इस फंड का लक्ष्य अन्य 1 लाख आवास इकाइयों को शीघ्रता से पूरा करना होगा।
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स्वामिह फंड के बारे में
स्वामिह निवेश कोष का प्रबंधन भारतीय स्टेट बैंक की सहायक कंपनी एसबीआई वेंचर्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है। यह एक सामाजिक प्रभाव निवेश मंच के रूप में कार्य करता है, जो संकटग्रस्त आवासीय परियोजनाओं को 'लास्ट माइल फंडिंग' प्रदान करता है। इसमें वे परियोजनाएं भी शामिल हैं जो कानूनी चुनौतियों, एनपीए या डेवलपर की कमजोर बैलेंस शीट से प्रभावित हैं।
इस फंड ने भारत सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की भागीदारी के साथ कुल ₹15,531 करोड़ का कोष जुटाया है। इसका उद्देश्य संकटग्रस्त, 'ब्राउनफील्ड' और रेरा-पंजीकृत किफायती एवं मध्यम आय वाली आवास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराना है। इससे उन मध्यमवर्गीय परिवारों का वित्तीय बोझ कम हुआ है, जिन्हें प्रोजेक्ट में देरी के कारण ईएमआई और किराया दोनों का भुगतान करना पड़ रहा था।
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पीके/केसी/एसके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2212643)
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