कोयला मंत्रालय
कोयला आपूर्ति श्रृंखला का सुदृढ़ीकरण
प्रविष्टि तिथि:
02 APR 2025 6:10PM by PIB Delhi
एक लचीली और लागत प्रभावी कोयला निकासी रसद प्रणाली स्थापित करने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए गए हैं:
- कोयला मंत्रालय द्वारा आपूर्ति श्रृंखला दक्षता बढ़ाने, लागत कम करने और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए फरवरी, 2024 में कोयला लॉजिस्टिक योजना और नीति शुरू की गई थी।
- खदानों से प्रेषण बिंदुओं तक कोयला निकासी की दक्षता बढ़ाने के लिए फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाओं का विकास। ये परियोजनाएं कम से कम मानवीय हस्तक्षेप के साथ कन्वेयर बेल्ट और क्रशर जैसे मशीनीकृत कोयला लोडिंग बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करती हैं, ताकि प्रणाली को अधिक लागत प्रभावी बनाया जा सके।
- कोयले की सुगम और तीव्र निकासी सुनिश्चित करने के लिए रेल नेटवर्क का विस्तार करने हेतु रेल अवसंरचना में सुधार।
- देश में कोयला परिवहन की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों के पास स्थित विद्युत संयंत्रों और उद्योगों के लिए कोयला निकासी हेतु रेल या सड़क के वैकल्पिक मार्ग के रूप में रेल-समुद्र-रेल मार्ग का उपयोग।
कोयला कम्पनियों द्वारा 386 मिलियन टन की कुल क्षमता वाली 39 फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी (एफएमसी) परियोजनाएं पूरी की गई हैं।
पिछले दो वर्षों के दौरान रेल-समुद्र-रेल मार्ग के जरिये कोयले की आवाजाही वित्तीय वर्ष 2021-22 में लगभग 28 मिलियन टन से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में लगभग 54 मिलियन टन हो गई है।
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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एमजी/केसी/आईएम/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2118009)
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