महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 'विशेष अभियान 5.0' के लिए तैयार
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव श्री अनिल मलिक ने मंत्रालय के अंतर्गत सभी कार्यालयों से इस अभियान में उत्साह और सक्रियता के साथ भाग लेने का आग्रह किया
विशेष अभियान 4.0 के दौरान, मंत्रालय ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं; जिसमें देश भर में 33842 स्वच्छता अभियान पूरे करना शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप 4,17,645 वर्ग फुट कार्यालय स्थान मुक्त हुआ
विशेष अभियान 4.0 के तहत अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं के परिणामस्वरूप टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल प्रथाएं सामने आईं
प्रविष्टि तिथि:
18 SEP 2025 6:29PM by PIB Delhi
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी) 'विशेष अभियान 4.0' की सफलताओं के आधार पर आगामी 'विशेष अभियान 5.0' की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय अपनी विभिन्न योजनाओं और पहलों में दक्षता बढ़ाने, लंबित मामलों का निपटारा करने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के प्रयासों को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
I. विशेष अभियान 4.0 और इसकी निरंतरता (अक्टूबर, 2024 से अगस्त, 2025 तक की अवधि के लिए) के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्राप्त उपलब्धियां:
विशेष अभियान 4.0 ( 2 अक्टूबर-31 अक्टूबर , 2024) के कार्यान्वयन चरण और इसकी निरंतरता (1 नवंबर , 2024-31 अगस्त , 2025) के दौरान मंत्रालय ने पूरे देश में 33,842 स्वच्छता अभियान चलाए, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्र, बाल देखभाल संस्थान, वन-स्टॉप सेंटर, सखी निवास (वर्किंग वीमेन हॉस्टल) और शक्ति सदन (स्वाधार गृह) शामिल थे। इससे 4,17,645 वर्ग फुट का स्थान खाली हुआ। इसके अलावा, कबाड़ और ई-कचरे के निपटान से ₹ 5,86,583/- का राजस्व प्राप्त हुआ।
रिकॉर्ड प्रबंधन के संदर्भ में, मंत्रालय ने 3,464 भौतिक फाइलों की समीक्षा की, जिसमें से 3,418 को अभिलेख प्रबंधन के प्रावधानों के अनुसार हटा दिया गया। इसके अलावा, 5,485 ई-फाइलों (100%) की समीक्षा की गई, जिसमें से 2,771 को बंद कर दिया गया।
मंत्रालय ने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भी सर्वोत्तम प्रयास किए और मंत्रालय ने 47 सांसद संदर्भों में से 25, 20 संसदीय आश्वासनों में से 14 और 13 राज्य सरकार संदर्भों में से 7 का निपटान किया। अभियान के दौरान 7,046 जन शिकायतों और 1,099 शिकायत अपीलों को भी प्रभावी ढंग से हल किया गया।
विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत निम्नलिखित सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाया गया:
· मेघालय में वन-स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन के अधिकारियों ने टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने का संकल्प लिया, जैसे ऊर्जा-कुशल बल्बों का उपयोग करना और कागजों का पुन: उपयोग करना।
· वन-स्टॉप सेंटर के अधिकारियों ने न केवल कचरा-मुक्त वातावरण बनाने, बल्कि समाज को भी स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें।
· मेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में वन-स्टॉप सेंटर ने अपने कार्यालय के निर्माण स्थल पर वृक्षारोपण अभियान चलाया।
· उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में सरकारी गर्ल्स इंटर कॉलेज में वन-स्टॉप सेंटर द्वारा स्वच्छता, मासिक धर्म स्वच्छता और व्यक्तिगत सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
· अनंतनाग के पालाश में बाल देखभाल संस्थान (सीसीआई) में बच्चों के साथ "अपशिष्ट से सर्वोत्तम बनाना" (कचरे से बेहतरीन बनाना) गतिविधि का आयोजन किया गया। इससे बच्चों ने कलात्मक कौशल विकसित करने के साथ-साथ रीसाइक्लिंग और पुन: उपयोग के बारे में भी सीखा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं सचिव (महिला एवं बाल विकास) विशेष अभियान 4.0 के दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक स्वायत्त संगठन एसपीएनआईडब्ल्यूसीडी में स्वच्छता गतिविधियों का संचालन करते हुए

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री ज्ञानेश भारती विशेष अभियान 4.0 के दौरान मंत्रालय के रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण करते हुए।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री विशेष अभियान 4.0 के दौरान किए गए वृक्षारोपण गतिविधियों का उद्घाटन करती हुईं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के स्वायत्त निकाय, राष्ट्रीय महिला आयोग ने विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत “वेस्ट टू वंडर” प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपशिष्ट पदार्थों से कलाकृतियां बनाईं।

विशेष अभियान 4.0 के अंतर्गत, बेंगलुरु में शक्ति सदन ने स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए और आसपास के वातावरण को पुनर्जीवित करते हुए एक समर्पित स्वच्छता अभियान शुरू किया।

छत्तीसगढ़ के बाल गृह में विशेष अभियान 4.0 के तहत व्यक्तिगत स्वच्छता और मच्छर नियंत्रण पर केंद्रित सम्पूर्ण सफाई अभियान चलाया गया।
II. विशेष अभियान 5.0 का प्रारंभिक चरण:
विशेष अभियान 5.0 (15-30 सितंबर 2025) के प्रारंभिक चरण के दौरान , महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव, श्री अनिल मलिक ने मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों से उत्साह और सक्रियता के साथ अभियान में भाग लेने का आग्रह किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इस चरण के लक्ष्यों को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से तैयारी कर रहा है और अपनी गतिविधियों को अभियान के प्रमुख मापदंडों और लक्ष्यों के साथ संरेखित करेगा, जिससे मापनीय परिणाम और स्थायी प्रभाव सुनिश्चित होंगे।
*****
पीके/ केसी/ केजे/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2168275)
आगंतुक पटल : 50