मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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केंद्रीय राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने त्रिशूर में एनएफडीपी के तहत मत्स्य पालन सहायता कार्यक्रम में सक्रिय पंजीकरण का आह्वान किया

प्रविष्टि तिथि: 25 OCT 2025 3:17PM by PIB Delhi

केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन ने मत्स्यपालन क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों से बीमा कवरेज और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय मत्स्यपालन विकास कार्यक्रम (एनएफडीपी) के तहत सक्रिय रूप से पंजीकरण कराने का आग्रह किया।

वे आज त्रिशूर में आयोजित मत्स्य पालन सहायता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री महोदय ने इस बात पर ज़ोर दिया कि राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मछुआरा समुदाय से जुड़े लोगों तक अधिक से अधिक लाभ पहुँचे।

मंत्री  महोदय ने मत्स्य उद्योग क्षेत्र में केन्द्र सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग देने के लिए केरल सरकार की सराहना की।

अवसंरचना विकास में हुई प्रगति पर प्रकाश डालते हुए श्री कुरियन ने कहा कि दोनों सरकारों के संयुक्त प्रयासों से कई मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों का पुनर्विकास किया गया है। मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों के विकास के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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मंत्री महोदय ने बताया कि केरल के नौ एकीकृत तटीय गाँवों को विकास के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि इन गाँवों में प्रसंस्करण केंद्र, कियोस्क और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाएँ स्थापित की जाएँगी। जलवायु-अनुकूल और तकनीक-आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाई गई इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा 2 करोड़ रूपए के आवंटन के साथ पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा। मंत्री महोदय ने यह भी बताया कि राज्य सरकार लाभार्थी गाँवों की पहचान करेगी।

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मंत्री महोदय ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हमें मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने कहा, "भारत आज मछली उत्पादन और प्रसंस्करण में दुनिया भर में दूसरे स्थान पर है, जो हमारे मछुआरों और मत्स्यपालकों की कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है।"

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मत्स्यपालकों की सहकारी समितियों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करती है कि उन्हें कल्याणकारी और विकास योजनाओं के अंतर्गत उचित लाभ मिले।

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अपने समापन संबोधन में मंत्री महोदय ने कहा कि भारत की ताकत उसकी एकता में निहित है और उन्होंने इस क्षेत्र के सभी लोगों से कड़ी मेहनत करने और 2047 तक प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान देने का आग्रह किया।

आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य भारत सरकार की विभिन्न कल्याण और आजीविका वृद्धि योजनाओं के बारे में मछुआरों और मछुआरों के बीच जागरूकता पैदा करना और टिकाऊ मत्स्य पालन प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

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कार्यक्रम के दौरान, श्री जॉर्ज कुरियन ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), ट्रांसपोंडर और एनएफडीपी पंजीकरण प्रमाण पत्र वितरित किए, और मछुआरों और मछली किसानों के साथ बातचीत की ताकि उनकी चुनौतियों को समझा जा सके और केरल के मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्रों को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की जा सके।

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यह कार्यक्रम मंत्री और हितधारकों के बीच सीधे संपर्क के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है, जिससे भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के अंतर्गत प्रमुख लाभों के वितरण में सुविधा होती है।

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पीके/केसी/एसके

 


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