تعاون کی وزارت
प्रत्येक पंचायत/गांव में पैक्स/डेयरी/मत्स्य सहकारी समितियां
Posted On:
02 APR 2025 3:31PM by PIB Delhi
सरकार ने 2 लाख नए बहुउद्देश्यीय पैक्स (एम-पैक्स), डेयरी और मत्स्य पालन सहकारी समितियों की स्थापना के लिए योजना को मंजूरी प्रदान की है, जो देश के सभी पंचायतों/ग्रामों को भारत सरकार की विभिन्न मौजूदा योजनाओं के संयोजन के माध्यम से कवर करेगी, जिसमें डेयरी अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ), राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) आदि शामिल हैं, जिसके लिए राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (एनएफडीबी) और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों का समर्थन प्राप्त होगा।
इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार की योजनाओं का अभिसरण नवगठित डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों को अपनी गतिविधियों में विविधता लाने के लिए आवश्यक संरचना की स्थापना एवं आधुनिकीकरण करने में सहायता मिलेगी, जैसे दूध परीक्षण प्रयोगशालाएं, थोक दूध कूलर, दूध प्रसंस्करण इकाइयां, बायोफ्लोक तालाबों का निर्माण, मछली कियोस्क, हैचरी का विकास, गहरे समुद्र की मछली पकड़ने वाली नौकाओं का अधिग्रहण आदि।
इसके अलावा, पैक्स की व्यावसायिक गतिविधियों में विविधता लाने के लिए, सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को पैक्स के लिए आदर्श उपनियम सर्कुलेट किए हैं, जो उन्हें डेयरी, मत्स्य पालन, पुष्पोत्पादन, गोदामों की स्थापना, प्रसंस्करण, कृषि उपज का विपणन, कस्टम हायरिंग केंद्र, सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी), उचित मूल्य की दुकानें (एफपीएस), सामुदायिक सिंचाई आदि सहित 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियां करने में सक्षम बनाते हैं। बहुउद्देशीय पैक्स के रूप में नए पैक्स का पंजीकरण, उन्हें तथा उनके किसान सदस्यों को अपनी व्यावसायिक गतिविधियों में विविधता लाने, बाजारों एवं ऋण तक अपनी पहुंच बढ़ाने तथा अपने लिए राजस्व का अतिरिक्त स्रोत उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है।
27.1.2025 तक, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 12,957 नई एम-पैक्स, डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं, जिनके साथ 17,10,224 किसान सदस्य जुड़े हुए हैं, जिनका विवरण अनुलग्नक में है।
इन नए स्थापित सहकारी समितियों के गठन से उनके किसान सदस्यों को अपने उत्पादों को बाजार में पहुंचाने, अपने बाजार के आकार बढ़ाने, अपनी आय बढ़ाने, ऋण सुविधाएं प्राप्त करने और अन्य सेवाएं ग्रामीण स्तर पर ही प्राप्त करने के लिए आवश्यक आगे और पीछे के लिंक प्राप्त होते हैं, इस प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग प्राप्त होता है।
अनुलग्नक
नव पंजीकृत सहकारी समितियों का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण
क्रम संख्या
|
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
|
नव पंजीकृत एम-पैक्स, डीसीएस और एफसीएस की कुल संख्या
|
संबद्ध किसान सदस्यों की संख्या
|
-
|
अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह
|
9
|
9
|
-
|
आंध्र प्रदेश
|
897
|
18,018
|
-
|
अरुणाचल प्रदेश
|
33
|
1,337
|
-
|
असम
|
321
|
17,546
|
-
|
बिहार
|
308
|
80,873
|
-
|
छत्तीसगढ़
|
331
|
6,050
|
-
|
गोवा
|
12
|
247
|
-
|
गुजरात
|
733
|
98,031
|
-
|
हरियाणा
|
50
|
4,389
|
-
|
हिमाचल प्रदेश
|
411
|
8,556
|
-
|
जम्मू और कश्मीर
|
1,118
|
22,840
|
-
|
झारखंड
|
248
|
9,858
|
-
|
कर्नाटक
|
598
|
82,035
|
-
|
लद्दाख
|
4
|
371
|
-
|
लक्षद्वीप
|
7
|
508
|
-
|
मध्य प्रदेश
|
613
|
27,350
|
-
|
महाराष्ट्र
|
889
|
65,008
|
-
|
मणिपुर
|
95
|
11,216
|
-
|
मेघालय
|
206
|
11,994
|
-
|
मिजोरम
|
29
|
1,093
|
-
|
नागालैंड
|
14
|
657
|
-
|
ओडिशा
|
1,535
|
6,87,126
|
-
|
पुदुचेरी
|
7
|
507
|
-
|
पंजाब
|
80
|
1,851
|
-
|
राजस्थान
|
1,995
|
3,22,255
|
-
|
सिक्किम
|
57
|
1,192
|
-
|
तमिलनाडु
|
520
|
36,271
|
-
|
तेलंगाना
|
82
|
2,345
|
-
|
दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव
|
5
|
298
|
-
|
त्रिपुरा
|
40
|
961
|
-
|
उत्तर प्रदेश
|
1,464
|
1,79,926
|
-
|
उत्तराखंड
|
147
|
3,612
|
-
|
पश्चिम बंगाल
|
99
|
5,799
|
-
|
कुल
|
12,957
|
17,10,224
|
यह जानकारी केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
****
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