कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
दक्षिणी राज्यों में जैविक खेती को बढ़ावा देना
प्रविष्टि तिथि:
12 DEC 2025 6:26PM by PIB Delhi
परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के माध्यम से तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना राज्यों में वर्ष 2015-16 से जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीकेवीवाई के तहत जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 3 वर्षों में प्रति हेक्टेयर 31,500 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसमें से 15,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता किसानों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से कृषि में उपयोग होने वाले जैविक खाद-बीज के लिए दी जाती है। इस वित्तीय सहायता में जैविक उत्पादों के विपणन के लिए सहायता भी शामिल है।
तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में पीकेवीवाई योजना के तहत वर्ष 2015-16 से 31.10.2025 तक जारी की गई धनराशि (केंद्रीय हिस्सा) और शामिल क्षेत्र निम्नलिखित है:
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राज्य का नाम
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जारी की गई राशि
(लाख रुपये में)
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शामिल क्षेत्र
(हेक्टेयर में)
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तमिलनाडु
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6236.35
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32,940
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कर्नाटक
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10049.36
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49,100
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केरल
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6732.97
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94,480
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तेलंगाना
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3576.78
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8,100
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पीकेवीवाई योजना के तहत किसानों को 3 साल की अवधि के लिए लाभ दिया जाता है। 2024-25 के दौरान, कर्नाटक में 11,630 और तमिलनाडु में 28,983 किसानों को पीकेवीवाई योजना से लाभ मिला है। हालांकि, केरल और तेलंगाना में 2024-25 के दौरान आवंटित धनराशि के बावजूद कोई व्यय नहीं हुआ है, इसलिए किसी भी किसान को लाभ नहीं मिला है।
पीकेवीवाई योजना के तहत पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष के दौरान तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और तेलंगाना को आवंटित धनराशि (केंद्रीय हिस्सा) निम्नानुसार है:
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राज्य का नाम
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आवंटन ( लाख रुपये में)
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2022-23
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2023-24
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2024-25
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2025-26
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तमिलनाडु
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704.87
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1564.00
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1620.00
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1556.00
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कर्नाटक
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1045.61
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2803.00
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1950.00
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1769.00
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केरल
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1712.07
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1047.00
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782.60
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1199.00
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तेलंगाना
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30.75
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568.00
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424.60
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1989.00
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नोट: केरल प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (बीपीकेपी) लागू कर रहा है, जो पीकेवीवाई का एक घटक है।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री रामनाथ ठाकुर ने आज राज्यसभा में लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
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केसी एके
(रिलीज़ आईडी: 2203402)
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