खान मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने हरित विनिर्माण और संसाधन सुरक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए एल्युमीनियम क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण दस्तावेज जारी किया
Posted On:
04 JUL 2025 3:44PM by PIB Delhi
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने आज हैदराबाद में विश्व खनन कांग्रेस की भारतीय राष्ट्रीय समिति द्वारा उत्कृष्ट खदान बंद करने की प्रणालियों के माध्यम से दीर्घकालीन एवं उत्तरदायी खनन पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में एल्युमीनियम क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण दस्तावेज जारी किया।
श्री रेड्डी ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि एल्युमीनियम दृष्टिकोण दस्तावेज़ एक आत्मनिर्भर और संसाधन-सुरक्षित भारत के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आधुनिक अवसंरचना ढाँचे को सक्षम करने में एल्युमीनियम क्षेत्र की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। यह दस्तावेज़ राष्ट्रीय एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (नाल्को), हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वेदांता लिमिटेड, जवाहरलाल नेहरू एल्युमीनियम अनुसंधान विकास और डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी) और एल्युमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एएआई), एल्युमीनियम सेकेंडरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एएसएमए) और मेटल रिसाइक्लिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमआरएआई) जैसे प्रमुख क्षेत्र के संघों सहित उद्योग जगत के हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श के माध्यम से बनाया गया है।
दस्तावेज़ में वर्ष 2047 तक एल्युमीनियम उत्पादन को छह गुना बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक कार्ययोजना की रूपरेखा दी गई है। इसका उद्देश्य बॉक्साइट उत्पादन क्षमता को 150 एमटीपीए तक विस्तारित करना, राष्ट्रीय एल्युमीनियम रीसाइक्लिंग दर को दोगुना करना, कम कार्बन उत्सर्जन वाली प्रौद्योगिकियों को अपनाने को प्रोत्साहन देना और लक्षित नीति सुधारों और संस्थागत प्रणालियों के माध्यम से कच्चे माल की सुरक्षा को मजबूत करना है।
एल्युमीनियम दृष्टिकोण दस्तावेज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है और यह वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी तथा पर्यावरण की दृष्टि से उत्तरदायी एल्युमीनियम उद्योग की नींव रखता है।
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(Release ID: 2142222)
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