स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
एनीमिया मुक्त भारत पर अपडेट
सरकार सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के लिए सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना, एकीकृत बाल विकास सेवाओं के माध्यम से समृद्ध फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करती है
चावल फोर्टिफिकेशन पहल को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया है और मार्च 2024 तक सरकार की योजनाओं में सभी कस्टम-मिल्ड चावल को फोर्टिफाइड चावल से बदल दिया गया है
फोर्टिफाइड चावल, फोर्टिफाइड चावल कर्नेल और फोर्टिफाइड चावल कर्नेल प्रीमिक्स के लिए एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित प्रयोगशालाओं की संख्या क्रमशः 57, 35 और 15 है
प्रविष्टि तिथि:
01 APR 2025 2:14PM by National
भारत सरकार छह उपायों के कार्यान्वयन के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं सहित बच्चों में एनीमिया की रोकथाम के लिए एनीमिया मुक्त भारत (एएमबी) रणनीति को लागू करती है। इन उपायों में प्रोफाइलैक्टिक आयरन और फोलिक एसिड अनुपूरण (आईएफए सिरप 6-59 महीने के बच्चों को दो बार प्रदान किया जाता है, आईएफए गुलाबी गोलियां 5-9 साल के बच्चों को प्रदान की जाती हैं, आईएफए नीली गोलियां 10-19 साल के किशोरों को प्रदान की जाती हैं, प्रजनन आयु समूह की महिलाओं को साप्ताहिक रूप से आईएफए लाल गोलियां और गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 180 दिनों के लिए प्रतिदिन आईएफए लाल गोलियां प्रदान की जाती हैं), कृमि मुक्ति (गर्भवती महिलाओं को दूसरी तिमाही में एल्बेंडाजोल की गोली दी गई और सभी बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान एल्बेंडाजोल की गोलियां दी गईं), व्यवहार परिवर्तन संचार अभियान, एनीमिया के लिए जांच तथा एनीमिया प्रबंधन प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार, सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आईएफए युक्त खाद्य पदार्थों का अनिवार्य प्रावधान तथा मजबूत संस्थागत तंत्र के माध्यम से एनीमिया के गैर-पोषण संबंधी कारणों, विशेष रूप से मलेरिया, फ्लोरोसिस तथा हीमोग्लोबिनोपैथी का समाधान शामिल हैं।
राज्यों को उनके वार्षिक कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं में प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा धनराशि प्रदान की जाती है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए, एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों को लागू करने के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 805.91 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकार सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से निपटने के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस), प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना, एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं (ओडब्ल्यूएस) के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी12 जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से समृद्ध फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करती है। चावल फोर्टिफिकेशन पहल को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया और मार्च 2024 तक सरकार की हर योजना में सभी कस्टम-मिल्ड चावल को फोर्टिफाइड चावल से बदल दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित प्रयोगशालाओं की एक सूची जारी की है जिन्हें विशेष रूप से फोर्टिफाइड चावल, फोर्टिफाइड चावल कर्नेल (एफआरके) और फोर्टिफाइड चावल कर्नेल के लिए प्रीमिक्स में फोर्टिफिकेंट्स (आयरन, विटामिन बी12 और विटामिन बी9) के परीक्षण के लिए मंजूरी दी गई है। फोर्टिफाइड चावल, फोर्टिफाइड चावल कर्नेल (एफआरके) और फोर्टिफाइड चावल कर्नेल के लिए प्रीमिक्स हेतु अधिसूचित प्रयोगशालाओं की संख्या क्रमशः 57, 35 और 15 है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज राज्य सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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एमजी/केसी/बीयू/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2117269)
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